महिलाओं के लिए नुकसानदेह हो सकता है पोर्न देखना, जानें इससे जुड़े मिथक और सच्चाई

अगर पूछा जाए कि क्या महिलाएं पोर्न देखती हैं, तो जवाब है-हां... जिस तरह एक पुरुष की अपनी इच्छाएं होती हैं, ठीक उसी तरह महिलाओं की भी कुछ जरूरतें और इच्छाएं होती हैं। हम इस बारे में आज भी बात करने में हिचकिचाते हैं। पोर्न देखना आज भी वर्जित माना जाता है और अगर हम उन महिलाओं की बात करें जो पोर्न देखती हैं, तब तो यह किसी स्कैंडल से कम नहीं होता! लेकिन अगर हम इस विषय पर बात न करें, तो भी इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि महिलाएं पोर्न देखती हैं।
जर्मनी की एक मीडिया कंपनी डॉयचे वेले (DW.Com) में नवंबर 2020 की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रसिद्ध पोर्न साइटों के एक सर्वेक्षण में कहा गया है कि इसके दर्शकों में एक तिहाई महिलाएं थीं। इतना ही नहीं, 2017 में एक ऐसी ही सर्वेक्षण में बताया गया था कि उनकी साइट पर भारतीय दर्शकों में 30% महिलाएं थीं।
जब महिलाओं द्वारा पोर्न देखने के बात आती है, तो कुछ लोगों के नजरिए में यह गलत होता है। कुछ बुद्धिजीवियों का मानना है कि अगर महिलाएं पोर्न देखें तो उनका दिमाग खराब हो जाता है। मगर क्या वाकई ऐसा है? या फिर यह एक मिथक है? मिथोलोजिस्ट, काम सूत्र एक्सपर्ट और स्टोरीटेलर सीमा आनंद का कहना है कि यह हमारे पूर्वजों के दिमाग में डाला गया बेकार विचार था। महिलाओं की इच्छाओं पर तब भी गौर किया नहीं जाता था और इसलिए यह बात सालों साल से यूं ही चलती आ रही है।
क्यों देखती हैं महिलाएं पोर्न?
पुरुष जिस वजह से पोर्न देखते हैं, महिलाएं भी ठीक उसी वजह से पोर्न देखती हैं और वह वजह- सेल्फ-प्लेजर या आत्म-सुख है। मिथोलोजिस्ट, काम सूत्र एक्सपर्ट और स्टोरीटेलर सीमा आनंद अपने ब्लॉग में कहती हैं, 'मास्टरबेशन दुनिया की सबसे प्राकृतिक चीजों में से एक है। आप चाहे जानबूझकर करो या अनजाने में, हर कोई इसमें किसी न किसी तरह से शामिल होता है। लेकिन इस विषय को लेकर इतनी वर्जना और अस्वीकृति हो गई है कि कोई भी इसके बारे में बात नहीं करता है।'
बहुत से लोगों की धारणा है कि आत्म-सुख बुरा है। कुछ लोग तो यह तक मानते हैं कि यह हानिकारक है और इससे अंधापन हो सकता है। मगर सीमा आनंद ने अपने ब्लॉग में इसका उल्लेख किया है और बताया है कि यह हमारे पूर्वजों के दिमाग में भरा एक बुरा विचार था और प्राचीन समय में भी महिलाओं की इच्छाओं पर कभी कोई बात नहीं की गई। उनके लिए इस बात के बारे में सोचना जरूरी नहीं रहा।
देखा जाए तो पहले लोगों की शादी कम उम्र में हो जाती थी, इसलिए अपने पार्टनर के साथ इंटिमेसी को गलत नहीं ठहराया जाता है। हालांकि आज चीजों में बड़ा बदलाव आया है। आज की पीढ़ी अपनी प्राथमिकताएं पहले ही तय कर चुकी है। आज हमारा फोकस जीवन बनाने और करियर पर है, उसके बाद हम शादी के बारे में सोचते हैं। आज लोग 30-40 साल की उम्र में शादी कर रहे हैं और इसलिए शादी से पहले अंतरंगता या सेल्फ-प्लेजर में लिप्त होने को आज पाप माना जाता है।
उन्होंने अपने ब्लॉग में कहा है, 'अगर आपकी इच्छाएं आपको फ्रस्ट्रेट करती हैं, तो यह आपकी इमोशनल हेल्थ के साथ इंटेल्चुअल हेल्थ को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए आत्म-सुख के विकल्प तय करना व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद है। यह महिलाओं के स्वास्थ्य का ही एक हिस्सा है।'
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सेल्फ-प्लेजर की रूढ़ियों को तोड़ने का करना चाहिए प्रयास
पोर्न देखने वाली महिलाओं को अपने पार्टनर के साथ इंटिमेट सेशन और क्लाइमेक्स के दौरान कम परेशानी का सामना करना पड़ता है। एक अन्य पोर्न साइट के सर्वेक्षण में कहा गया है कि 100, 000 के सैंपल साइज में 60% महिलाओं का मानना था कि पोर्न ने उनकी इंटिमेट लाइफ को बेहतर बनाने में मदद की। इनमें से 33.8% महिलाएं 16 और 24 की उम्र के बीच में थीं।
हंग्री और संयुक्त राज्य अमेरिका में 2,400 महिलाओं के संबंधों में पोर्न की भूमिका का अध्ययन किया गया था, जिसमें कहा गया था, 'पोर्नोग्राफी देखने वाली महिलाएं युवा और बेहतर तरीके से शिक्षित होती हैं।' विजुअल ग्राफिक वीडियोज महिलाओं को बेहतर आनंद का अनुभव करने में मदद करते हैं, इसलिए हमें इस विषय के इर्द-गिर्द बनी रूढ़ियों को तोड़ने का प्रयास करना चाहिए।'
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क्या वाकई पोर्न देखना महिलाओं के लिए नुकसानदेह है?
विशेषज्ञों का सुझाव है कि हम अपने दिमाग को पोर्नोग्राफी के प्रति कितना उजागर करते हैं, यह सोचने का विषय है। इसे बहुत अधिक देखना न तो पुरुषों के लिए और न ही महिलाओं के लिए स्वस्थ है। यह कई चीजों के बारे में असुरक्षा की भावना पैदा कर सकता है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एनवायर्नमेंटल रिसर्च एंड पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, बहुत अधिक पोर्न देखने और बार-बार मास्टरबेशन करने से महिलाओं और पुरुषों दोनों में सेक्सुअल डिस्फंक्शन हो सकता है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ हेल्थ साइंसेज में प्रकाशित शोध के अनुसार, बहुत अधिक पोर्न देखने से व्यवहार में बदलाव आते हैं जो आपके साथ-साथ आपके रिश्ते को भी प्रभावित कर सकते हैं।
आज जब हम हर तरह के विषयों पर बात करने के लिए तैयार हैं, तो हमें महिलाओं की इच्छाओं के बारे में भी खुलकर बात करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। जहां तक बात है पोर्न देखने की, तो बहुत से लोग पोर्न देखते हैं, पढ़ते और सुनते हैं। इसमें स्वाभाविक रूप से कुछ भी गलत नहीं है। अगर आप पोर्न नहीं देखते हैं, तो इसमें भी कुछ गलत नहीं है। यह सब व्यक्तिगत पसंद का मामला है, जिसका हम सभी को सम्मान करना चाहिए। इससे भी बड़ी बात है... एक महिला की इच्छाओं का सम्मान करना चाहिए!
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