Fri Sep 11, 2026 | Updated 08:24 PM IST

Main Hoon Apni Dhanlaxmi Part-15: सेंसेक्स, निफ्टी और इंडेक्स फंड्स, बिना शेयर चुने बाजार में निवेश का आसान और समझदार तरीका

पिछले कुछ हफ्तों में हमने शेयर बाजार की चर्चा की, किस तरह कंपनियां बढ़ती हैं, किसी व्यवसाय में स्वामित्व का वास्तविक अर्थ क्या होता है। हमने शेयरों में सीधे निवेश पर चर्चा की। इसके लिए समय, अनुशासन और कंपनियों के कारोबार पर सधी नजर रखने के लिए इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है।
Updated:- 2026-03-03, 12:39 IST
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बहुत से लोगों ने लिखा कि ये सब बातें तो समझ आ गईं, लेकिन अब एक व्यावहारिक सवाल आता है। अगर हम रोजाना कंपनियो का अध्ययन और विश्लेषण नहीं कर सकते तो निवेश कैसे करें। इसका उत्तर दो शब्दों की समझ पर निर्भर करता है, जिन्हें हम सामान्यत: सुनते हैं- सेंसेक्स और निफ्टी। अगर आप समाचारपत्र पढ़ते होंगे या खबरें सुनते हैं तो सुर्खियों पर गौर किया होगा कि सेंसेक्स 500 प्वाइंट बढ़ा या निफ्टी में गिरावट आई। इन आंकड़ों में उतार-चढ़ाव आता रहता है, उसके साथ ही बाजार का मिजाज भी प्रभावित होता है। बहुत सी महिलाओं को ये शब्द गूढ़ लगते, मानों उन्हें समझने के लिए विशेषज्ञता की आवश्यकता हो। यहां पर हम उन्हें समझाने का प्रयास करेंगे। सेंसेक्स और निफ्टी कंपनियां नहीं हैं। ये निवेश का कोई विकल्प भी नहीं हैं। ये संकेतक हैं जो बाजार की चाल को दर्शाते हैं। इन्हें आप शेयर बाजार के रिपोर्ट कार्ड की तरह मान सकते हैं।
सेंसेक्स शेयर बाजार की शीर्ष 30 स्थापित कंपनियों के व्यवसाय पर नजर रखता है।

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ये सभी कंपनियां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होती हैं, जिनका संबंध आर्थिकी के विभिन्न क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, उपभोक्ता उत्पादों और स्वास्थ्य सेवाओं इत्यादि से होता है। निफ्टी का कार्य नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध 50 शीर्ष कंपनियों‍ के व्यवसाय पर नजर रखना होता है। ये सभी कंपनियां भी अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ाव रखती हैं। जब ये कंपनियां सामूहिक रूप से अच्छा प्रदर्शन करती हैं तो बाजार संकेतक ऊपर उठते हैं और जब चुनौतीपूर्ण समय होता है तो उनमें गिरावट आती है। ये संकेतक बताते हैं कि बड़े व्यवसाय सामूहिक तौर पर कैसा प्रदर्शन कर रही हैं। हालांकि ये प्रत्येक शेयर की कहानी नहीं बताते और न ही इस बात की गारंटी देते हैं कि प्रत्येक निवेशक लाभ कमा रहा है। आपकी कमाई इस बात पर निर्भर करती है कि आपने कहां निवेश किया है। एक बार आपने ये मूलभूत चीजें समझ लीं तो फिर अगला सवाल आता है। यदि ये संकेतक बाजार की चाल को बताते हैं तो स्वतंत्र कंपनी के चयन के बजाय क्या मैं इनमें निवेश कर सकता हूं। इसका उत्तर है हां। यहां पर इंडेक्स फंड्स आते हैं।

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इंडेक्स फंड एक प्रकार के निष्क्रिय फंड या म्यूचुअल फंड्स की तरह होते हैं, जो मुख्यत: निफ्टी 50 जैसे इंडेक्स का अनुसरण करते हैं। ये विजेता का पूर्वानुमान व्यक्त नहीं करते और न ही असफलता से बचने का प्रयास करते हैं। ये उन्हीं कंपनियों में निवेश करते हैं जो सामान्यत: इंडेक्स में शामिल होती हैं। यदि इंडेक्स उठता है तो फंड में भी उछाल आता है, यदि उसमें गिरावट आती है तो फंड के साथ भी वैसा ही होता है। इस मामले में फंड मैनेजर की कोई सक्रिय भूमिका नहीं होती कि कौन सा शेयर खरीदना या बेचना है। फंड का कार्य यथासंभव बारीकी से इंडेक्स को प्रतिबिंबित करना मात्र है। बीते वर्षों में विभिन्न देशों के बाजारों से एक सच निकलकर सामने आया है। कुशल मैनेजर के लिए भी समझबूझ से लगातार बाजार मुनाफे की स्थिति साधे रखना अत्यधिक कठिन होता है। इंडेक्स फंड इस सच्चाई को स्वीकार करते हैं।

