पितृपक्ष में जब घर में श्राद्ध का भोजन तैयार किया जाता है तो कोशिश रहती है कि खाना सादा, ताजा और सात्विक हो। इस दिन बनाई जाने वाली थाली में ऐसी चीजें रखी जाती हैं, जिन्हें परिवार में लंबे समय से श्राद्ध के भोजन का हिस्सा माना जाता है। खीर, पूरी, दाल, चावल और सब्जी जैसी चीजें कई घरों में बनाई जाती हैं।
इसके साथ ही एक खास बात यह भी है कि जिन परिवारों में पितरों की पसंद का खाना याद रखा जाता है, वहां उनकी पसंदीदा डिश को भी थाली में जगह देने की मान्यता है। यानी अगर घर के किसी बुजुर्ग को कोई खास मिठाई या सब्जी बहुत पसंद थी, तो श्राद्ध के दिन उसे बनाकर पितरों को याद किया जाता है। हम आपको इसके बारे में जानकारी दे रहे हैं।
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पितरों के लिए कैसी होनी चाहिए थाली?
आपको बता दें कि श्राद्ध की थाली को लेकर हर घर में एक जैसा नियम नहीं होता है। अलग-अलग जगह और परिवार के हिसाब से इसमें थोड़ा बदलाव देखने को मिलते हैं। फिर भी आमतौर पर खाना सादा रखा जाता है और बहुत ज्यादा मसालेदार या तामझाम वाला भोजन बनाने के बजाय घर का बना सामान्य खाना तैयार किया जाता है। कई परिवारों में प्याज-लहसुन का इस्तेमाल भी नहीं किया जाता है। ऐसी थाली में आप ये चीजें शामिल कर सकती हैं-
- खीर
- पूड़ी
- दाल
- चावल
- कद्दू की सब्जी
- दूसरी मौसमी सब्जी
- तिल से बनी मिठाई
- परिवार की परंपरा के हिसाब से बनाएं कोई खास पकवान
मीठे में रखें खीर
श्राद्ध की थाली जब भी तैयार की जाती है तो खीर का नाम सबसे पहले लिया जाता है। कई घरों में चावल और दूध से खीर तैयार की जाती है। कुछ जगह मखाने की खीर भी बनाई जाती है। ऐसे में अगर आपके परिवार में किसी दिवंगत सदस्य को कोई स्पेशल खीर पसंद थी जैसे- चावल, मखाने, साबूदाना या सेवई तो उनकी पसंद को ध्यान में रखते हुए उसी तरह की खीर बना सकती हैं।
पूड़ी के साथ रखें उनकी पसंदीदा सब्जी
श्राद्ध के खाने में पूड़ी भी जरूर बनाई जाती है। इसके साथ कद्दू या अरबी की सब्जी रखते हैं, लेकर अगर आपके घर के पितरों को कोई सब्जी बहुत ज्यादा पसंद थी जैसे पनीर, छोले, जिमीकंद तो आप इसकी सब्जी भी बना सकती हैं। इसके अलावा परिवार और इलाके की परंपरा के हिसाब से दूसरी मौसमी सब्जियां भी थाली में रख दें।
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चने की दाल या दूसरी सादी दाल
श्राद्ध की थाली में दाल भी रखी जा सकती है। ऐसे में अगर आपके यहां प्याज-लहसुन का इस्तेमाल नहीं होता है, तो चने की दाल को बिना प्याज-लहसुन के सादे तरीके से बना दें। कुछ परिवारों में दूसरी दाल भी परंपरा के अनुसार बनाई जाती है। अगर आपके यहां के पितरों को तड़के वाली दाल पसंद थी, तो आप इसमें थोड़ा सा ट्विस्ट एड कर सकती हैं, इसे ढाबे वाला टच देकर।
चावल भी रखें
चावल भी श्राद्ध की थाली का हिस्सा होते हैं। ऐसे में आप उनकी पसंद के हिसाब से सादे चावल या फ्राइड राइस को भी थाली का हिस्सा बना सकती हैं।
पितरों की पसंदीदा डिश जरूर याद रखें
थाली में आप उनकी पसंद की बाकी चीजें भी रख सकती हैं। जैसे उनकी पसंद की पेस्ट्री, समोसे, पकौड़े, कचौड़ियां या कोई नमकीन। इसके अलावा मीठे में अगर खीर के अलावा, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, रसमलाई, रबड़ी या चमचम पसंद है, तो इन्हें भी थाली में जगह दें। क्योंकि मान्यता है कि पितरों की पसंद का खाना उनके लिए बनाया जाता है।
पितृपक्ष की थाली बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप पितृपक्ष की थाली तैयार कर रही हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। जैसे-
- खाना फ्रेश और घर का बना ही थाली में रखें।
- थाली में पितरों की पसंद को ही प्राथमिकता दें।
- प्याज-लहसुन को लेकर अपने परिवार में चली आ रही परंपरा का ध्यान रखें।
- खाना बनाते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें।
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डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और लोक परंपराओं पर आधारित है। श्राद्ध पूजा और थाली से जुड़े नियमों के लिए अपने परिवार के बुजुर्गों या पंडित जी की सलाह जरूर लें।
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