फर्जी डॉक्टर बोला- जल्दी पैसे भेजो और खाली हो गया अकाउंट, जानें कैसे करे Fake Doctor की पहचान
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अस्पताल एक ऐसी जगह है, जहां इंसान शारीरिक और मानसिक रूप से सबसे कमजोर होता है। इसी मजबूरी और जल्दबाजी का फायदा उठाकर अब ठगों ने एक नया तरीका निकाला है,'फर्जी डॉक्टर' बनकर लूट करना। हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहाँ ठगों ने सफेद कोट पहनकर और गले में स्टेथोस्कोप डालकर मरीजों के परिजनों को लाखों रुपये का चूना लगाया है। इस केस ने लोगों के मन में कई सवाल पैदा कर देते हैं। ऐसे में ये जानना बनता है कि कैसे फेक डॉक्टर बनकर ठगी की जा रही है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि अस्पताल में कैसे फेक डॉक्टर्स अपनी पहचान छुपाए घूम रहे हैं। पढ़ते हैं आगे...
कैसे होती है यह ठगी?
बता दें कि इन ठगों का तरीका बहुत ही सोची-समझी चाल जैसा होता है। वे अस्पताल में डॉक्टर के वेश में घूमते हैं और ऐसे मरीजों को निशाना बनाते हैं, जिनकी स्थिति बेहद ही गंभीर होती ह।

वे परिवार वालो के पास जाकर कहते हैं, "मरीज की हालत बिगड़ रही है, तुरंत एक इंजेक्शन या सर्जरी की जरूरत है। अस्पताल के काउंटर पर लाइन लंबी होगी, आप जल्दी से इस UPI नंबर पर पैसे भेज दीजिए ताकि हम तुरंत दवा मंगा सकें।
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ऐसी स्थिति में घबराए हुए परिवार वाले बिना सोचे-समझे पैसे ट्रांसफर कर देते हैं और ठग वहां से नौ-दो-ग्यारह हो जाता है। जब तक असली डॉक्टर राउंड पर आता है, तब तक परिजनों के लाखों रुपये डूब चुके होते हैं।

कैसे करें नकली और असली डॉक्टर की पहचान कैसे करें?
- अस्पताल के शोर-शराबे और तनाव में ठगों को पहचानना मुश्किल हो सकता है। लेकिन आपके पता होना चाहिए कि कोई भी फेमस और बड़ा अस्पताल या वहां का डॉक्टर आपसे सीधे कैश या अपने निजी मोबाइल नंबर (UPI) पर पैसे नहीं मांगेगा। हॉस्पिटल का सारा लेन-देन हमेशा ऑधिकारिक बिलिंग काउंटर पर ही होता है।
- अस्पताल के हर स्टाफ और डॉक्टर के पास एक ऑफिशियल पहचान पत्र होता है। यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध लगे, तो उसका आईडी कार्ड जरूर देखें।
- यदि कोई नया डॉक्टर आकर आपसे पैसों की मांग करता है, तो तुरंत वॉर्ड में मौजूद नर्स या ड्यूटी मैनेजर से उसके बारे में पूछें।
- डॉक्टर हमेशा दवा या टेस्ट के लिए आधिकारिक लेटरहेड पर पर्ची लिखकर देते हैं। केवल जुबानी तौर पर पैसे मांगना ठगी का बड़ा संकेत है।
- ठग हमेशा आपको डराएंगे कि देर हो गई तो मरीज को कुछ हो जाएगा। ऐसे समय में शांत रहें और अस्पताल के आधिकारिक नियमों का ही पालन करें।
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