'वीरा सुहागणी करवड़ा ले', जानिए करवा चौथ पर थाली बांटते समय गाए जाने वाले इस गीत का क्या है मतलब?

Karwa Chauth Veero Kudiye Arwada Geet Lyrics Meaning: करवा चौथ के पर्व पर महिलाएं उपवास रखती हैं और करवा माता से अपने जीवनसाथी की उन्नति और दीर्घायु की कामना करती हैं। प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चन्द्रोदय व्यापिनी चतुर्थी पर यह पर्व मनाया जाता है। साल 2026 में यह त्योहार 28 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिनें निर्जला व्रत रखती हैं और चांद निकलने पर उसका दीदार करके व्रत खोलती हैं। कई जगहों पर सभी विवाहित औरतें खुली जगह पर, जैसे आंगन या छत पर इकट्ठा होती हैं और कथा सुनती तथा गीत गाती हैं। आज के इस लेख में हम आपको करवा चौथ की पूजा के दौरान थाली घुमाते हुए गाए जाने वाले गीत "वीरा कुड़िए करवड़ा, सर्व सुहागन करवड़ा" के मतलब के बारे में बताने जा रहे हैं।
करवा चौथ की पूजा थाली बांटने वाला गीत
करवा चौथ के पावन अवसर पर थाली फेरने या बदलने की रस्म के दौरान "वीरा सुहागणी करवड़ा ले" पारंपरिक लोकगीत गाया जाता है। नीचे पढ़ें पूरी लिरिक्स-
वीरा कुडिये करवडा
सर्व सुहागन करवड़ा
ए कट्टी ना अटेरी ना
खुम्ब चरखा फेरी ना
गवान्ड पैर पायी ना
सूई चा धागा पाई ना
रूठडा मनाई ना
सूतडा जगाई ना
बहन प्यारी वीरा
चन चढे ते पानी पीणा
ले वीरा कूडीयो करवडा
लै सर्व सुहागन करवडा
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वीरा कुडिये करवडा करवा चौथ गीत का मतलब
वीरा कुडिये करवडा गीत करवा चौथ के दिन थाली घुमाने या 'करवा बदलने' (थली फेरने) की रस्म के दौरान गाया जाता है। करवा चौथ का व्रत उत्तर भारत खासकर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।
इस गीत में बहन अपने भाई (वीरा) और पूरे परिवार को संबोधित करते हुए व्रत के नियमों, पारंपरिक मर्यादाओं और सुहाग की मंगल कामनाओं को व्यक्त करती है। इसमें व्रत के दिन किन-किन बातों या कामों से बचना चाहिए, इसका सुंदर वर्णन किया गया है।
गीत के बोल- वीरा कुडिये करवडा, सर्व सुहागन करवड़ा
अर्थ- गीत की शुरुआत में बहन अपने भाई से सुहाग का प्रतीक करवा स्वीकार करने का आग्रह करती है और सभी सुहागिन महिलाओं के अखंड सौभाग्य की कामना करती है।
गीत के बोल-'ए कट्टी ना अटेरी ना, खुम्ब चरखा फेरी ना'
अर्थ- इस दिन सूत कातने, चरखा चलाने या घर के ऐसे कामों से बचने की बात कही जाती है जिससे व्रत के दौरान मन भटके या व्यवधान आए।
गीत के बोल-'गवान्ड पैर पायी ना, सूई चा धागा पाई ना'
अर्थ- पड़ोसियों के यहां जाकर उलझने या सुई में धागा पिरोने जैसे छोटे-मोटे घरेलू कामों से भी दूर रहने का पारंपरिक संकेत दिया जाता है।
गीत के बोल- 'रूठडा मनाई ना, सूतडा जगाई ना'
अर्थ- किसी से रूठने-मनाने या सोते हुए को जगाने जैसे कार्यों को वर्जित मानकर पूरा ध्यान व्रत और पूजा पर केंद्रित करने की सीख दी जाती है।
गीत के बोल- ले वीरा कूडीयो करवडा, लै सर्व सुहागन करवडा
अर्थ- अंत में बहन अपने भाई को याद करते हुए कहती है कि जब आसमान में चांद निकल आएगा, तब वे चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना उपवास खोलेंगे और जल ग्रहण करेंगे।
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इस गीत के पूरे लिरिक्स और अर्थ के बारे में आप जान गई होंगी। अगली बार अगर आपको यह गीत सुनने में समझ ना आए, तो आप इसका वीरा कुडिये करवडा गीत का हिंदी मतलब पढ़कर समझ सकती हैं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।
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