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साल दर साल बेहतर प्रदर्शन के बजाय वे दीर्घकाल में बाजार की सधी हुई बढ़त में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने व लाभार्जन पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इंडेक्स फंड्स के लिए शेयरों के क्रय-विक्रय के लिए विश्लेषकों की लंबी-चौड़ी टीम की आवश्यकता नहीं होती। उनका मूल्य कम होता है। उनकी कीमत को व्यय अनुपात कहा जाता है। कागजों पर देखने में उनकी कीमत भले ही कम लगे, लेकिन लंबी अवधि जैसे दस-बीस साल में उनका मूल्य आपकी संपत्ति में बड़ी बढ़त के तौर पर दिखाई देगा।
भारत में विभिन्न प्रकार के इंडेक्स फंड्स हैं। उनमें सबसे आम है ब्रॉड मार्केट इंडेक्स फंड्स, जो निफ्टी 50 या निफ्टी 100 पर नजर रखते हैं। इन फंड्स को मुख्य निवेश की तरह देखा जाता है, क्योंकि ये भारत की बड़ी व स्थायित्व वाली कंपनियों में निवेश का मार्ग प्रस्तुत करते हैं। अन्य प्रकार में ब्रॉडर इंडेक्स फंड्स भी होती हैं जो निफ्टी 500 संकेतक पर ध्यान देते हैं, स्वाभाविक रूप से उनमें कंपनियां की संख्या व दायरा बढ़ जाता है।

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मिड कैप इंडेक्स फंड्स भी होते हैं, जो मध्यम आकार की कंपनियों पर फोकस करते हैं। इनकी बढ़त तेजी से होती है, पर उतने ही ज्यादा उतार-चढ़ाव भी आते हैं। सेक्टर या थीम बेस्ड इंडेक्स फंड्स भी उपस्थित रहते हैं, पर बेहतर होगा कि जब आप शेयर बाजार को लेकर सहज हो जाएं तब इनका रुख करें। महिलाएं यदि शेयर बाजार में अपनी निवेश यात्रा की शुरुआत कर रही हैं तो ब्रॉड मार्केट इंडेक्स फंड्स उनके लिए अच्छा विकल्प होगा। इंडेक्स फंड्स में एसआइपी के माध्यम से भी निवेश कर सकती हैं। एक नियत राशि प्रतिमाह एसआइपी करने पर निवेश में अनुशासन बनेगा और बाजार के उतार-चढ़ाव विचलित भी नहीं कर सकेंगे। आपको इस बात की चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी कि इंडेक्स बढ़ा है या उसमें गिरावट आई है। यहां भावावेश में लिए गए निर्णय से धन हानि का जोखिम नहीं रहता।

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सामान्यत: लोगों की यह प्रवृत्ति होती है कि जब बाजार उठता है तो निवेश में विश्वास बढ़ता है और लोग खरीदारी करते हैं, वहीं जब गिरावट आती है तो भय के कारण बिकवाली बढ़ जाती है। इंडेक्स फंड्स में एसआइपी से इस व्यवहार पर नियंत्रण होता है। उनमें तात्कालिक प्रतिक्रिया के बजाय निवेश में निरंतरता को बढ़ावा दिया जाता है। इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि इंडेक्स फंड्स भी जोखिमों से पूरी तरह मुक्त नहीं हैं। जब बाजर गिरेगा तो उनमें भी गिरावट आएगी। इसीलिए कहा जाता है कि दीर्घकालिक लक्ष्यों- आदर्श रूप में पांच साल या उससे अधिक अवधि के लिए इनमें निवेश बेहतर रहता है। अगर आपको शीघ्र धन चाहिए तो ये आपके लिए उपयुक्त नहीं हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी से डरने की आवश्यकता नहीं है। वे तो महज ये दर्शाते हैं कि बड़े भारतीय व्यवसाय कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं। इंडेक्स फंड्स आपको किसी एक कंपनी के शेयर के चयन के दबाव से मुक्त रहकर बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था में भागीदारी का अवसर देते हैं। यहां लगातार सक्रिय रहना आवश्यक नहीं है, बल्कि धैर्य और अनुशासन से आपको सुखद प्रतिफल मिलता है।
इस हफ्ते एक व्यावहारिक कदम उठाएं। किसी चर्चित इंडेक्स फंड्स पर नजर डालें। ये देखें कि उसकी राशि कहां निवेश की जाती है। व्यय अनुपात देखें। उसके द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचनाओं में कितनी पारदर्शिता है। स्वयं से सवाल करें कि क्या यह निवेश आपके मिजाज और लक्ष्यों के अनुकूल है। आपको अभी निवेश नहीं करना है, बस इन बातों को लेकर समझदारी उत्पन्न करनी है।
अगले हफ्ते हम बात करेंगे निवेश में विविधता की। सिर्फ निवेश करना ही मायने नहीं रखता, बल्कि उसके लिए सूझबूझ से विभिन्न परिसंपत्तियों का चयन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
यदि आपके मन में निवेश संबंधी सवाल हैं तो हमारी ईमेलआइडी पर लिखें- iamolaxmi@gmail.com

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