Mahashivratri 2023: इस विधि से करें महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पूजा, भोलेनाथ की बरसेगी कृपा

Mahashivratri 2023: 18 फरवरी, दिन शनिवार को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। इस दिन भगवान शिव की पूजा का विशेष विधान है। माना जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के शिवलिंग रूप की पूजा करना बेहद शुभ फलदायी और पुण्यकारी होता है।
हमारे ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स का कहना है कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिवलिंग पूजा करने से साक्षात भगवान शिव का आभास होता है और उनकी विशेष कृपा भी प्राप्त होती है लेकिन शिवलिंग पूजा में विधि और नियमों का ध्यान रखना भी जरूरी है।
ऐसे में आइये जानते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन किस विधि और किन नियमों का ध्यान रखते हुए शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए।
महाशिवरात्रि की पूजा विधि (Mahashivratri Ki Puja Vidhi)

- महाशिवरात्रि के दिन प्रातः स्नान कर लें।
- स्नान के बाद नए वस्त्र धारण करें।
इसे जरूर पढ़ें: आ रही है महाशिवरात्रि, जानें शुभ मुहूर्त समेत सभी जानकारी
- फिर दूध, बेलपत्र (बेलपत्र के उपाय), धतूरे, जल, अक्षत और पुष्प से पूजा की थाल सजाएं।
- शिवलिंग पर अर्पित करने के लिए रुद्राक्ष भी पूजा सामग्री में शामिल करें।
- जल के लोटे को और पूजा थाली को किसी शुद्ध लाल कपड़े से ढक लें।
- अब शिवलिंग की पूजा आरंभ करें और भगवान शिव का ध्यान करें।
- शिवलिंग की पूजा दक्षिण दिशा में ही बैठकर करें।
- सबसे पहले भगवान शिव को दूध अर्पित करें।
- दूध चढ़ाने के बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
- जल के बाद शिवलिंग के समक्ष अक्षत और रुद्राक्ष अर्पित करें।
- इसके बाद शिवलिंग को त्रिपुंड तिलक लगाएं।
- त्रिपुंड तिलक लगाने के बाद शिवलिंग पर बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें।
- इसके बाद शिवलिंग पर पुष्प चढ़ाएं और भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें।
- भगवान शिव के मंत्रों का जाप करने के बाद शिवलिंग की परिक्रमा करें।
- भगवान शिव की आरती उतारें और उन्हें भोग लगाएं।
- इसके बाद प्रसाद को सभी में वितरित करें।
महाशिवरात्रि के पूजा नियम (Mahashivratri Ke Puja Niyam)

- पूर्व, उत्तर और पश्चिम दिशा (पश्चिम दिशा में करें ये उपाय) में कभी भी शिवलिंग पूजा न करें।
- भगवान शिव की मूर्ति की पूरी परिक्रमा और शिवलिंग की आधी परिक्रमा करें।
इसे जरूर पढ़ें: Maha Shivratri 2023: धन लाभ और सुख समृद्धि के लिए इस दिन जरूर करें अचूक उपाय
- भगवान शिव की पूजा से पहले माता पार्वती की पूजा अवश्य करें।
- माता पार्वती की पूजा के बिना भगवान शिव की पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है।
- एक अंतिम नियम यही है कि भगवान शिव की पूजा पूर्ण श्रद्धा से करें।
तो ये थी महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की पूजा विधि और उससे जुड़े नियम। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
Image Credit: Freepik, Shutterstock
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।