अगर आप पहाड़ों पर घूमने जाना चाहते हैं, लेकिन मुश्किल ट्रेकिंग से डरते हैं, तो मसूरी का जॉर्ज एवरेस्ट पीक आपके लिए अच्छा ऑप्शन है। यहां पहाड़ों के खूबसूरत नजारे, दूर तक फैली हरियाली और खुले आसमान के बीच समय बिताने का मौका मिलता है। खास बात यह है कि यहां पहुंचने के लिए बहुत लंबी और मुश्किल ट्रेकिंग करना जरूरी नहीं है। यही वजह है कि यह जगह उन लोगों को भी पसंद आती है, जो पहली बार ट्रेकिंग करने का प्लान बना रहे हैं।
मसूरी का जॉर्ज एवरेस्ट पीक है बढ़िया डेस्टिनेशन
उत्तराखंड के मसूरी में स्थित जॉर्ज एवरेस्ट पीक का नाम ब्रिटिश सर्वेयर सर जॉर्ज एवरेस्ट के नाम पर रखा गया है। यहां से हिमालय की पहाड़ियों और दून घाटी का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। अगर आप दिल्ली-एनसीआर की भागदौड़ से दूर कुछ समय नेचर के बीच बिताना चाहते हैं, तो इस जगह को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।
जॉर्ज एवरेस्ट पीक की सबसे खास बात यहां के खूबसूरत नजारे हैं। मौसम साफ होने पर हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियां भी नजर आ सकती हैं। यह जगह फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए भी अच्छी है। यहां पहाड़ों के बीच तस्वीरें लेने, पहाड़ की चोटी पर बैठने और सूरज देखने का अपना अलग मजा है। अगर आपको भीड़भाड़ से दूर कुछ समय शांति से बिताना पसंद है, तो यह जगह आपको पसंद आ सकती है।
क्या बिगिनर्स के लिए आसान है जॉर्ज एवरेस्ट पीक की ट्रेकिंग?
जॉर्ज एवरेस्ट पीक का ट्रेक 45 मिनट का है। हालांकि, ट्रेक कितना आसान होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कहां से पैदल चलना शुरू करते हैं। जॉर्ज एवरेस्ट हाउस से ऊपर पीक की तरफ जाने वाला रास्ता कुछ जगहों पर खड़ा और पथरीला है। इसलिए, पहली बार ट्रेकिंग करने वालों को आराम से चलना चाहिए और अपनी क्षमता के हिसाब से आगे बढ़ना चाहिए।
जॉर्ज एवरेस्ट पीक कैसे पहुंचें?
जॉर्ज एवरेस्ट पीक मसूरी के हठीपांव और पार्क एस्टेट इलाके में स्थित है। यहां पहुंचने के लिए आप पहले देहरादून आ सकते हैं। देहरादून से मसूरी जाने के लिए टैक्सी और बस की सुविधा मिलती है। मसूरी पहुंचने के बाद लाइब्रेरी चौक से टैक्सी लेकर हठीपांव जा सकते हैं। वहां से जॉर्ज एवरेस्ट हाउस और आसपास के व्यू पॉइंट तक पैदल जाना होता है। अगर आप पूरी ट्रेकिंग करना चाहते हैं, तो लाइब्रेरी चौक से पैदल चलने का ऑप्शन भी चुन सकते हैं। हालांकि, इस रास्ते में ज्यादा समय और मेहनत लगेगी। इसलिए निकलने से पहले अपने समय और फिटनेस के हिसाब से प्लान बनाएं।
घूमने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
जॉर्ज एवरेस्ट पीक घूमने के लिए मार्च से मई और सितंबर से नवंबर का समय अच्छा माना जाता है। इन महीनों में मौसम आमतौर पर ट्रेकिंग के लिए अनुकूल रहता है और आसमान साफ होने पर दूर तक पहाड़ों के नजारे देखने को मिल सकते हैं।
अगर आप हिमालय की चोटियां देखना चाहते हैं, तो सुबह जल्दी पहुंचने की कोशिश करें। दोपहर बाद कई बार बादल छाने लगते हैं, जिससे दूर की चोटियां साफ नजर नहीं आतीं। मानसून में यहां जाने से पहले मौसम और रास्ते की स्थिति जरूर देख लें। बारिश के कारण रास्ता फिसलन भरा हो सकता है। सर्दियों में ठंड और खराब मौसम को ध्यान में रखकर ही ट्रेकिंग का प्लान बनाएं।
जॉर्ज एवरेस्ट पीक जाते समय इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप पहली बार यहां ट्रेकिंग करने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- आरामदायक जूते पहनें: रास्ते में चढ़ाई और पथरीले हिस्से मिल सकते हैं। इसलिए अच्छी पकड़ वाले ट्रेकिंग शूज पहनें।
- पानी साथ रखें: पैदल चलते समय प्यास लग सकती है। अपने साथ पर्याप्त पानी जरूर रखें।
- मौसम देखकर जाएं: बारिश या खराब मौसम में ट्रेकिंग से बचें। निकलने से पहले मौसम का हाल जरूर जांचें।
- हल्के गर्म कपड़े रखें: पहाड़ों पर हवा चलने के कारण ठंड महसूस हो सकती है।
- जल्दबाजी न करें: अगर आप पहली बार ट्रेकिंग कर रहे हैं, तो धीरे-धीरे चलें और थकान होने पर आराम करें।
- कचरा न फैलाएं: प्लास्टिक की बोतलें और खाने के पैकेट रास्ते में न छोड़ें।
जॉर्ज एवरेस्ट पीक के पास क्या देख सकते हैं?
जॉर्ज एवरेस्ट पीक घूमने के दौरान आप जॉर्ज एवरेस्ट हाउस भी देख सकते हैं। यह ऐतिहासिक इमारत सर जॉर्ज एवरेस्ट से जुड़ी है, जो 1830 से 1843 तक भारत के सर्वेयर जनरल रहे थे। उनके नाम पर ही दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट का नाम रखा गया था। यहां पुरानी इमारत देखने के साथ आसपास की पहाड़ियों और घाटी के नजारों का आनंद भी ले सकते हैं। अगर आपके पास समय है, तो मसूरी लौटकर माल रोड पर घूम सकते हैं और वहां के कैफे में कुछ खा-पी सकते हैं।
अगर आप बिना ज्यादा थकान के पहाड़ों की खूबसूरती और शांति का मजा लेना चाहते हैं, तो मसूरी का जॉर्ज एवरेस्ट पीक एक बहुत अच्छा ऑप्शन है। यहां का ट्रेक छोटा और आसान है, इसलिए जो लोग पहली बार ट्रेकिंग कर रहे हैं, वे भी आसानी से जा सकते हैं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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