जबसे स‍िद्धार्थ मल्‍होत्रा और तमन्‍ना भाट‍िया की फ‍िल्‍म The Vvaan: Force Of The Forrest र‍िलीज हुई है, तभी से छठ महापर्व और इससे जुड़ी चीजें लोगों के बीच चर्चा में हैं। ये तो आप सभी जानती ही हैंब क‍ि छठ महापर्व में सूर्य देव की पूजा से लेकर प्रसाद तक, हर चीज का अपना खास मतलब है। इसी प्रसाद में सबसे खास नाम ठेकुआ का आता है।

बिहार और आसपास के इलाकों में ठेकुआ सिर्फ खाने की चीज नहीं है, बल्कि छठ पूजा की पहचान है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इस पकवान का नाम ठेकुआ क्यों पड़ा? इसे बनाने की शुरुआत कब हुई और इसके पीछे कौन-कौन सी कहानियां जुड़ी हैं? आज हम आपको अपने इस लेख में इन्‍हीं सब सवालों के जवाब दे रहे हैं। आइए जानते हैं-

image credit- magnific

ठेकुआ नाम आखिर पड़ा कैसे?

ठेकुआ के नाम को लेकर एक दिलचस्प कहानी है। कहा जाता है कि इसका नाम ठोकने या दबाने की प्रॉसेस से जुड़ा हुआ है। जब ठेकुआ बनाया जाता है तो आटे की लोई को लकड़ी के नक्काशी वाले सांचे पर रखा जाता है। इसके बाद हथेली से इसे दबाया जाता है। इस तरह आटे पर सांचे की खूबसूरत डिजाइन बन जाती है। माना जाता है कि इसी तरह ठोककर या दबाकर इसे आकार देने की वजह से इसका नाम ठेकुआ पड़ा।

हजारों साल पुराना है ठेकुआ का इतिहास

ठेकुआ कब से बनाया जा रहा है, इसका कोई पुख्‍ता सबूत तो नहीं म‍िला है। जागरण में छपी एक खबर के मुताब‍िक, ठेकुआ का इतिहास हजारों साल पुराना है। इसके इतिहास को लेकर एक कहानी ऋग्वेद में बताए गए अपूप नाम के पकवान से है। ऐसा कहा जाता क‍ि अपूप आटे और गुड़ से तैयार किया जाता था और इसे घी में पकाया जाता था। ठेकुआ भी आटे और गुड़ से बनने वाला पकवान है, इसलिए लोग इन दोनों को कनेक्‍ट करके देखते हैं।

गेहूं और गुड़ से भी जुड़ी है एक कहानी

ठेकुआ के इतिहास को लेकर एक दूसरी मान्यता बिहार की खेती-किसानी से जुड़ी है। बिहार को कृषि प्रधान राज्य माना जाता है। ऐसे में जब खेतों से गेहूं और गन्ने की नई फसल घर पर आती थी, तो सूर्य देव को धन्यवाद देने के लिए गेहूं और गुड़ से ठेकुआ बनाने की शुरुआत हुई।

लंबी यात्रा में भी काम आता था ठेकुआ

ठेकुआ से जुड़ी एक और दिलचस्प कहानी पुराने समय की है। पुराने समय में फ्र‍िज होता नहीं था। ऐसे में जब लोग लंबी यात्रा पर जाते थे, तो उन्‍हें ऐसी वीजें ही बनाकर दी जाती थीं, जो जल्दी खराब न हो और रास्ते में पेट भी भर सके। ऐसे में लोगों ने ठेकुआ बनाने की शुरुआत की। यह ब‍िना फ्र‍िज के कई द‍िनों तक आराम से चल जाता है। इस खाने से शरीर को एनर्जी भी मिलती थी।

छठ और ठेकुआ का रिश्ता क्‍या है?

ठेकुआ की ग‍िनती छठ महापर्व के सबसे खास प्रसादों में होती है। छठ के दौरान सूर्य देव को अर्घ्य देते समय मौसमी फलों के साथ ठेकुआ भी रखा जाता है। ठेकुआ के बिना छठ का प्रसाद पूरा नहीं माना जाता है। इसी वजह से ठेकुआ सिर्फ एक पकवान नहीं रह गया बल्कि छठ की पहचान भी है।

image credit- youtube/screengrab

छठ के लिए खास तरीके से बनाया जाता है ठेकुआ

छठ के लिए ठेकुआ बनाते समय साफ-सफाई और शुद्धता का खास ध्यान रखा जाता है। पुराने समय में इसे मिट्टी के चूल्हे पर बनाया जाता था। हालांक‍ि, अब समय बदल गया है। कई घरों में गैस चूल्हे पर भी ठेकुआ बनाया जाता है।

The Vvaan से फिर चर्चा में आई छठ की दुनिया

अगर आपने फि‍ल्‍म The Vvaan देखी होगी तो छठ पूजा जरूर देखा होगा। फिल्म के जरिए छठ से जुड़ी उन चीजों पर भी लोगों का ध्यान जा रहा है। ठेकुआ भी ऐसी ही एक चीज है।

अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Cover Image Credit- AI