विधवा बहू के दोबारा शादी करने पर माता-पिता को मिल सकती है बेटे की पारिवारिक पेंशन? जानिए क्या कहता है कानून

जन्म और मृत्यु ये दोनों ही जीवन की अटल सच्चाई हैं यानी जिसने इस धरती पर जन्म लिया है, उसे एक न एक दिन मरना ही है। लेकिन, कभी-कभी लोग अपनों को ऐसे समय में छोड़कर चले जाते हैं, जब उन पर परिवार की बड़ी जिम्मेदारियां होती हैं। ऐसे में, जिन माता-पिता का शादीशुदा बेटा गुजर जाता है, उनका दर्द सबसे गहरा होता है।
अगर बेटा नौकरी करता है और उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उसकी पत्नी को पारिवारिक पेंशन (Family Pension) मिलने लगती है। इससे घर का खर्च चलाने में मदद मिलती है। ऐसे में कई बार यह सवाल उठता है कि अगर विधवा बहू दोबारा शादी कर लेती है, तो क्या उसके बाद बुजुर्ग माता-पिता को बेटे की पेंशन मिल सकती है? आइए, आज हम आपको इस सवाल का जवाब देते हैं।
पारिवारिक पेंशन क्या होती है?
जब कोई सरकारी या प्राइवेट कंपनी का कर्मचारी नौकरी करते हुए या रिटायरमेंट के बाद गुजर जाता है, तो उसके परिवार को हर महीने एक तय रकम दी जाती है। इसी रकम को पारिवारिक पेंशन कहते हैं। इसका मकसद कर्मचारी की मौत के बाद उसके परिवार को आर्थिक मदद देना है।

भारत में पारिवारिक पेंशन देने के लिए दो मुख्य नियम लागू होते हैं।
- केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021: ये नियम केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर लागू होते हैं।
- EPFO के तहत कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), 1995: यह निजी कंपनियों या संगठनों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए होती है। ये नियम ही तय करते हैं कि किसे, कब और कितनी पारिवारिक पेंशन मिल सकती है।
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पारिवारिक पेंशन सबसे पहले किसे मिलती है?
CCS Pension Rules, 2021 के तहत, जब किसी कर्मचारी की मौत होती है, तो उसकी पारिवारिक पेंशन पर पहला हक मृतक की पत्नी का होता है। अगर पत्नी नहीं है, तो उसके बच्चों या मृतक बेटे के माता-पिता का हक होता है।
अगर विधवा बहू दोबारा शादी कर ले, तो क्या पेंशन मिलती रहेगी?
हां, कुछ मामलों में विधवा बहू के दोबारा शादी करने के बाद भी उसे पेंशन मिल सकती है। लेकिन, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि नौकरी किस तरह की थी और पेंशन स्कीम के क्या नियम थे।
- CCS Pension Rules, 2021 के अनुसार, अगर कोई सरकारी कर्मचारी गुजर जाता है और उसकी विधवा पत्नी दोबारा शादी कर लेती है, तब भी वह पारिवारिक पेंशन पाने की हकदार हो सकती है। ऐसा तब होता है जब उसकी अपनी कोई कमाई न हो और दोबारा शादी के बाद उसे पेंशन के लिए अयोग्य न माना जाए।
- सेना, पुलिस, प्राइवेट कंपनियां और राज्य सरकारों के पारिवारिक पेंशन को लेकर नियम अलग हो सकते हैं। यहां पर विधवा पत्नी के दूसरी शादी करने पर पेंशन बंद की जा सकती है।
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क्या विधवा बहू के दोबारा शादी करने पर माता-पिता को बेटे की पेंशन मिल सकती है?
हां, मिल सकती है, लेकिन कुछ खास हालात में।

- मृतक बेटे के माता-पिता को पारिवारिक पेंशन तब मिल सकती है, जब उसकी विधवा पत्नी ने दोबारा शादी कर ली हो और उस पेंशन स्कीम के नियमों के मुताबिक उसे पेंशन पाने का अधिकार न रहा हो।
- अगर विधवा पत्नी की मृत्यु हो जाती है और उसके बच्चे नाबालिग या विकलांग हैं, तो पेंशन का अधिकार अगली श्रेणी यानी आश्रित माता-पिता को मिलता है।
- इसके अलावा, माता-पिता तभी पारिवारिक पेंशन के हकदार माने जाते हैं, जब वे अपने बेटे पर आर्थिक रूप से निर्भर थे और उनकी खुद की आय बहुत कम है।
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