घर की छोटी सी बालकनी में लग जाएंगे ये 5 औषधीय पौधे, माली ने बताया तरीका

घर की बालकनी में आमतौर पर अलग-अलग तरह के पेड़-पौधे लगाते हैं। इसमें फूल, फल और पूजा-पाठ से जुड़े प्लांट लगाते हैं। अगर आप इसके अलावा अपनी बगिया में दूसरे पौधे लगाना चाहती हैं, तो औषधीय पौधे बेस्ट हैं।
Updated:- 2026-08-03, 16:27 IST
5 Medicinal Plant Name And Growing Tips

आज के समय में लोग अपनी बालकनी में न केवल फूल बल्कि अन्य प्रकार के पौधे भी लगाते हैं। इसमें धार्मिक पौधों से लेकर औषधीय पौधे तक शामिल होते हैं। हम में से कई लोगों को यह लगता है कि इन्हें लगाना और इनकी देखभाल करना मुश्किल है। मगर आपको बता दें कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। इस विषय पर हमने गार्डनर  कविता तिवारी से बात की, उन्होंने बताया कि औषधीय पौधों को अगर सही तरीके से लगाया जाए, तो ये न केवल अच्छे से ग्रो करते हैं, बल्कि हमेशा हरे-भरे भी रहते हैं। साथ ही जरूरत पड़ने पर इनका तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है। नीचे दिए गए लेख में जानें इन पौधों को घर पर लगाने का आसान तरीका।

बालकनी में कौन-कौन से औषधीय पौधे लगा सकते हैं?

औषधीय पौधों को उगाने को लेकर माली का कहना है कि इसके लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती है। बस सही देखभाल चाहिए। इन्हें छोटे गमलों में आसानी से लगाया जा सकता है। धूप और पानी का सही ध्यान रखकर आप घर पर ही अपनी छोटी सी आयुर्वेदिक वाटिका तैयार कर सकती हैं।

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1. पत्थरचट्टा पौधा लगाने का तरीका

पत्थरचट्टा को उगाना बहुत आसान है। इसके पौधे को बीज या इसकी मोटी पत्तियों को मिट्टी में दबाकर आसानी से तैयार किया जा सकता है। आप नर्सरी से इसका छोटा पौधा लाकर भी गमले में लगा सकती हैं। इसके लिए हमेशा अच्छी जल निकासी वाली हल्की मिट्टी का इस्तेमाल करें।

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देखभाल का तरीका

पत्थरचट्टा पौधे को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। गमले की मिट्टी सूखने पर ही पानी दें। इसे ऐसी जगह रखें जहां दिनभर में कम से कम 4 से 5 घंटे की सीधी धूप मिलती रहे। समय-समय पर इसकी सूखी पत्तियां हटाते रहें ताकि पौधे का विकास अच्छे से हो सके।

किस मौसम में लगाएं?

पत्थरचट्टा को लगाने के लिए बरसात का मौसम सबसे अच्छा माना जाता है। इसके अलावा, आप इसे फरवरी-मार्च के महीने में भी आसानी से अपने घर की बालकनी में लगा सकते हैं।

2. ब्राह्मी का पौधा लगाने का तरीका

ब्राह्मी का पौधा लगाने के लिए आप नर्सरी से कटिंग या पौधा ला सकते हैं। इसे छोटे गमले या चौड़े बर्तन में लगाया जाता है। इसकी मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए सामान्य मिट्टी में थोड़ी सी खाद और रेत मिलाकर तैयार करें। इससे पौधा तेजी से फैलेगा।

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देखभाल का तरीका

ब्राह्मी को नमी बहुत पसंद है, इसलिए इसके गमले की मिट्टी को सूखने न दें और नियमित रूप से पानी डालते रहें। इसे रोजाना 3 से 4 घंटे की हल्की धूप दिखाएं। अगर तेज धूप हो तो इसे थोड़े छांव वाली जगह पर रख सकती हैं।

किस मौसम में लगाएं?

