भारत के विभिन्न राज्यों में खान-पान की अपनी अनूठी और समृद्ध परंपराएं हैं, जो वहां की संस्कृति से जुड़ी होती हैं। ऐसा ही एक पारंपरिक व्यंजन बिहार और झारखंड के ग्रामीण इलाकों में लोकप्रिय है, जिसे पनपथी रोटी या पानी के हाथ की रोटी कहा जाता है। इस अनोखी रोटी की खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए चकला या बेलन की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इसे हाथों की हथेलियों और पानी की मदद से फैलाकर तैयार किया जाता है।

पुराने समय में जब घरों में आधुनिक बर्तन या बेलन-चकले का अधिक चलन नहीं था, तब महिलाएं चूल्हे पर इसी पारंपरिक विधि से रोटियां बनाया करती थीं। नीचे लेख में जानें इसे बनाने के तरीका।

बिहार-झारखंड की पारंपरिक पनपथी रोटी बनाने का तरीका

आमतौर पर लोग चकला और बेलन की मदद से रोटी बनाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि बिहार-झारखंड में पानी की मदद से रोटी बनाई जाती है, जिसे पानपथी रोटी कहते हैं। नीचे पढ़ें पूरा तरीका-

आवश्यक सामग्री

इस पारंपरिक और स्वादिष्ट रोटी को बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा तामझाम की जरूरत नहीं होती है। यह घर में मौजूद साधारण सामग्रियों से ही झटपट तैयार हो जाती है।

  • गेहूं का आटा- 2 कप (लगभग 300 ग्राम)
  • बेसन- आधा कप (स्वाद और खस्तापन बढ़ाने के लिए)
  • अजवाइन- आधी छोटी चम्मच
  • तेल या घी- 2 छोटे चम्मच (आटे में मोयन के लिए)
  • नमक- स्वादानुसार (लगभग आधी छोटी चम्मच से थोड़ा ज्यादा)
  • पानी- आटा गूंथने और हाथ गीला करने के लिए हल्का गर्म पानी
  • घी- सिंकने के बाद ऊपर से लगाने के लिए

आटा तैयार करने की विधि

अगर आप पनपथी रोटी बनाना चाहती हैं, नीचे बताए गए आसान प्रक्रिया से इसे बना सकती हैं। पढ़ें पूरा तरीका-

  • सबसे पहले एक बड़े बर्तन या थाली में गेहूं का आटा और बेसन दोनों को छानकर मिला लें।
  • अब इसमें अजवाइन, नमक और 2 छोटे चम्मच तेल या घी डालकर सभी चीजों को अपने हाथों से अच्छी तरह मिला लें।
  • इसके बाद थोड़ा-थोड़ा हल्का गर्म पानी डालते हुए आटा गूंथना शुरू करें।
  • ध्यान रहे कि इस रोटी के लिए आटा सामान्य चपाती के मुकाबले थोड़ा सख्त गूंथा जाता है।
  • जब आटा अच्छी तरह बंध जाए, तो उसे हथेलियों से मसलकर चिकना कर लें।
  • अब इसे किसी बर्तन से ढककर लगभग 20 मिनट के लिए सेट होने के लिए रख दें।

हाथों से रोटी फैलाने की प्रक्रिया

इस रोटी को बेलन से नहीं बल्कि हाथों से फैलाया जाता है, इसलिए यह प्रक्रिया अनोखी होती है। नीचे जानें-

  • तय समय के बाद आटे को एक बार फिर से हल्का सा मसल लें।
  • अब इसमें से सामान्य से थोड़ी बड़ी लोई तोड़कर अलग कर लें।
  • इस लोई को दोनों हथेलियों के बीच घुमाते हुए एकदम चिकना और गोल कर लें।
  • अब अपने दोनों हाथों पर थोड़ा सा पानी लगाएं ताकि आटा हाथों में चिपके नहीं।
  • तैयार लोई को एक हाथ की हथेली पर रखें।
  • इसके बाद दूसरे हाथ की उंगलियों तथा अंगूठे की मदद से इसे बीच से दबाते हुए चारों तरफ से धीरे-धीरे बड़ा करना शुरू करें।
  • लोई जब थोड़ी बड़ी हो जाए, तो इसे दोनों हथेलियों के बीच रखकर हल्के हाथों से थपथपाते हुए और चौड़ा कर लें।
  • इसे अपनी सुविधा के अनुसार इतना पतला फैलाएं कि यह तवे पर आसानी से सिक सके।

सेकने का पारंपरिक तरीका और परोसना

सबसे पहले गैस पर एक तवा गर्म करने के लिए रखें। जब तवा मीडियम गर्म हो जाए, तब अपने हाथों पर लगे पानी की मदद से बढ़ाई गई रोटी को बहुत सावधानी से उठाकर तवे पर डालें। रोटी को एक तरफ से हल्का सिकने दें, फिर इसे पलट दें और दूसरी तरफ से भी भूरे रंग के चित्ते आने तक पकने दें।

इसके बाद तवे को गैस से हटाकर रोटी को सीधे धीमी-मध्यम आंच पर ग्रिल या चिमटे की मदद से दोनों तरफ से अच्छी तरह सेक लें, ताकि यह अंदर तक पक जाए। जब रोटी दोनों तरफ से करारी और सुनहरी सिक जाए, तो इसे नीचे उतारकर इस पर गरमा-गरम शुद्ध देसी घी लगाएं।

इस रोटी को यूपी में हथपोई के नाम से भी जाना जाता है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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