नशे के खिलाफ मल्टी-फ्रंट अटैक: पंजाब का नया रोडमैप

पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Punjab Chief Minister Bhagwant Singh Mann) ने एक सिस्टमेटिक मिशन में बदल दिया है। फरवरी 2025 से शुरू हुए युद्ध नशियां विरुद्ध अभियान में पुलिस, प्रशासन, समाज और शिक्षा चारों मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई हो रही है।
रणनीति का पहला स्तंभ सख्त एक्शन है। सीमा पर एंटी-ड्रोन तकनीक, तस्करों की संपत्ति जब्ती और बुलडोजर कार्रवाई ने सप्लाई चेन को तोड़ दिया है। दूसरा स्तंभ आंकड़ों पर आधारित कार्रवाई है। 29,046 केस, 42,224 आरोपी और हजारों किलो नशीले पदार्थों की बरामदगी इस बात का सबूत और ड्रग मनी बरामदगी है।
डी-एडिक्शन सेंटरों का हुआ विस्तार
तीसरा और सबसे अहम स्तंभ है पुनर्वास और रोकथाम। डी-एडिक्शन सेंटरों का विस्तार, स्कूलों में नशा विरोधी पाठ्यक्रम और नशामुक्त ग्राम रक्षा समितियां इस लड़ाई को टिकाऊ बना रही हैं। 4,500 से ज्यादा गांवों का नशामुक्त होना किसी भी नीति की बड़ी सफलता मानी जाएगी।
सिर्फ पुलिसिंग से नशा खत्म नहीं होता
सरकार समझती है कि सिर्फ पुलिसिंग से नशा खत्म नहीं होता है। इसलिए यह अभियान युवाओं को विकल्प, परिवारों को सहारा और समाज को जिम्मेदारी दे रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का कहना है कि ये लड़ाई नशे से नहीं, भविष्य के लिए है।
एक मॉडल बन चुका है युद्ध नशियां विरुद्ध
युद्ध नशियां विरुद्ध आज एक मॉडल बन चुका है, जो बताता है कि राजनीतिक इच्छा शक्ति, तकनीक और मानवीय सोच मिलकर कैसे एक पीढ़ी को बचा सकती है।
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Image Credit- Freepik/X
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