Lord Krishna And Paundrak: जब एक दुराचारी ने कृष्ण रूप धर की थी ये भयंकर भूल

Lord Krishna And Paundrak: श्री कृष्ण के साथ जब जब धर्म शब्द का इस्तेमाल हुआ है तब तब कई राक्षसों और राजाओं का नाम उनके साथ जुड़ा है। श्री कृष्ण ने धर्म की रक्षा के लिए कई ऐसी लीलाएं रची हैं जिनके बारे में जानना बेहद दिलचस्प हो सकता है।
यूं तो कृष्ण लीला के बारे में जानने के लिए अक्सर लोग उत्सुक रहते हैं लेकिन बहुत कम लोगों को ही उनके द्वारा रची गई अनूठी घटनाओं के बारे में पता होता है। आज हम आपको एक ऐसी ही लीला के बारे में बताने जा रहे हैं। जब श्री कृष्ण ने अपने ही प्रतिरूप को सबक सिखाया था।
हमारे ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आज हम आपको द्वापर युग के छलिये नकली कृष्ण के बारे में बताने जा रहे हैं। यानी कि कृष्ण का वो प्रतिरूप जिसने कृष्ण बनकर अपने जीवन की सबसे बड़ी भूल की थी।
- जो लोग धर्म कथाओं को पढ़ने में रुझान रखते हैं उन्होंने कभी न कभी पौंड्रक का नाम अवश्य सुना होगा। पौंड्रक रूषदेश का राजा था। रूषदेश आज का मिर्जापुर कहलाता है। इसके अलावा, कुछ कथाओं में पौंड्रक के काशी, चुनार देश, करुपदेश या पुंड्र देश का राजा होने का भी उल्लेख मिलता है।
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- माना जाता है कि पौंड्रक कौशिकी नदी के तट पर स्थित किरात वंग और पुंड्र देशों का स्वामी था। उसका साम्राज्य धरती के एक तिहाई हिस्से तक फैला हुआ था। पौराणिक कथाओं में उल्लेख मिलता है कि पौंड्रक मूर्ख राजा था। ऐसा कोई पाप न था जो उसने न किया हो।
- पौंड्रक दुराचार और अनीति के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति था। उसने अपने जीवन की सबसे बड़ी भूल तब की थी जब उसने खुद को श्री कृष्ण (श्री कृष्ण के 16 हजार विवाह का सत्य) बताया था। श्री कृष्ण से ऊंचा बनने और स्वयं को असली कृष्ण दिखाने के लिए उसने लकड़ी के दो नकली हाथ भी अपने पीछे लगवाए थे जिससे वो श्री कृष्ण की तरह चतुर्भुज दिख सके।
- जब पौंड्रक की मृत्यु का समय आया तब श्री कृष्ण ने स्वयं प्रकट होकर पौंड्रक से युद्ध की चुनौती स्वीकार की। कथाओं में वर्णित जानकारी के अनुसार, पौंड्रक ने 2 अक्षौहिणी सेना के साथ युद्ध भूमि में प्रवेश किया था। श्री कृष्ण की तरह हुबहू दिखने के लिए उसने पीतांबर वस्त्र पहने थे और एक च्रक भी धारण किया।
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- इतने सब दिखावे के बाद उसने श्रो कृष्ण को ललकारा जिसके बाद श्री कृष्ण ने क्षण भर में ही उस दुष्ट और उसकी पूरी सेना का अपने सुदर्शन चक्र (हिन्दू धर्म के शक्तिशाली अस्त्र) से अंत कर दिया।
तो ये थी दुष्ट दुराचारी नकली कृष्ण पौंड्रक की कथा। आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
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