बच्चा हर बात पर करता है जिद और गुस्सा? माता-पिता की ये 5 गलतियां हो सकती हैं वजह

बच्चों का छोटी-छोटी बातों पर नाराज होना, अपनी बात मनवाने के लिए रोना या मनचाही चीज न मिलने पर गुस्सा करना माता-पिता के लिए अक्सर परेशानी का कारण बन जाता है। कई बार बच्चे का व्यवहार समझना मुश्किल हो जाता है और माता-पिता उसे शांत करने के लिए उसकी हर मांग पूरी कर देते हैं। हालांकि, ऐसा करने से समस्या कम होने के बजाय और ज्यादा बढ़ जाती है। बच्चों के व्यवहार को सही रखने के लिए घर का माहौल, माता-पिता की आदतें और उनके आसपास की चीजों का काफी रोल होता है।
बच्चे अपने माता-पिता को देखकर बोलना, प्रतिक्रिया देना और भावनाओं को व्यक्त करना सीखते हैं। ऐसे में बड़ों की कुछ आदतें अनजाने में बच्चों के गुस्से और जिद को बढ़ावा दे सकती हैं। आइए जानते हैं कि माता-पिता की किन आदतों का बच्चों के व्यवहार पर असर पड़ सकता है और उन्हें सुधारने के लिए क्या करना चाहिए?
बच्चे के गुस्से और जिद का कारण
अगर आपका बच्चा भी हर बात पर गुस्सा करता है और चीजों को समझता नहीं है, तो इन बातों को ध्यान रखें।
1. माता-पिता को देखकर सीखते हैं बच्चे
बच्चों के व्यवहार पर घर के माहौल का काफी असर पड़ता है। अगर माता-पिता छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करते हैं, ऊंची आवाज में बात करते हैं या अपनी बात मनवाने के लिए दबाव बनाते हैं, तो बच्चे भी धीरे-धीरे वही सीखते हैं। मनोविज्ञान में इसे ऑब्जर्वेशनल लर्निंग यानी दूसरों को देखकर सीखने की प्रोसेस कहा जाता है। बच्चे अक्सर वही व्यवहार अपनाते हैं, जो वे अपने आसपास के लोगों में देखते हैं। इसलिए माता-पिता को बच्चों के सामने अपनी भावनाओं पर कंट्रोल रखने और शांति से बात करने की कोशिश करनी चाहिए।
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2. कार्टून, वीडियो और मोबाइल गेम का भी पड़ सकता है असर
बच्चों के व्यवहार को केवल घर का माहौल ही नहीं, बल्कि वे कार्टून, वीडियो और मोबाइल गेम भी प्रभावित कर सकते हैं, जिन्हें वे रोजाना देखते हैं। अगर बच्चा ऐसे किरदारों को बार-बार देखता है, जो गुस्सा करके, चिल्लाकर या आक्रामक व्यवहार से अपनी बात मनवाते हैं, तो वह भी इन तरीकों की नकल कर सकता है। इसलिए माता-पिता के लिए जरूरी है कि वे बच्चों के स्क्रीन टाइम के साथ-साथ उनके देखे जाने वाले कंटेंट पर भी ध्यान दें।
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3. बच्चे के गुस्से के आगे हर बार न झुकें
जब बच्चा रोकर, चिल्लाकर या गुस्सा करके अपनी बात मनवाने की कोशिश करता है, तो माता-पिता कई बार उसे शांत करने के लिए उसकी मांग पूरी कर देते हैं। खासकर बाजार या किसी पब्लिक जगह पर बच्चे के रोने से होने वाली परेशानी के कारण वे उसकी जिद के आगे झुक सकते हैं, लेकिन अगर हर बार गुस्सा करने पर बच्चे को मनचाही चीज मिल जाती है, तो वह सीख सकता है कि अपनी मांग पूरी करवाने का यह तरीका काम करता है। धीरे-धीरे यह व्यवहार उसकी आदत का हिस्सा बन सकता है। ऐसी स्थिति में माता-पिता को धैर्य बनाए रखना चाहिए। बच्चे की भावनाओं को समझते हुए उसे प्यार से बताएं कि गुस्सा करने से हर मांग पूरी नहीं हो सकती।
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4. परवरिश के नियम बार-बार न बदलें
बच्चों को अनुशासन सिखाने के लिए घर के नियमों को एक जैसा ही रखें। अगर माता-पिता कभी बच्चे की जिद मान लेते हैं और कभी उसी बात के लिए मना कर देते हैं, तो बच्चा उलझन में पड़ सकता है।
उदाहरण के लिए, अगर किसी दिन रोने पर बच्चे को मोबाइल इस्तेमाल करने की अनुमति मिल जाती है, लेकिन दूसरे दिन उसी व्यवहार पर डांट पड़ती है, तो उसके लिए नियम समझना मुश्किल हो सकता है। इसलिए माता-पिता को घर के नियम स्पष्ट रखने चाहिए। बच्चे की मांग पर फैसला लेते समय अपने मूड के बजाय तय किए गए नियमों का ध्यान रखें।
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5. जरूरत से ज्यादा लाड़-प्यार भी बढ़ा सकता है जिद
बच्चों से प्यार करना और उनकी जरूरतों का ध्यान रखना जरूरी है, लेकिन उनकी हर इच्छा पूरी करना हमेशा सही नहीं होता। अगर बच्चे को हर बार मनचाही चीज मिलती है और उसे कभी इंतजार नहीं करना पड़ता, तो उसके लिए अपनी इच्छाओं पर कंट्रोल रखना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में मनचाही चीज न मिलने पर बच्चा नाराज हो सकता है या गुस्सा दिखा सकता है। दूसरी ओर, जरूरत से ज्यादा सख्ती और हर छोटी गलती पर डांटना भी बच्चे के भावनात्मक विकास को प्रभावित कर सकता है।
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बच्चे के गुस्से के पीछे की असली वजह समझना भी जरूरी
बच्चे का गुस्सा हमेशा जिद या बदतमीजी का संकेत नहीं होता। कई बार थकान, भूख, निराशा, ध्यान की जरूरत या अपनी भावनाओं को ठीक से व्यक्त न कर पाने के कारण भी बच्चा नाराज हो सकता है। ऐसे में माता-पिता को केवल बच्चे के व्यवहार को रोकने पर ध्यान देने के बजाय उसकी परेशानी समझने की कोशिश करनी चाहिए। उससे शांत होकर बात करें और उसे अपनी भावनाएं शब्दों में बताना सिखाएं। याद रखें, बच्चों को गुस्सा न करने की सीख देने के साथ-साथ यह समझाना भी जरूरी है कि गुस्सा आने पर अपनी बात कैसे रखनी चाहिए।
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- बच्चे छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा क्यों करते हैं?
- बच्चे अक्सर माता-पिता को देखकर, थकान, भूख या अपनी भावना व्यक्त न कर पाने के कारण गुस्सा करते हैं।
- ऑब्जर्वेशनल लर्निंग क्या होती है?
- यह एक साइकोलॉजिकल प्रोसेस है जिसमें बच्चा दूसरों, खासकर माता-पिता को देखकर बोलना, व्यवहार करना और रिएक्ट करना सीखता है।
- बच्चे की जिद को कैसे कम करें?
- घर के नियम साफ रखें, हर बार उसकी जिद के आगे न झुकें, स्क्रीन टाइम और कंटेंट पर ध्यान दें और उसे अपनी भावनाएं शब्दों में बताना सिखाएं।
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