लंबे समय से आहार में मोटे अनाज को शामिल करने की चर्चा हो रही है, लेकिन अधिकांश लोग इसके फायदे जानने के बाद भी इसे अपनी डाइट में शामिल नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उन्हें दलिया, क्विनोआ के अलावा इस अनाज से बनने वाली चीजें पता नहीं है। इसलिए, आज शेफ गौतम चौधरी ऐसी मॉडर्न रेसिपीज बता रहे हैं, जिन्हें रोज की डाइट में शामिल करके इनका लाभ लिया जा सकता है।
ये हैं मोटे अनाज की कुछ मॉडर्न रेसिपीज
रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां ज्यादा हो रही हैं,ऐसे में डॉक्टर लोगों को खान-पान में बदलाव की सलाह देते हैं। इस खान-पान में मुख्य रुप से मोटे अनाज को शामिल करने की बात कही जाती है। जिन लोगों को कब्ज या एसिडिटी की समस्या है या फिर जो लोग शुगर और अपने वजन को कंट्रोल में रखना चाहते हैं, उनके लिए मोटा अनाज रामबाण साबित हो सकता है। मोटे अनाज में वे सारे पोषक तत्व मौजूद हैं, जो स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक है।
एवोकाडो टोस्ट
बच्चों को नाश्ते या टिफिन में टोस्ट बहुत पसंद है। ऐसे में मल्टीग्रेन ब्रेड के ऊपर मैश किए हुए एवोकाडो, टमाटर और खीरा रखकर टेस्टी टोस्ट बनाया जा सकता है। इसके ऊपर आप चिली फ्लेक्स और सोया पत्ती भी छिड़क सकते हैं। यह नाश्ता बहुत जल्दी तैयार होता है और खाने में स्वादिष्ट भी है।
बादाम बटर और फ्रूट टोस्ट
मल्टीग्रेन ब्रेड पर बादाम का बटर लगाकर ऊपर से केला, चिया सीड्स और थोड़ा सा शहद डाला जा सकता है। यह फ्रूट टोस्ट खाने में स्वादिष्ट और पेट भरने वाला होता है। इसे आप ऑफिस लेकर भी जा सकते हैं।
ओट्स वफल
नाश्ते में जंक फूड की बजाय ओट्स वफल खाए जा सकते हैं। मल्टीग्रेन के वफल डाइजेशन को हेल्दी रखने में मदद करते हैं। इससे पेट काफी समय तक भरा रहता है और पूरे दिन शरीर ऊर्जावान महसूस करता है। इसे और टेस्टी बनाने के लिए इसपर ताजे फल, शहद या मेपल सिरप और पीनट बटर लगाया जा सकता है।
मोटे अनाज का पारंपरिक नाश्ता
दलिया, ब्राउन राइस और क्विनोआ मोटे अनाज में काफी लोकप्रिय है। लोग मीठा या नमकीन दलिया बड़े चाव से खाते हैं। दलिया हल्का होने की वजह से इसे सुबह और रात दोनों समय आहार में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही क्विनोआ पुलाव भी टेस्टी होते हैं। इसमें खूब सारी सब्जियां डालने के कारण पौष्टिकता बढ़ जाती है। इसके अलावा, जो लोग वजन और शुगर नियंत्रण के लिए सफेद चावल नहीं खाते हैं, वे ब्राउन राइस भी खा सकते हैं। साथ ही सर्दियों के मौसम में मोटे अनाज की रोटियां स्वास्थ्यवर्धक होती हैं। आप चाहें तो रागी के चीले भी बना सकते हैं।
अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल, दिल्ली की डायटीशियन, डॉक्टर चारु खातिवाला बताती हैं कि मोटे अनाज में फाइबर, विटामिन, प्रोटीन, मैग्नेशियम, कैल्शियम आदि पोषक तत्व होने के कारण डॉक्टर इसे आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं, लेकिन इसे सुपरफूड समझकर जरूरत से ज्यादा खाना भी सही नहीं है। संतुलित डाइट और व्यक्ति की जरूरत के अनुसार इनका सेवन करना ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। इसके साथ इस अनाज को भिगोकर खाने से यह जल्दी हजम होता है।
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लेखक- सुमन अग्रवाल
