एक दिन के लिए कोई व्यक्ति दरवाजा खोल के बाहर चला जाए, तो उसके घर में चोरी हो सकती हैं। मगर भारत के सपनों के शहर यानी महाराष्ट्र में एक ऐसा गांव है, जहां न लोगों के घरों में दरवाजे है और कोई ताले। इसके बावजूद यहां के लोग बेफ्रिक होकर रहते हैं। इतना ही नहीं यहां के बैंक में भी ताले नहीं लगाए जाते हैं। अब ऐसे में मन में सवाल आता है कि आखिर ऐसा कैसे? नीचे लेख में जानें इसके पीछे की वजह
भारत के किस गांव में लोगों के घरों में दरवाजे नहीं हैं?
महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में बसा शनि शिंगणापुर एक बेहद अनोखा गांव है, जहां किसी भी घर, दुकान या यहां तक कि बैंक में भी दरवाजे और ताले नहीं लगाए जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि बिना सुरक्षा के भी यहां के लोग पूरी तरह बेखौफ और सुरक्षित महसूस करते हैं।
इसे भ पढ़ें- UP का अनोखा गांव, जहां रक्षाबंधन पर सूनी रहती हैं भाइयों की कलाइयां; जानें क्या है इसके पीछे का खौफ?
शनि शिंगणापुर गांव में किसी के घर में दरवाजे क्यों नहीं हैं?
शनि शिंगणापुर गांव में किसी के घर में दरवाजे न होने की अनूठी परंपरा के पीछे लोगों की भगवान शनि देव में अटूट आस्था है। ग्रामीणों का मानना है कि इस पवित्र गांव के रक्षक स्वयं शनि देव हैं। लोगों का ऐसा पक्का विश्वास है कि यदि कोई यहां चोरी करने की कोशिश करेगा, तो उसे शनि देव के भयानक प्रकोप और अंधेपन या मानसिक आघात जैसे दंड का सामना करना पड़ेगा। इस डर और श्रद्धा के कारण सदियों से इस गांव में चोरी या अपराध की घटनाएं न के बराबर होती हैं।
बैंक में कभी नहीं लगता ताला
वर्ष 2011 में यूको बैंक ने इस गांव में अपनी पहली शाखा खोली थी। यह देश का पहला ऐसा बैंक बना, जिसके दरवाजे पर कभी ताला नहीं लगाया जाता।
अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।
Image Credit- magnific