ब्राह्मी को लगाने का सबसे उत्तम समय मानसून का होता है। नमी और उमस भरे मौसम में यह पौधा बहुत तेजी से बढ़ता है। फरवरी से अप्रैल के बीच भी इसे लगाया जा सकता है।

3. अश्वगंधा का पौधा लगाने का तरीका

अश्वगंधा मुख्य रूप से बीजों द्वारा उगाया जाता है। इसके बीजों को गमले की उपजाऊ मिट्टी में लगभग एक इंच गहराई में बोएं। बीज बोने के बाद हल्का पानी छिड़क दें। कुछ ही हफ्तों में बीज अंकुरित होकर बाहर आ जाएंगे और पौधा तैयार होने लगेगा।

देखभाल का तरीका

अश्वगंधा के पौधे को मजबूत बनने के लिए भरपूर धूप की जरूरत होती है। इसे बालकनी के उस कोने में रखें जहां सबसे ज्यादा धूप आती हो। पौधे को ज्यादा पानी न दें, क्योंकि इसकी जड़ों में पानी भरने से पौधा सड़ सकता है। मिट्टी हल्की सूखी होने पर ही पानी दें।

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किस मौसम में लगाएं?

अश्वगंधा को उगाने के लिए गर्मी के शुरुआती दिन या बरसात का मौसम सबसे सही रहता है। आप इसे फरवरी से जुलाई के बीच कभी भी आसानी से गमले में लगा सकते हैं।

4. मीठी तुलसी लगाने का तरीका

मीठी तुलसी यानी स्टीविया को उगाने के लिए नर्सरी से कटिंग लाना अच्छा रहता है। इसे लगाने के लिए गमले में उपजाऊ मिट्टी और गोबर की खाद मिलाकर भरें। कटिंग को मिट्टी में दबाकर हल्का पानी दें ताकि वह आसानी से जड़ पकड़ ले।

देखभाल का तरीका

इस पौधे को हर रोज कम से कम 5 से 6 घंटे की धूप चाहिए। मिट्टी में नमी जरूर होनी चाहिए लेकिन पानी जमा नहीं होना चाहिए। इसकी मीठी पत्तियों को समय-समय पर ऊपर से काटते रहें, जिससे पौधा घना हो और नई शाखाएं निकल सकें।

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किस मौसम में लगाएं?

मीठी तुलसी को लगाने के लिए फरवरी-मार्च या बरसात का मौसम सबसे अनुकूल होता है। इस दौरान तापमान पौधे की वृद्धि के लिए एकदम सही रहता है।

5. हड़जोड़ लगाने का तरीका

हड़जोड़ एक प्रकार की बेल है। इसे लगाने के लिए इसकी डंडी का एक टुकड़ा काटकर मिट्टी में लगा दें। कुछ ही दिनों में इसकी गांठों से नई पत्तियां और शाखाएं फूटने लगती हैं। इसे दीवार के सहारे या छोटे गमले में आसानी से उगाया जा सकता है।

देखभाल का तरीका

हड़जोड़ को बहुत कम देखभाल की जरूरत होती है। इसे धूप वाली जगह पर रखें। पानी तभी दें जब गमले की ऊपर की मिट्टी पूरी तरह सूख जाए। यह एक हार्डी पौधा है जो बिना ज्यादा खाद-पानी के भी आसानी से हरा-भरा रहता है।

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किस मौसम में लगाएं?

हड़जोड़ का पौधा लगाने के लिए बरसात का मौसम एकदम सही समय है। बारिश के मौसम में इसकी कटिंग बहुत जल्दी और आसानी से अपनी जड़ें जमा लेती है। आप इसे फरवरी-मार्च में भी लगा सकती हैं।

इसे भी पढ़ें- गोबर की खाद vs वर्मीकंपोस्ट: पौधों के लिए क्‍या है बेस्ट? जानिए फर्क

इन पौधों को आप आसानी से अपने घर के बगीचे में उगा सकती हैं। आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे लाइक जरूर करें। ऐसी अन्य जानकारी के लिए पढ़ती रहें हरजिंदगी।

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FAQ
औषधीय पौधों को उगाने के लिए किस प्रकार की मिट्टी सबसे अच्छी होती है?
इन सभी पौधों के लिए सामान्य मिट्टी, गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट और थोड़ी सी रेत मिलाकर बनाई गई हल्की और उपजाऊ मिट्टी सबसे अच्छी होती है।
क्या औषधीय पौधों को बहुत ज्यादा धूप की जरूरत होती है?
ज्यादातर पौधों को दिन में 4 से 6 घंटे की सीधी या हल्की धूप चाहिए होती है, इसलिए इन्हें बालकनी के ऐसे हिस्से में रखें जहां अच्छी रोशनी आती हो।
औषधीय पौधों में कीड़े लगने पर क्या करना चाहिए?
कीड़ों से बचाने के लिए समय-समय पर पौधों पर नीम के तेल का छिड़काव करना सबसे सुरक्षित और असरदार उपाय है।
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