कनाडा में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए यह समय बहुत सावधानी से कदम उठाने का है। पिछले कुछ वर्षों में कनाडाई सरकार ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के नियमों में कई बड़े और सख्त बदलाव किए हैं। यदि आप इन नए नियमों को नजरअंदाज करते हैं, तो आपका वीजा बिना किसी देरी के सीधे रिजेक्ट किया जा सकता है। नियमों में मुख्य रूप से वीजा कैप, बैंक बैलेंस और कॉलेज के चयन से जुड़ी कड़ी शर्तें शामिल हैं। नीचे लेख में जानिए कनाडा के इन नए और जरूरी नियमों के बारे में, जिन्हें जानना हर छात्र के लिए बेहद जरूरी है।

कनाडा स्टूडेंट्स वीजा को लेकर बदले नियम?

अगर आप कनाडा स्टूडेंट्स वीजा के लिए आवेदन करने जा रही हैं, तो नियमों को ध्यान से पढ़ें। इसके बाद आगे का प्रोसेस पूरा करें-

वीजा की संख्या पर सख्त कैप

कनाडा सरकार ने देश में आने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए स्टडी वीजा की कुल सीमा को काफी कम कर दिया है। हर साल जारी होने वाले नए वीजा की संख्या सीमित कर दी गई है, जिसके कारण अब पहले के मुकाबले प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा बढ़ गई है। यदि आपके एकेडमिक रिकॉर्ड में थोड़ी सी भी कमी पाई जाती है, तो सीमित सीटों के कारण आपका आवेदन तुरंत खारिज किया जा सकता है। इसलिए अब आवेदन बहुत ही सोच-समझकर और समय पर करना जरूरी हो गया है।

बैंक बैलेंस और फंड्स के नियम

नए नियमों के अनुसार, छात्रों को अपने रहने के खर्च के लिए पहले से कहीं अधिक बैंक बैलेंस दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। ट्यूशन फीस के अलावा अब छात्रों को अपने ग्यारंटीड इन्वेस्टमेंट सर्टिफिकेट या बैंक खाते में लगभग 22,895 कनाडाई डॉलर यानी भारतीय रुपये में करीब 15 लाख रुपए से अधिक की राशि का प्रमाण देना होता है। यदि आपके वित्तीय दस्तावेज स्पष्ट नहीं हैं या पैसों का सही हिसाब नहीं मिलता है, तो वीजा ऑफिसर आपके आवेदन को बिना सोचे रिजेक्ट कर सकता है।

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प्रांतीय प्रमाण पत्र का नया नियम

अंडरग्रेजुएट और डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए प्रांतीय अटेस्टेशन लेटर अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मतलब है कि कॉलेज से एडमिशन मिलने के बाद आपको संबंधित कनाडाई प्रांत से भी विशेष अनुमति पत्र लेना होगा। बिना इस पत्र के आपका वीजा आवेदन स्वीकार ही नहीं किया जाएगा। हालांकि, मास्टर डिग्री और पीएचडी करने वाले छात्रों को इस नियम से छूट दी गई है, लेकिन अन्य सभी कोर्स के लिए यह बेहद जरूरी है।

कॉलेज और पीजीडब्ल्यूपी के नियम

कनाडा जाने वाले छात्रों का मुख्य उद्देश्य पढ़ाई के बाद वहां काम करना होता है। नए नियमों के तहत अब हर कॉलेज या कोर्स से पढ़ाई करने के बाद वर्क परमिट नहीं मिलता है। कई प्राइवेट कॉलेज जो पब्लिक संस्थानों के नाम पर पाठ्यक्रम चलाते हैं, उन्हें इस दायरे से बाहर कर दिया गया है। इसलिए दाखिला लेते समय यह अच्छी तरह जांच लें कि आपका चुना गया संस्थान और कोर्स 'Designated Learning Institution' की सूची में है या नहीं और क्या वहां से पढ़ाई के बाद वर्क परमिट मिलेगा।

फास्ट-ट्रैक सुविधा का बंद होना

फास्ट-ट्रैक सुविधा का बंद होना पहले भारतीय छात्रों के लिए 'स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम'नाम की एक व्यवस्था हुआ करती थी, जिसके जरिए वीजा के नतीजे बहुत जल्दी और आसानी से मिल जाते थे। मगर सरकार ने इस फास्ट-ट्रैक सुविधा को अब पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब सभी छात्रों को सामान्य प्रक्रिया के तहत ही आवेदन करना होता है। इसमें समय भी अधिक लगता है और दस्तावेजों की जांच बारीकी से की जाती है, इसलिए किसी भी प्रकार की गलती से बचने के लिए पूरी तैयारी के साथ ही फाइल लगाएं।

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इन नियमों का पालनकर आप कनाडा स्टूडेंट वीजा आसानी से पा सकती हैं। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे लाइक जरूर करें। ऐसी अन्य जानकारी के लिए पढ़ती रहें हरजिंदगी।

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