सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई, 2026 से शुरू हो चुका है। इस माह में लोग भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और उपवास रखते हैं। साथ ही वह भगवान शिव के लिए अलग-अलग तरह के भोग बनाते हैं। अगर आप कुछ मीठा और खास बनाना चाहती हैं, तो सीताफल बासुंदी एक बेहतरीन विकल्प है। यह खाने में जितनी स्वादिष्ट होती है, उतनी ही सेहतमंद भी होती है। इसे बनाना बेहद आसान है। नीचे लेख में पढ़ें इसकी आसान रेसिपी।
सीताफल बासुंदी बनाने का आसान तरीका
सावन में भगवान शिव को सीताफल बासुंदी का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है। भोलेनाथ को दूध और मौसमी फल अति प्रिय हैं। सीताफल सात्विक और प्राकृतिक रूप से मीठा फल है। इस स्वादिष्ट भोग से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। पढ़ें स्टेप-बाय-स्टेप बनाने की विधि।
दूध को उबालें और गाढ़ा करें
सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही में फुल क्रीम दूध डालकर गैस पर उबालने के लिए रखें। दूध में जब उबाल आ जाए, तो आंच धीमी कर दें और इसे लगातार चलाते हुए तब तक पकाएं जब तक दूध आधा न रह जाए।
केसर और इलायची मिलाएं
दूध जब गाढ़ा होने लगे, तब इसमें केसर वाला दूध और इलायची पाउडर मिला दें। इससे बासुंदी में सोंधी खुशबू और रंग आ जाएगा।
चीनी डालें और दूध को ठंडा करें
- अब इसमें चीनी डालें और 2 मिनट तक पकाएं जब तक चीनी पूरी तरह घुल जाए। ध्यान रहे कि सीताफल में अपनी प्राकृतिक मिठास होती है, इसलिए चीनी थोड़ी कम ही रखें।
- अब गैस बंद कर दें और दूध को पूरी तरह से ठंडा होने के लिए छोड़ दें। गर्म दूध में कभी भी सीताफल का गूदा न मिलाएं, वरना दूध फट सकता है।
सीताफल का गूदा मिलाएं
- जब बासुंदी का दूध सामान्य तापमान पर ठंडा हो जाए, तब इसमें तैयार किया हुआ सीताफल का गूदा डालें और हल्के हाथों से अच्छी तरह मिला लें।
- इसके बाद इसमें बारीक कटे बादाम और पिस्ता से गार्निश करें। इसे 1-2 घंटे फ्रिज में रखकर ठंडा कर लें।
सर्व करने का तरीका
बंसूदी बनकर तैयार है। अब इसे साफ कटोरी या प्लेट में निकालकर भगवान शिव को भोग लगाएं और सर्व करें।
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सीताफल बासंदी बनाना आसान है, तो अगली बार जब भी भोग के लिए कुछ स्पेशल बनाने का बन हो, तो आप इसे ट्राई कर सकती हैं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
