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Shardiya Navratri 2022 5th Day: नवरात्रि के पांचवे दिन ऐसे करें देवी स्कंदमाता की पूजा

शारदीय नवरात्रि के पांचवे दिन देवी स्कंदमाता के पूजन का विधान है। माता का पूजन विधि पूर्वक करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
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Published -29 Sep 2022, 13:32 ISTUpdated -30 Sep 2022, 08:16 IST
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how to do skandamata puja in shardiya navratri

हर साल लोग धूमधाम के साथ नवरात्रि मनाते हैं। नौ दिनों के लिए अलग-अलग दुर्गा माता के स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के नौ दिनों में से पंचवा दिन देवी स्कंदमाता का दिन होता है।

इस दिन देवी स्कंदमाता की पूजा विधि-विधान से की जाती है। इस बार यह तिथि 30 सितंबर को होगी।

मान्यताओं के अनुसार शारदीय नवरात्रि में देवी स्कंदमाता की पूजा करने से बुरे विचार नष्ट होते हैं और साकारात्मक विचार उत्पन्न होते हैं। आपको बता दें कि देवी स्कंदमाता को गौरी भी कहा जाता है।

ऐसा भी माना जाता है कि जिस भी व्यक्ति पर माता अपनी कृपा को बरसाती हैं उस व्यक्ति के मन में ज्ञान का सागर और बुद्धि बढ़ती है।  

स्कंदमाता का स्वरूप अति सुंदर होता है। वह हमेशा शेर पर सवार रहती हैं और अपनी चार भुजाओं में से दाईं वाली भुजा से वह स्कंद को गोद में रख कर बैठी हुई हैं। वहीं दूसरी भुजा से वह कमल का फूल पकड़े हैं।

आपको बता दें कि भगवान स्कंद को कार्तिकेय के नाम से भी जाना जाता है। आपको बता दें कि उनकी माता देवी दुर्गा थी यह भी एक कारण है जिसकी वजह से इनके इस स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से भी जाना जाता है। 

आइए ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ डॉ आरती दहिया जी से जानते हैं कि देवी स्कंदमाता की पूजा किस विधि से करनी चाहिए और किन मंत्रों के जाप से माता भक्तों पर प्रसन्न हो सकती हैं।

देवी स्कंदमाता की पूजा विधि

devi skandamata puja vidhi

आपको बता दें कि देवी स्कंदमाता की पूजा नवरात्रि के पांचवे दिन पर की जाती है। इस दिन पूजा करने से माता विशेष फल देती हैं।

देवी स्कंदमाता की पूजा के लिए सबसे पहले स्नान करके पीले रंग के वस्त्र पहनने होते हैं। पीले रंग के वस्त्रों को पहनना इस दिन शुभ माना जाता है।

इसके बाद कलश की पूजा करें और फिर स्कंदमाता का ध्यान करना होता है।

फिर माता को फूल अर्पित करें। अगर आपके पास पीले रंग के फूल हैं तो उन्हें अर्पित करना अति उत्तम माना जाता है।

इसके बाद माता को भोग लगाएं और ध्यान करते हुए “ओम् ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः मंत्र का जप करें।

इसे भी पढ़ें- Shardiya Navratri 2022: कलश के पास जौ बोने के सही नियम और विधि जानें

देवी स्कंदमाता की पूजा के लिए मंत्र

या देवी सर्वभू‍तेषु स्कंदमाता रूपेण संस्थिता.

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ।।

सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया

शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी

महाबले महोत्साहे महाभय विनाशिनी

त्राहिमाम स्कन्दमाते शत्रुनाम भयवर्धिनि

इस लेख में बताई गई विधि के अनुसार अगर आप देवी स्कंदमाता की पूजा करेंगी तो माता का आशीर्वाद आपके और आपके परिवार पर बना रहेगा।

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Image Credit: herzindagi/wikipedia

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