Sun Sep 20, 2026 | Updated 11:57 PM IST

आपके शहर में Heat Wave चल रही है या नहीं? ऐसे करें पता, जानें IMD कैसे करता है हीटवेव की भविष्यवाणी

How To Identify Heat Wave: हीटवेव तब घोषित की जाती है जब किसी क्षेत्र में लगातार तापमान सामान्य से बहुत अधिक हो जाता है। भारत में यह आमतौर पर मार्च से जून के बीच देखने को मिलती है और कभी-कभी जुलाई की शुरुआत तक भी बनी रहती है। आइए इसी के साथ जानते हैं कि IMD हीटवेव की भविष्यवाणी कैसे करता है।
Updated:- 2025-04-10, 20:08 IST
image

How To Identify Heat Wave: भारत में गर्मियों के मौसम में लू एक आम समस्या है, लेकिन यह ज्यादा हो जाए, तो खतरनाक समस्या बन जाती है। कई बार तापमान इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त होने लगता है और स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ता है। देश के कई राज्यों में गर्मी ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है।

भारतीय मौसम विभाग ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों के लिए दो दिनों पहले ही लू (हीटवेव) का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, तो वहीं राजस्थान के बाड़मेर में यह 47 डिग्री तक पहुंच गया था। हालांकि, अभी कई राज्यों में मौसम ने करवट ले ली है। अब सवाल यह उठता है कि मौसम विभाग इसे कैसे ट्रैक करता है। ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी है कि आपके शहर में हीटवेव चल रही है या नहीं, और भारतीय मौसम विभाग इसका पूर्वानुमान कैसे लगाता है।

इसे भी पढ़ें- आखिर क्यों दिल्ली में पड़ती है इतनी गर्मी, 50 डिग्री से ऊपर तापमान का क्या है मतलब?

कैसे पता करें हीटवेव चल रही है या नहीं?

How imd predicts heatwave

अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके शहर में लू चल रही है या नहीं, तो मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया अकाउंट्स पर जारी बुलेटिन को चेक कर सकते हैं। इन बुलेटिन्स में तापमान, ह्यूमिडिटी और अन्य जरूरी आंकड़ों की जानकारी दी जाती है।

IMD के अनुसार, किसी भी स्थान पर लू की स्थिति तापमान के स्तर से तय की जाती है। मैदानी इलाकों में यदि अधिकतम तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक पहुंच जाए, तो वहां हीटवेव मानी जाती है। जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में यह सीमा 30 डिग्री होती है। तटीय क्षेत्रों जैसे मुंबई आदि के लिए यह मानक थोड़ा अलग है। यहां यदि अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा हो जाए, तो उसे हीटवेव की स्थिति माना जाता है।

इसे भी पढ़ें- क्या 2025 की गर्मी तोड़ेगी सारे रिकॉर्ड? जानिए अप्रैल से जुलाई तक कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम

IMD कैसे करता है हीटवेव की भविष्यवाणी?

heatwave prediction rule

मौसम विभाग हीटवेव की भविष्यवाणी के लिए कई उन्नत तकनीकों और मॉडल्स का इस्तेमाल करता है। इनमें वेदर रिसर्च फॉरकास्टिंग (WRF), ग्लोबल फॉरकास्टिंग सिस्टम (GFS), और ग्लोबल एनसेंबल फॉरकास्ट सिस्टम (GEFS) शामिल हैं। इन सभी मॉडल्स की मदद से संभावित हीटवेव की पहचान पहले ही कर ली जाती है। यह पूरी प्रक्रिया पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन आती है। इसके अलावा, मौसम विभाग कुछ अंतरराष्ट्रीय मॉडल्स का भी सहारा लेता है, जिससे पूर्वानुमान और भी सटीक हो सके।

इसे भी पढ़ें- Heat Wave Alert:बढ़ती गर्मी के बीच लू का अलर्ट, जानिए कौन इसकी चपेट में आसानी से आ सकता है?

इस आर्टिकल के बारे में अपनी राय भी आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। साथ ही,अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें। इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हर जिन्दगी के साथ

Image credit- Freepik


Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।