Sat Sep 12, 2026 | Updated 08:37 AM IST

Budget 2026: ब्रीफकेस से 'बहीखाता' और फिर 'टैबलेट' तक,  भारत के बजट से जुड़े ये बदलाव जरूर होने चाहिए पता

Indian Budget History: भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2026 को बजट पेश करेंगी। 26 नवंबर, 1947 को आजादी के बाद पहली बार बजट पेश किया गया था। तब से लेकर अब तक बजट में काफी बदलाव किए गए, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं।
Updated:- 2026-02-17, 22:24 IST
Indian Budget History

Nirmala Sitharaman Budget 2026: भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2026 को बजट पेश करेंगी। इस उपलब्धि के साथ वे पूर्व वित्त मंत्री सी डी देशमुख के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए अब मोरारजी देसाई के दस बजटों के इतिहास रचने के बेहद करीब पहुंच गई हैं। 26 नवंबर, 1947 को आजादी के बाद पहली बार बजट जारी किया गया था। तब से लेकर अब तक बजट में काफी बदलाव किए गए, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं। कभी बजट शाम को पेश होता था, तो कभी इसे लीक होने से बचाने के लिए प्रेस को ही बदल दिया गया। आइए जानते हैं बजट से जुड़ी 5 ऐसी अनोखी कहानी, जो शायद आपने पहले कभी नहीं सुनी होगी।

बजट वित्तीय दस्तावेज में कितना बदलाव

ब्रीफकेस- ब्रिटिश काल की विरासत

बजट पेश करते वक्त ब्रीफकेस का इस्तेमाल पुरानी ब्रिटिश परंपरा थी। बजट शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच शब्द Bougette से हुई है, जिसका मतलब चमड़े का थैला होता है।

ब्रिटेन में बजट पेश करते समय वित्त मंत्री एक लाल रंग के संदूक (ग्लैडस्टोन बॉक्स) इस्तेमाल करते थे। आजादी के बाद भारत के पहले वित्त मंत्री आर. के. शनमुखम चेट्टी ने भी 1947 में बजट के लिए चमड़े के ब्रीफकेस का इस्तेमाल किया था। कभी लंबे समय तक अलग-अलग वित्त मंत्रियों ने काले, लाल या भूरे रंग के ब्रीफकेस का उपयोग जारी रखा था।

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बहीखाता- भारतीय संस्कृति की वापसी

First budget kisne pesh kiya

साल 2019 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ब्रीफकेस की जगह बहीखाता का चुनाव किया। यह लाल रंग के कपड़े में लिपटा हुआ एक पारंपरिक भारतीय खाता था, जिस पर राष्ट्रीय प्रतीक बना हुआ था। बहीखाता भारतीय व्यापारियों और मुनीमों द्वारा सदियों से हिसाब-किताब रखने के लिए उपयोग किया जाता रहा है।

डिजिटल इंडिया और पेपरलेस बजट

साल 2021 में भारत का पहला पेपरलेस बजट पेश किया गया। कोरोना महामारी के दौरान सुरक्षा और 'डिजिटल इंडिया' के विजन को देखते हुए, वित्त मंत्री ने बहीखाता की जगह एक टैबलेट का इस्तेमाल शुरू किया। यह टैबलेट भी उसी पारंपरिक लाल कपड़े के कवर में रखा गया था।

शाम 5 बजे ही क्यों पेश होता था बजट?

Union Budget 2026-27 date and time

आजादी के बाद कई सालों तक भारत का बजट फरवरी की आखिरी तारीख को शाम 5 बजे पेश किया जाता था। दरअसल, लंदन में उस वक्त सुबह के 11:30 बज रहे होते थे और ब्रिटिश अधिकारी इसे अपनी सुविधा के अनुसार सुनना चाहते थे। साल 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इस परंपरा को तोड़ा और बजट सुबह 11 बजे पेश करना शुरू किया।

बजट लीक होने पर बदल दी गई थी जगह

1950 तक बजट राष्ट्रपति भवन में प्रिंट होता था, लेकिन उस साल बजट का एक हिस्सा लीक हो गया, जिसके बाद हड़कंप मच गया। इसके बाद बजट की प्रिंटिंग को राष्ट्रपति भवन से हटाकर दिल्ली के मिंटो रोड स्थित एक सिक्योरिटी प्रेस में शिफ्ट किया गया। बाद में 1980 से बजट को नॉर्थ ब्लॉक (सचिवालय) के अंदर ही प्रिंट किया जाने लगा, जहां अब हलवा सेरेमनी होती है।

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