सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति का सबसे अच्छा समय माना जाता है। इस दौरान देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। काेई जलाभिषेक करने जाता है, तो कुछ अपनी मनोकामना लेकर भाेलेनाथ के दरबार पहुंचते हैं। इस समय लोग भगवान शिव के अनोखें मंदिरों के बारे में भी जानना चाहते हैं।
भगवान शिव के अनोखे मंदिर
वैसे तो भारत में हजारों शिव मंदिर हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी मंदिर हैं जो अपनी अनोखी परंपराओं के लिए अलग पहवान रखते हैं। इनमें से दो मंदिर ऐसे हैं जिनके कपाट पूरे साल बंद रहते हैं। साल में सिर्फ एक बार इनके कपाट खोले जाते हैं। एक के कपाट तो सावन में खुलते हैं, दूसरे के कपाट भगवान शिव के ही खास त्योहार पर खोले जाते हैं। आइए जानते हैं-
1. उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर
मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर परिसर में तीसरी मंजिल पर भगवान नागचंद्रेश्वर का भी मंदिर है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके कपाट साल में सिर्फ एक बार नाग पंचमी के दिन 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं। बाकी पूरे साल यह मंदिर बंद रहता है।
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क्यों है यह मंदिर इतना खास?
मंदिर में भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की दुर्लभ प्रतिमा है। यहां भगवान शिव नाग की शय्या पर हैं। ऐसी प्रतिमा बहुत कम जगह देखने को मिलती है। माना जाता है कि नाग पंचमी के दिन यहां दर्शन करने और पूजा करने से भगवान शिव और नाग देवता का आशीर्वाद मिलता है। श्रद्धालु यह भी मानते हैं कि सच्चे मन से प्रार्थना करने पर उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कुछ लोगों की आस्था है कि यहां दर्शन करने से कालसर्प दोष से भी राहत मिलती है।
कैसे पहुंचें उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर?
सबसे पहले ताे आपको उज्जैन पहुंचना होगा। यहां उज्जैन जंक्शन मेन रेलवे स्टेशन है। यहां से मंदिर मात्र 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर है, जहां से ऑटो या ई-रिक्शा आसानी से मिल जाते हैं। आप अपने शहर से यहां ट्रेन से आ सकती हैं। फ्लाइट से आने के लिए इंदौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट पर उतरना होगा, जो उज्जैन से लगभग 53 किलोमीटर दूर है। यहां से आप बस या टैक्सी ले सकती हैं। चाहें तो बस या प्राइवेट कार से भी उज्जैन आ सकती हैं। अब उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर इस तरह पहुंच सकती हैं-
- नागचंद्रेश्वर मंदिर के लिए आपको महाकाल मंदिर के लिए ही आटो या टैक्सी लेनी होगी।
- महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सबसे ऊपरी मंजिल पर नागचंद्रेश्वर मंदिर स्थित है।
- नागपंचमी के दिन आपको लाइन लगाकर खड़ा होना पड़ सकता है।
- आप तय किए गए रास्ते और सीढ़ियों के जरिए मंदिर की ऊपरी मंजिल तक पहुंच सकती हैं।
2. रायसेन का सोमेश्वर महादेव मंदिर
मध्य प्रदेश में ही रायसेन जिले की पहाड़ियों पर स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर भी अपनी अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है। यह मंदिर ऊंचाई पर बना हुआ है और यहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को चढ़ाई करनी पड़ती है।
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साल में सिर्फ एक बार खुलते हैं सोमेश्वर महादेव मंदिर के कपाट
स्थानीय परंपरा के अनुसार, इस मंदिर के कपाट महाशिवरात्रि के दिन कुछ घंटों के लिए ही खोले जाते हैं। इसी दौरान श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा कर पाते हैं। बाकी पूरे साल मंदिर बंद रहता है।
मंदिर बंद रहने पर भी पहुंचते हैं श्रद्धालु
मंदिर के कपाट बंद होने के बावजूद श्रद्धालु यहां आना नहीं छोड़ते है। लोग मंदिर के बाहर से ही भगवान शिव को प्रणाम करते हैं और अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। यहां आने वाले कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना मांगते समय मंदिर के प्रवेश द्वार पर कलावा बांधते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इच्छा पूरी होने के बाद भक्त दोबारा यहां आकर वही कलावा खोलते हैं। हालांकि, यह स्थानीय धार्मिक परंपरा है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।
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कैसे पहुंचें रायसेन के सोमेश्वर महादेव मंदिर?
- रायसेन भी मध्य प्रदेश में है। मंदिर जाने के लिए आपको पहले रायसेन पहुंचना होगा।
- रायसेन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से केवल लगभग 45 किलोमीटर दूर है।
- रेलवे स्टेशन भोपाल जंक्शन से आप रायसेन के लिए टैक्सी, कैब या बस ले सकती हैं।
- रायसेन पहुंचने के बाद आपको किले के निचले हिस्से (तलहटी) तक जाना होगा। वहां से मंदिर तक जाने के लिए पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है।
- यह मंदिर साल में केवल एक बार महाशिवरात्रि के दिन ही श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। बाकी समय में आप किले के बाहर से दर्शन कर सकती हैं।
- अगर आप सावन में यहां जा रही हैं तो रायसेन किला घूम सकती हैं, लेकिन मंदिर के अंदर पूजा-अर्चना केवल महाशिवरात्रि के दिन ही हो पाती है।
क्यों खास हैं ये दोनों मंदिर?
इन दोनों मंदिरों की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इनके दर्शन रोज नहीं किए जा सकते। पूरे साल इंतजार करने के बाद कुछ घंटों या सिर्फ एक दिन के लिए ही श्रद्धालुओं को भगवान शिव के दर्शन का अवसर मिलता है। यही वजह है कि जब भी मंदिर खुलते हैं, लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
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तो अगर आप भी भगवान शिव की भक्त हैं और किसी अलग तरह के धार्मिक अनुभव की तलाश में हैं, तो उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर और रायसेन का सोमेश्वर महादेव मंदिर आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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