भारत के कई रेलवे स्टेशन ऐसे हैं, जिनका नाम आज भी आजादी की लड़ाई से जुड़ा हुआ है। कई लोग होंगे, जो हर दिन इन रेलवे स्टेशन से यात्रा करते होंगे, लेकिन इसके इतिहास के बारे में नहीं जानते। इन रेलवे स्टेशनों की भूमिका भारत छोड़ो आंदोलन, असहयोग आंदोलन और अन्य कई स्वतंत्रता आंदोलनों के दौरान महत्वपूर्ण रही है। आजादी से पहले जब अंग्रेजों का शासन था, तब रेलवे का इस्तेमाल केवल लोगों और सामान को लाने-ले जाने के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सेना और सरकारी कामों के लिए भी किया जाता था। हालांकि, धीरे-धीरे यही रेलवे स्टेशन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक बड़ा केंद्र बन गया। आज के इस आर्टिकल में हम आपको स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जुड़े प्रमुख रेलवे स्टेशनों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
काकोरी रेलवे स्टेशन
9 अगस्त 1925 को लखनऊ के पास स्थित काकोरी रेलवे स्टेशन पर अंग्रेज सरकार के खिलाफ एक बड़ा विरोध हुआ था। हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) के क्रांतिकारियों ने काकोरी स्टेशन के पास ट्रेन रोककर सरकारी खजाने को लूटा था। इस योजना में 4 महान क्रांतिकारिय का नाम सामने आया था, जिसमें राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और राजेंद्र लाहिड़ी को अंग्रेजों के खिलाफ कदम उठाने पर फांसी की सजा सुनाई गई थी।
- काकोरी घटना ने पूरे देश में यह संदेश दिया था कि अब भारतीय युवा अंग्रेजों से डरने वाले नहीं है। वह उनके शासन के खिलाफ खुलकर खड़े हो चुके हैं।
चंदननगर रेलवे स्टेशन
यह रेलवे स्टेशन पश्चिम बंगाल में स्थित है। इस रेलवे स्टेशन को भी आजादी की लड़ाई का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है। उस समय क्रांतिकारी इस रेलवे स्टेशन से दूसरे शहर तक गुप्त संदेश पहुंचाने का काम करते थे। रेलवे क्रांतिकारियों के लिए एक तरह का संपर्क माध्यम था। वे अक्सर सामान्य यात्रियों की तरह ट्रेन में सफर करते थे ताकि अंग्रेज पुलिस को शक न हो।
- रास बिहारी बोस, श्रीश चंद्र घोष और कनाइलाल दत्त जैसे महान क्रांतिकारी ब्रिटिश पुलिस की नजरों से बचकर चंदननगर क्षेत्र में आते-जाते थे और इस परिवहन मार्ग का उपयोग करते थे। रास बिहारी बोस ने आजाद हिंद फौज की स्थापना व गठन में मुख्य भूमिका निभाई थी।
साबरमती रेलवे स्टेशन
इस रेलवे स्टेशन का इतिहास दांडी मार्च और गांधी आंदोलन से जुड़ा हुआ है। साबरमती आश्रम से गांधीजी ने 12 मार्च 1930 को ऐतिहासिक दांडी यात्रा शुरू की थी। यह यात्रा भारत के स्वतंत्रता संग्राम की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक मानी जाती है। दांडी मार्च अंग्रेजों द्वारा बनाए गए नमक कानून के विरोध में किया गया था। उस समय अंग्रेज़ सरकार ने नमक बनाने और बेचने पर अपना अधिकार करना चाहते थे।
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- आज साबरमती रेलवे स्टेशन और आसपास का क्षेत्र केवल यात्रा का स्थान नहीं है, बल्कि यह भारत के इतिहास और आजादी की लड़ाई की याद दिलाने वाला स्थान है।
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Image Credit- magnific, india railway
