किस्मत से मिली पहली फिल्म से लेकर दिलीप कुमार के 5 अफेयर तक, 15 तस्वीरों के जरिए जानें उनकी कहानी

एक्टर और लेजेंड रहे दिलीप कुमार का 98 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनकी यादों के खजाने से हम आपके लिए निकालकर लाएं हैं कुछ चुनिंदा तस्वीरें।   
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ट्रेजडी किंग यानी दिलीप कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे। हिंदी सिनेमा का एक पूरा दौर और 60 दशकों तक हिंदी सिनेमा के लेजेंड माने जाने वाले दिलीप कुमार का 7 जुलाई 2021 को 98 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके पीछे रह गईं उनकी पत्नी सायरा बानो और उनके किस्से, कहानियां, फिल्में और वो विरासत जो शायद ही किसी एक्टर के साथ रही हो। दिलीप कुमार साहब का मोहम्मद युसुफ खान से ट्रेजडी किंग बनने का सफर भी बहुत लाजवाब था। 

दिलीप कुमार साहब के इसी सफर को याद करने के लिए आज हम इस स्टोरी में उनकी कुछ तस्वीरों के साथ याद करेंगे उस बीते हुए दौर को जिसने दिलीप कुमार को ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। 

 

11. किस्मत से मिली थी पहली फिल्म-

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दिलीप कुमार असल में एक्टर बनने के बारे में सोचते ही नहीं थे। उनके पिता पेशावर में फलों के व्यापारी थे और दिलीप साहब को उन्होंने कैंटीन में लगवा दिया था। उनके पिता का कहना था कि अगर गुजारा करना है तो सभी को काम करना होगा। दिलीप कुमार कैंटीन चलाते थे और कुछ अदाएं भी दिखाते थे। इसी के साथ, वो पैसे कमाने के नए काम भी खोजते थे। काम के ही सिलसिले में दिलीप कुमार उन दिनों नैनीताल गए और इसी समय देविका रानी और उनके पति हिमांशू राय की नजर दिलीप कुमार की अदाओं पर पड़ी और देविका रानी की वजह से उन्हें उनका पहला ब्रेक मिला। उनकी डेब्यू फिल्म थी 1944 में में बनी 'ज्वार भाटा, हालांकि इस फिल्म का निगेटिव या कॉपी कुछ भी अब मौजूद नहीं है। 

2ऐसे युसुफ खान से बने दिलीप कुमार-

dilip kumar actuing

पाकिस्तान (तब हिंदुस्तान) का एक जवां पठान मोहम्मद युसुफ खान जब मुंबई के 'बॉम्बे टॉकीज' स्टूडियो में घूम रहा था तब उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि एक नाम उसकी जिंदगी बदल देगा। देविका रानी जिन्होंने उन्हें ब्रेक दिया था उन्होंने ही एक स्टेज नेम की बात की। युसुफ खान से उस वक्त उन्हें दिलीप कुमार नाम मिला। यहीं से शुरू हुई फिल्म 'ज्वार भाटा' की शूटिंग जिसे लोगों ने खूब पसंद किया। 

312 भाई-बहनों के बीच 36 रुपए थी पहली सैलरी-

dilip kumar childhood

जहां एक ओर दिलीप कुमार की पहली नौकरी आर्मी क्लब में सैंडविच स्टॉल पर लगी थी तब उनकी सैलरी 36 रुपए थी, वहीं दिलीप कुमार ने अपनी जिंदगी में फिल्मों से ही 600 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी बना ली थी। 1950 आते-आते दिलीप कुमार ने 1 लाख रुपए फीस के तौर पर लेना शुरू कर दिया था। दिलीप कुमार के परिवार में उनके माता-पिता के अलावा 12 भाई-बहन थे और इसलिए काफी कम उम्र से ही उन्होंने काम करना शुरू कर दिया था। 

 

