मेरठ, उत्तर प्रदेश का एक ऐसा शहर है, जो अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां आप भोलेनाथ को समपर्पित ऐसे कई मंदिर में दशन कर पाएंगी, जो अपने धार्मिक इतिहास के लिए हर साल हजारों भक्तों को आकर्षित करता है। सावन के महीने में इन मंदिरों की खूबसूरती और भी ज्यादा बढ़ जाती है, जब कांवड़िए और शिव भक्त जलाभिषेक के लिए यहां आते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको मेरठ के सबसे फेमस मंदिरों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
श्री बाबा औघड़नाथ शिव मंदिर
औघड़नाथ मंदिर केवल मेरठ ही नहीं, बल्कि पूरे देश में अपने इतिहास की वजह से फेमस है। इस मंदिर को काली पलटन मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि इस मंदिर में स्थित शिवलिंग पर जल चढ़ाने से भगवान सभी इच्छाएं पूरी करते हैं। यह एक प्राचीन शिवलिंग है। इसी मंदिर का इतिहास साल 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा हुआ माना जाता है। कहते हैं कि उस समय सैनिक इस स्थान पर आते थे और यहां पर आंदोलन को लेकर योजना बनाते थे।
कैसे पहुंचे?
- यह मंदिर मेरठ कैंट क्षेत्र में स्थित है।
- अगर आप रेलवे स्टेशन से आ रही हैं, तो मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन से मंदिर ऑटो, ई-रिक्शा और कैब से पहुंच सकते हैं। रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 3 किमी है।
- बस से आ रही हैं, तो मेरठ बस अड्डे से मंदिर की दूरी लगभग 1.8 किमी है।
बिल्वेश्वर महादेव मंदिर, मेरठ
बिल्वेश्वर महादेव मंदिर मेरठ के प्राचीन शिव मंदिरों में गिना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस मंदिर रावण की पत्नी मंदोदरी ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी और भगवान से ज्ञानी पति की प्राप्ति के लिए वरदान मांगा था।
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कैसे पहुंचे?
- यह मंदिर मेरठ शहर में स्थित है।
- अगर आप रेलवे स्टेशन से आ रही हैं, तो मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 2 किमी है। आप ऑटो से आराम से यहां आ सकती हैं।
- बस से आ रहे यात्रियों को यहां पहुंचे में लगभग 20 मिनट का समय लग सकता है। बस स्टैंड से ऑटो या रिक्शा बुक कर सकती हैं।
पांडेश्वर महादेव मंदिर, मेरठ
पांडेश्वर महादेव मंदिर मेरठ के ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है। इस मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ी कथाओं से जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि पांचों पांडवों और द्रौपदी ने भगवान शिव की इस मंदिर में पूजा की थी और शिवलिंग की स्थापना की थी।
कैसे पहुंचे?
- यह मंदिर हस्तिनापुर पांडव टीले के पास यह मंदिर स्थित है। मेरठ से यहां पहुंचने में लगभग 45 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
इन सभी मंदिरों में आपको सावन के दौरान धार्मिक वातावरण देखने को मिलेगा। यहां शिवलिंग की पूजा और जलाभिषेक करने के लिए भक्त दूर-दूर से आते हैं। आप भी अगर आस-पास के शहरों में रहती हैं, तो यहां आने का प्लान कर सकती हैं।
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Image Credit: Magnific, heritagemeerut.in official website
