दिवाली का त्‍योहार नजदीक है। ऐसे मौके पर घर में मेहमान आएं और उन्हें कुछ मीठा न खिलाया जाए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। आमतौर पर इस दिन लोग बाजार से काजू कतली, बेसन के लड्डू या गुलाब जामुन लेकर आते हैं, लेकिन अगर इस बार आप मेहमानों को कुछ अलग खिलाना चाहती हैं, तो साउथ इंड‍िया की मशहूर मिठाइयां बना सकती हैं।

GI Tagged वाली म‍िठाइयां

खास बात यह है कि इनमें से कुछ मिठाइयों को GI टैग भी मिला हुआ है। यानी इनकी पहचान एक खास जगह से जुड़ी हुई है। तिरुपति लड्डू, धारवाड़ पेड़ा और श्रीविल्लिपुथुर पालकोवा ऐसी ही कुछ मिठाइयां हैं। इनका स्वाद दूध, चीनी और घी जैसी आम चीजों से ही आता है। आइए जानते हैं कि आप इन्हें घर पर किस तरह बनाकर मेहमानों को सर्व कर सकती हैं।

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1. तिरुपति लड्डू

आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में मिलने वाला लड्डू वहां के मशहूर प्रसाद के तौर पर जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है क‍ि मंदिर में लड्डू बांटने की परंपरा 2 अगस्त 1715 से शुरू हुई थी। इसे साल 2009 में GI टैग मिला था। इसे घर पर बनाने के ल‍िए आपको ये चीजें चाह‍िए होंगी-

  • 1 कप बेसन
  • आधा कप चीनी
  • आधा कप पानी
  • 3 से 4 चम्मच घी
  • थोड़े काजू और किशमिश
  • आधा चम्मच इलायची पाउडर

तिरुपति मंदिर में मिलने वाले लड्डू को घर पर बनाने के लि‍ए सबसे पहले बेसन में थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा घोल तैयार कर लें। अब कड़ाही में घी गर्म करें और बेसन का घोल बूंदी की तरह तल लें। दूसरी तरफ चीनी और पानी को गर्म करके चाशनी बना लें। इसमें तैयार बूंदी, इलायची, काजू और किशमिश डालकर अच्छी तरह से मिला लें। अब इसे थोड़ा ठंडा होने दें। इसके बाद हाथों से गोल लड्डू बना लें। यह मोतीचूर लड्डू ही है। इसे आप द‍िवाली पर मेहमानों को सर्व कर सकती हैं।

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2. धारवाड़ पेड़ा

कर्नाटक के धारवाड़ शहर का यह पेड़ा अपने डार्क ब्राउन कलर और खास स्वाद के लिए जाना जाता है। इसे दूध और चीनी से बनाया जाता है। इसके ऊपर दानेदार परत होती है, जबकि अंदर का हिस्सा नरम रहता है। इसे साल 2008 में GI टैग मिला था। अगर आप घर पर धारवाड़ पेड़ा बनाना चाहती हैा, तो इसके ल‍िए आपको ये चीजें चाह‍िए होंगी-

  • 1 लीटर फुल क्रीम म‍िल्‍क
  • 4 से 5 चम्मच चीनी
  • 1 चम्मच घी
  • थोड़ी इलायची पाउडर

इसे बनाने के ल‍िए एक भारी तले वाली कड़ाही में दूध डालकर धीमी आंच पर पकाएं। इसे लगातार चलाती रहें, ताकि दूध नीचे न लगे। जब दूध गाढ़ा होकर मावा जैसा हो जाए, तब इसमें चीनी डालें। अब इसे तब तक पकाएं, जब तक मिश्रण का रंग थोड़ा ब्राउन न होने लगे। आखिर में इलायची पाउडर डालें। जब यह ठंडा हो जाए तो छोटे-छोटे पेड़े बना लें। द‍िवाली पर सर्व करने के ल‍िए यह बेहतरीन म‍िठाई है।

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3. श्रीविल्लिपुथुर पालकोवा

तमिलनाडु के श्रीविल्लिपुथुर की पालकोवा दूध से बनने वाली खास मिठाई है। इसे बनाने के लिए दूध को काफी देर तक पकाया जाता है, जिससे उसका पानी कम हो जाता है और वह गाढ़ा होकर मलाईदार मिठाई बन जाता है। इसे साल 2019 में GI टैग मिला था। आप इस द‍िवाली घर पर भी पालकोवा बना सकती हैं। इसके ल‍िए बहुत ज्‍यादा मेहनत की जरूरत भी नहीं है। इसके ल‍िए आपको ये चीजें चाह‍िए होंगी-

  • 1 लीटर फुल क्रीम मि‍ल्‍क
  • 4 से 5 चम्मच चीनी

इसे बनाने के ल‍िए सबसे पहले एक चौड़ी कड़ाही में दूध डालकर धीमी आंच पर गर्म करें। दूध को बीच-बीच में चलाती रहें और किनारों पर जमने वाली मलाई को भी वापस दूध में मिलाती रहें। जब दूध काफी गाढ़ा हो जाए, तब इसमें चीनी डालें। अब इसे लगातार चलाते हुए पकाएं। जब मिश्रण गाढ़ा होकर हलवे जैसा दिखने लगे, तो गैस बंद कर दें। इसे ठंडा करके छोटी कटोरी में सर्व करें। यह ए‍कदम रबड़ी की तरह लगती है। दि‍वाली पर आप चाहें तो इसका भोग भी लगा सकती हैं।

इस दिवाली मेहमानों को खिलाएं कुछ अलग

इन तीनों मिठाइयों की खास बात यह है कि इनका स्वाद दूध और दूसरी आम चीजों से ही आता है। हालांक‍ि, इन्‍हें बनाने का तरीका अलग-अलग है। तिरुपति लड्डू, धारवाड़ पेड़ा और पालकोवा को आप घर पर बनाकर दिवाली की मिठाई की प्लेट में शामिल कर सकती हैं। इससे मेहमानों को हर बार मिलने वाली मिठाइयों से कुछ अलग चखने का मौका मिलेगा।

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