4दिलीप कुमार की पहली फिल्म में उन्हें मिले थे इतने रुपए-

dilip kumar and kamini kaushal

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिलीप कुमार को उन दिनों काम करने के लिए बहुत भारी रकम दी गई थी। उन दिनों दिलीप को 1000 रुपए मासिक वेतन और 200 रुपए का भत्ता दिया जाता था। ये रकम 1944 के हिसाब से बहुत ज्यादा थी और दिलीप कुमार का स्टार बनने का सफर इसी सैलरी से शुरू हुआ था। हालांकि, मैं आपको बता दूं कि उनकी पहली फिल्म 'ज्वार भाटा' भी हिट नहीं थी और इस फिल्म में वो सेकंड लीड थे। 

53 साल तक रहे फ्लॉप एक्टर-

dilip kumar as an actor

दिलीप कुमार को हमेशा हिंदी सिनेमा का लेजेंड माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि डेब्यू करने से लेकर अगले तीन सालों तक दिलीप कुमार की हर फिल्म फ्लॉप हुई थी। जी हां, पूरे 3 साल तक दिलीप कुमार ने फ्लॉप एक्टर का ताना झेला और फिर हुई उनकी नई शुरुआत। ये शुरुआत थी फिल्म 'जुगनू' से जो 1947 में भारत को आजादी मिलने वाले साल में रिलीज हुई थी।

6फिल्म 'जुगनू' को कहा गया था वल्गर-

dilip kumar vulgur movie

एक्ट्रेस नूरजहां के साथ दिलीप कुमार की ये फिल्म कुछ समय के लिए भारत में बैन भी हो गई थी क्योंकि उसे वल्गर और छिछोरी फिल्म कहा गया था। जी हां, आपको शायद ये जानकर आश्चर्य होगा कि उस समय के जाने-माने फिल्म क्रिटिक बाबूराव पटेल ने इस फिल्म की बहुत बुराई की थी और इसे वल्गर कहा था। तभी इसे बैन भी किया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद इसपर से बैन हटा और फिर ये फिल्म सुपर-डुपर हिट साबित हुई। 

7दिलीप कुमार का पहला प्यार-

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कई लोगों का मानना है कि दिलीप कुमार का पहला प्यार हमेशा से मधुबाला रही हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मधुबाला जी से भी पहले दिलीप कुमार की जिंदगी में एक ऐसी एक्ट्रेस थीं जिनके साथ उनके लिंकअप की खबरें आम थीं और दिलीप कुमार खुद उन्हें बहुत पसंद करते थे? ये थीं कामिनी कौशल।  कामिनी कौशल का करियर भी काफी अच्छा था और वो भी अपने बुढ़ापे तक फिल्में करती रही हैं, लेकिन उस दौर में कामिनी की बात ही कुछ और थी। न दोनों ने साथ में 'शहीद, शबनम और नदिया के पार' फिल्मों में काम किया था। चर्चित नॉवलिस्ट इस्मत चुगताई ने अपनी किताब में लिखा है कि दिलीप कुमार को कामिनी से सच्ची मोहब्बत हो गई थी।

कामिनी कौशल की बहन की अचानक मृत्यु के बाद उन्हें परिवार के दबाव में आकर अपने जीजा से शादी करनी पड़ी थी। रिपोर्ट के अनुसार कामिनी कौशल के भाई ने दिलीप कुमार को जान से मारने की धमकी तक दे दी थी। 

81948 से शुरू हुआ दिलीप कुमार का दौर-

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1947 में नूरजहां (आजादी के बाद पाकिस्तान चली गई थीं) के साथ फिल्म करने के बाद दिलीप कुमार ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। दिलीप कुमार ने 1948 में ही 6 फिल्मों में काम किया और सभी हिट रहीं। इसके बाद से उन्हें लगातार फिल्में मिलती रहीं और 1952 में फिल्म 'दाग' के लिए उन्हें पहला फिल्मफेयर अवार्ड मिला था। इसके बाद से दिलीप कुमार को 7 और बार बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवार्ड मिला है। 

