Jaipur Ko Pink City Kyon Kehte Hain: हमारे यहां भारत में एक से एक खूबसूरत जगहें हैं। यहां हर एक राज्य की अपनी पहचान है। ऐसे में जब भी खूबसूरत राज्यों की बात होती है तो राजस्थान का नाम सबसे पहले लिया जाता है। राजस्थान की राजधानी जयपुर तो अपने आप में खूबसूरती का जीता-जागता उदाहरण है। ये शहर अपनी खूबसूरत इमारतों, महलों, किलाें, बाजारों और खानपान के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।
हालांकि, इसकी असली पहचान इसका गुलाबी रंग ही है। इसीलिए जयपुर को गुलाबी नगरी (Jaipur- The Pink City) कहा जाता है। एक टूरिस्ट प्लेस होने की वजह से यहां हर साल लाखों लोग घूमने के लिए आते हैं, लेकिन ये बात बहुत कम लोग ही जानते हैं कि ये पहले से गुलाबी नहीं था। इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी छिपी हुई है, जो करीब 150 साल से भी ज्यादा पुरानी बताई जाती है। हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। आइए जानते हैं-
आखिर जयपुर का नाम पिंक सिटी कैसे पड़ा?
आपको बता दें कि जयपुर शहर की स्थापना 18 नवंबर 1727 में कछवाहा वंश के महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने करवाई थी। इसके लिए उन्होंने बंगाल के फेमस वास्तुकार विद्या धर भट्टाचार्य की मदद ली और रूपरेखा तैयार करवाई। आपको जानकर हैरानी होगी कि जयपुर का नाम भी महाराजा के नाम पर ही पड़ा। जयसिंह का जय लेकर इस शहर का नाम जयपुर रख गया था।
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पहले गुलाबी नहीं था जयपुर
उस समय ये शहर गुलाबी नहीं था, लेकिन 19वीं सदी में एक ऐसी घटना हुई, जिसने जयपुर की पहचान हमेशा के लिए बदल दी। दरअसल, साल 1876 में ब्रिटेन के प्रिंस ऑफ वेल्स युवराज अल्बर्ट और क्वीन एलिजाबेथ को भारत आना था। उस दौरान उनका जयपुर शहर घूमने का भी प्लान था। ऐसे में महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने उनके स्वागत के लिए पूरे शहर को सजाने का आदेश दिया।
मेहमाननवाजी और स्वागत का प्रतीक है गुलाबी रंग
कहा जाता है कि उस समय गुलाबी रंग को मेहमाननवाजी और स्वागत का प्रतीक माना जाता था। इसी वजह से शहर के सभी इमारतों और बाजारों को गुलाबी रंग से रंग दिया गया। प्रिंस ऑफ वेल्स और क्वीन एलिजाबेथ को ये सजावट खूब पसंद आई। तभी महाराजा सवाई जयसिंह ने ये फैसला किया कि अबसे पूरा जयपुर शहर गुलाबी रंग का ही रहेगा।
धीरे-धीरे यह रंग जयपुर की पहचान बन गया। यही वजह है कि यहां घूमने आने वाले पर्यटकों को लगभग पूरा पुराना शहर एक ही रंग में नजर आता है।
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जयपुर में क्या-क्या देखें?
अगर आप जयपुर घूमने जा रही हैं, तो कई शानदार जगहें देख सकते हैं। उनमें ये खास हैं-
हवा महल
हवा महल तो जयपुर की पहचान है। इसकी खिड़कियां और डिजाइन टूरिस्ट्स को खूब पसंद आती हैं। ये दिखने में भी बेहद खूबसूरत है।
सिटी पैलेस
अगर आपको जयपुर की शाही झलक देखनी है तो सिटी पैलेस जरूर जाइएगा। यहां आज भी राजघराने से जुड़ी कई चीजें देखी जा सकती हैं।
जंतर-मंतर
जंतर-मंतर को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा मिला हुआ है। यहां भी कई लोग घूमने के लिए जाना पसंद करते हैं।
अल्बर्ट हॉल म्यूजियम
ये राजस्थान के सबसे पुराने म्यूजियम में से एक है। इसे गवर्नमेंट का सेंट्रल म्यूजियम भी कहा जाता है।
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शाम के समय और भी खूबसूरत लगता है शहर
दिन में तो जयपुर की गुलाबी इमारतें खूबसूरत लगती ही हैं, लेकिन शाम को रोशनी के बीच इनका नजारा और भी शानदार हो जाता है। बाजारों में घूमते हुए ऐसा लगता है जैसे मानो इतिहास आज भी यहां जिंदा हो।
तो ये थी जयपुर के पिंक सिटी बनने के पीछे की दिलचस्प कहानी। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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