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आखिर क्यों इस मंदिर में पुरुषों को 16 श्रृंगार करने के बाद ही मिलता है प्रवेश?

भारत को मंदिरों का गढ़ माना जाता है। जहां एक ओर ज्यादातर मंदिर रहस्यों से भरे हुए हैं तो वहीं, कुछ मंदिरों के रिवाज बहुत प्राचीन और हैरान कर देने वाले हैं। 
Updated:- 2024-04-03, 17:30 IST
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Temple Where Men Are Allowed Only When They Dress Up As Women: भारत को मंदिरों का गढ़ माना जाता है। जहां एक ओर ज्यादातर मंदिर रहस्यों से भरे हुए हैं तो वहीं, कुछ मंदिरों के रिवाज बहुत प्राचीन और हैरान कर देने वाले हैं। ऐसा ही एक मंदिर केरल में मौजूद है जहां पुरुषों के मंदिर में जानें से जुड़ा रिवाज न सिर्फ अनोखा है बल्कि चौंका देने वाला भी है। इस मंदिर में अगर किसी भी पुरुष को प्रवेश करना है तो उसके लिए उसे स्त्री भेस धारण करना पड़ेगा। यानी कि महिला के रूप में ही इस मंदिर में परूषों को एंट्री मिलती है। ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं इस मंदिर के बारे में। 

किस मंदिर में महिला बनकर ही जा सकते हैं पुरुष?

Temple where men are not allowed

केरल के कोल्लम डिस्ट्रिक्ट में मौजूद है कोट्टमकुलकारा देवी मंदिर। इस मंदिर की खासियत ये है कि यहां जाने वाले हर पुरुष को तभी मंदिर में प्रवेश मिलता है जब वह महिला की तरह सोलह श्रृंगार करे। 

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इस मंदिर में देवी के दर्शनों के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं, लेकिन जहां एक ओर महिलाओं को सरलता से प्रवेश मिल जाता है वहीं, पुरुषों को पहले महिलाओं की तरह तैयार होना पड़ता है। इसके बाद ही देवी के दर्शन हो पाते हैं। 

इस रिवाज के पीछे ऐसी मान्यता है कि जो भी पुरुष इस मंदिर में महिला बनकर और सोलह श्रृंगार करके जाता है उसकी नौकरी में तरक्की हो जाती है, मनचाहा प्रमोशन उसे मिल जाता है।

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इसके अलावा, ऐसा भी माना जाता है कि महिला के भेस में दर्शन करने वाले पुरुषों के के जीवन में अगर विवाह से जुड़ी कोई भी समस्या है तो वह भी दूर हो जाती है। प्रेम विवाह की बाधाएं नष्ट हो जाती हैं। 

Temple where men get entry only after becoming women

साथ ही, वैवाहिक जीवन मधुर बना रहता है। वैवाहिक जीवन में अगर कोई क्लेश या दुख पसरा हुआ है तो देवी की कृपा से दांपत्य जीवन में मधुरता छा जाती है। प्रेम में विस्तार होता है और पारिवारिक शांति मिलती है।

 

आप भी इस लेख में दी गई जानकारी के माध्यम से यह जान सकते हैं कि आखिर कौन सा ऐसा मंदिर है जहां पुरुषों को महिला भेस धारण करने और सोलह श्रृंगार के बाद ही मंदिर में एंट्री मिलती है। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से। 

image credit: wikipedia 

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