9दिलीप कुमार और मधुबाला की अधूरी प्रेम कहानी-

dilip kumar and madhubala

फिल्म 'तराना' की शूटिंग के दौरान 1951 में दोनों को एक दूसरे का साथ पसंद आया था और दोनों ने एक दूसरे से रिश्ते को जगजाहिर भी इसी फिल्म के प्रीमियर में कर दिया था। 

दिलीप कुमार की किताब 'Dilip Kumar: The Substance and the Shadow' में लिखा है कि, ''लोगों को लगता है कि मधुबाला के पिता अताउल्ला खान उनकी शादी मुझसे होने नहीं देना चाहते थे, ऐसा नहीं था। वो खुद इस रिश्ते से खुश थे, लेकिन उनकी एक शर्त बहुत भारी थी। मधुबाला के पिता की एक प्रोडक्शन कंपनी थी और वो ये चाहते थे कि दिलीप कुमार और मधुबाला अपने करियर के अंत तक हाथों में हाथ डाले सिर्फ उन्हीं की प्रोडक्शन तले बनी फिल्मों में काम करें। ये शर्त बहुत बड़ी थी और  मैंने उन्हें ये समझाया कि मेरा तरीका अलग है प्रोजेक्ट्स को सिलेक्ट करने का। अताउल्ला खान, मधुबाला और मेरे बीच इस विषय में काफी बात भी हुई, मधुबाला ने इसके विषय में कुछ नहीं कहा और मेरी परेशानी के बारे में नहीं सोचा। इसका नतीजा अच्छा नहीं हुआ।''

दिलीप कुमार और मधुबाला का रिश्ता ऐसे ही खत्म हो गया और फिल्म 'नया दौर' के दौरान एक कोर्ट केस हुआ जिसमें दिलीप कुमार ने मधुबाला और उनके पिता के खिलाफ गवाही भी दी थी। इसके बाद से ही दोनों अलग हो गए और उसके बाद सिर्फ 1960 में बनी फिल्म 'मुगल-ए-आज़म' में दिखे। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों एक्टर्स एक दूसरे से बात भी नहीं करते थे। 

10दिलीप कुमार का तीसरा अफेयर-

dilip kumar and vaijyanti mala

दिलीप कुमार के कामिनी कौशल और मधुबाला के अफेयर के बारे में तो हम आपको बता चुके हैं, लेकिन दिलीप कुमार का रिश्ता तीन और एक्ट्रेसेस के साथ रहा है। दिलीप कुमार की जिंदगी से मधुबाला के जाने के बाद वैजयंती माला ने एंट्री ली थी। दोनों ने 6 फिल्में साथ की थीं और उनके लिंकअप की खबरें बहुत आम थीं। वैसे तो दोनों ने कभी अपने रिश्ते को स्वीकार नहीं किया, लेकिन दोनों को एक साथ बहुत बार देखा गया था। फिल्म इतिहासकार बनी रुबीन और संजीत नारवरकर ने इनके अफेयर की खबरों को पूरी तरह से सही ठहराया था। ऐसा भी कहा जाता है कि फिल्म 'गंगा जमुना' में वैजयंती माला द्वारा पहनी गई साड़ियों के शेड भी दिलीप कुमार ने खुद चुने थे। पर ये रिश्ता वक्त के साथ-साथ फीका पड़ गया और वैजयंती माला ने चेन्नई के डॉक्टर चमनलाल बाली से शादी कर ली। 

 

11दिलीप कुमार की जिंदगी की साथी और उनका चौथा अफेयर-

dilip kumar and saira bano

दिलीप कुमार की जिंदगी में इसके बाद आईं सायरा बानो जो उनकी जीवन संगिनी बनीं और अंतिम समय तक उनके साथ रहीं। दिलीप कुमार ने अपनी किताब में लिखा है कि सायरा उनके जीवन में ठहराव लाई हैं। सायरा को उन दिनों की ब्यूटी क्वीन कहा जाता था और वो दिलीप कुमार से 1966 में सायरा ने शादी की और सायरा उस वक्त दिलीप कुमार से 22 साल छोटी थीं। सायरा ने दिलीप कुमार से शादी के लिए सबको मना लिया था और वो दिलीप कुमार की इतनी बड़ी फैन थीं कि वो कुछ भी कर उनकी साथी बनना चाहती थीं। 

12दिलीप कुमार का पांचवा अफेयर और दूसरी शादी-

dilip kumar and asma

दिलीप कुमार ने 1980 में अपनी दूसरी पत्नी के तौर पर हैदराबाद की सोशलाइट असमा को अपनाया था। दिलीप कुमार उस वक्त भी सायरा बानो के पति थे, लेकिन वो खुद को असमा से शादी करने से नहीं रोक पाए थे। सायरा उन दिनों खुश नहीं थीं पर वो दिलीप कुमार के इस रिश्ते को रोक नहीं पाईं। ये शादी 2 साल तक चली, लेकिन बाद में दिलीप कुमार को पता चला कि असमा उनसे चीटिंग कर रही हैं और उनके कुछ राज़ मीडिया को बता रही थीं।

इसके बाद उन्होंने असमा से तलाक ले लिया और सायरा बानो के पास वापस चले गए। 

13दिल टूटने की वजह से बने थे ट्रेजडी किंग-

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दिलीप कुमार अपना दिल कामिनी कौशल और मधुबाला को दे बैठे थे, लेकिन इन दोनों से ही रिश्ता मुकम्मल न हो पाने के कारण दिलीप कुमार ने अपनी फिल्मों की तरफ रुख किया और उस दौर में अपनी फिल्मों से ही दिल का हाल बयां किया। दिलीप कुमार मधुबाला से इतना प्यार करते थे कि जब मधुबाला का देहांत हुआ तो दिलीप कुमार डिप्रेशन में चले गए थे। दिलीप कुमार अपनी फिल्मों में एक टूटे हुए आशिक की भूमिका निभाते थे और उनकी फिल्मों की वजह से ही वो ट्रेजडी किंग कहे जाने लगे। 

14दिलीप कुमार जा चुके थे जेल-

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बहुत कम लोग जानते हैं कि दिलीप कुमार असल में जेल भी गए थे। दरअसल, 'Dilip Kumar: The Substance and Shadow' किताब में दिलीप कुमार के इस किस्से के बारे में भी बताया गया है। पूना (आजादी के पहले अब पुणे) में एयरफोर्स कैंटोनमेंट कैंटीन में काम करते समय एक सीनियर के कहने पर दिलीप कुमार ने एक स्पीच दी थी। जिसमें उन्होंने कर्मठ, आजाद और अहिंसा का पाठ पढ़ाया था। इस स्पीच में उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ कुछ शब्द कहे थे और स्पीच खत्म होते-होते तालियों के बीच उन्हें पुलिस वालों ने गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें येरवडा जेल ले जाया गया था और जेलर ने उन्हें 'गांधीवाला' नाम दिया था। 

15गिनीज बुक में दर्ज है नाम-

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गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दिलीप कुमार का नाम दर्ज है क्योंकि वो इकलौते ऐसे भारतीय एक्टर हैं जिन्हें सबसे ज्यादा अवार्ड्स मिले हैं। उन्हें 19 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेट किया गया है जिसमें से 8 बार उन्होंने ये अवॉर्ड जीता है। इसके बाद उन्हें 1 लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला है। 

भारत सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण और पद्म भूषण दोनों अवार्ड्स से सम्मानित किया था। 1994 में उन्हें दादा साहिब फाल्के अवार्ड मिला है। उन्हें शेरिफ ऑफ मुंबई अवॉर्ड भी दिया गया है। 1997 में उन्हें एनटीआर नेशनल अवॉर्ड दिया गया था। पाकिस्तान सरकार ने उन्हें 'निशान-ए-इम्तियाज़' अवॉर्ड दिया है। उन्हें CNN-IBN लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी दिया गया है।  

दिलीप कुमार अब इस दुनिया से चले गए हैं, लेकिन वो अपनी यादें जरूर छोड़ गए हैं। 

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