
क्या आप जानती हैं कि ओडिशा की थाली में आपको क्या परोसा जाता है?
भारत के हर राज्य के खाने का स्वाद अलग है इसलिए हर राज्य की थाली में जो आपको व्यंजन परोसे जाते हैं वो भी अलग होते हैं। भले ही वो उसी बैगन, आलू, टमाटर और दही जैसे सामान से बनाए जाएं लेकिन उन्हें जिस तरह से पकाया जाता है और उनमें जिन मसालो का इस्तेमाल किया जाता है वो उसके स्वाद को एकदम बदल देता है। ऐसे में अगर आप हर राज्य की थाली के बारे में जानना चाहती हैं तो हम आपको हर हफ्ते एक नए राज्य के बारे में बताएंगे। सबसे पहले उड़ीसा की थाली के बारे में बात करते हैं। ओडिशा को नक्काशी का राज्य कहा जाता है और यहां के खाने में भी आपका स्वाद में कई तरह की ऐसी ही बारीक कलाकारी समझ आएगी। इस बार जब आप Odisha जाएंगी तो वहां के खाने को देखकर कहीं ये ना कहें कि ये क्या है और आप इसका नाम नहीं जानती इसलिए हम आपको यहां कि थाली में परोसे जाने वाले खाने के बारे में बता रहे हैं। ओडिशा की थाली में आपको क्या परोसा ज्यादा है उसका स्वाद कैसा होता है आइए आपको बताते हैं।

पाखला भता

ओडिशा, बंगाल, झारखंड, असम और छत्तीसगढ़ में पाखला भता कई अलग-अलग तरह से बनाया जाता है। यह पके हुए चावलों को पानी और खट्टे दही में भिगोकर पकाया जाता है। आम तौर इसे बनाने के लिए सब मिलाकर इसे रातभर के लिए छोड़ दिया जाता है और फिर इसे लोग आलू, तली हुई मछली, पापद और बडी चोरा के साथ ओडिशा में परोसते है।
घंता

ओडिया में घंता का मतलब होता है मिश्रित नाम की तरह ही ये व्यंजन कई तरह की सब्जियों को मिलाकर तैयार किया जाता है और ज्यादातर त्यौहारों के दौरान इसे ओडिशा में खाया जाता है। क्योंकि इसमें एक साथ कई तरह की सब्जियां मिलाई जाती हैं इसलिए इसमें पोषण की मात्रा भी बहुत ही ज्यादा होती है। इसे दाल सूप के साथ चावल या चपाती के साथ लोग खाना पसंद करते हैं।
बसारा

ओडिया व्यंजनों में व्यापक रूप से प्रयुक्त सरसों का बीज और यह व्यंजन भी दिवंगत भोजन के रूप में भगवान जगन्नाथ को पेश किया जाने वाला प्रसाद का हिस्सा है। बसर की कई भिन्नताएं हैं, जहां मुख्य संघटक, सरसों को पीसकर ठीक पेस्ट में बनाया जाता है और फिर वेजी (मछली के साथ) के साथ पकाया जाता है। सौम्य सरसों का स्वाद और सूखे आमों या इमली को जोड़कर आने वाली छोटी टांगी के लिए मरना होता है।
सागा

सागा मोंगा ओडिशा में सबसे पसंदीदा व्यंजनों में से एक है। ओडिशा के लोगा सागा बहुत ही चाव से खाते हैं। इसे हरी चाय के साथ तैयार किया जाता है। पालक या सरसों के पत्तों के रूप में हरी पत्तेदार veggies और एक प्रकार का दाल या चावल या चपाती के साथ भस्म पल्स है।
दालमां

ओडिशा में एक खास दाल बनायी जाती है जिसे दालमां कहते हैं। यानि दालों की मां, इसे इसलिए दालमां के नाम से ही ओडिशा में जाना जाता है। इसे वहां के लोगों की भाषा में बोला जाए तो इसे दल्मा कहा जाएगा। दालमां प्रसाद के रूप में भगवान जगन्नाथ को भी भोग लगाया जाता है। ओडिशा मे आप कुछ भी खाना खाएं लेकिन उसके साथ वहां आपको दालमां जरूर परोसा जाएगा। दाल के साथ सब्जी को मिलाकर पकाया जाने वाली ये दाल दल्मा काफी हेल्दी भी होती है। इसे उड़िया मसालों का खास तड़का लगाकर बनाया जाता है। दलमा को ज्यादातर चावल के साथ वहां के लोग खाना पसंद करते हैं।
दही बैगना

उड़ीसा में दही बैगना लोगों की सबसे पसंदीदा खाने में से एक है। दही डिश को एक टेंगी स्वाद देता है और आप जब इसे बैगन के साथ मिलाकर इसका दही बैगना बनाते हैं तो आपके मुंह में मलाई जैसा स्वाद घुल जाता है। मुलायम और दही की सॉफ्टनेस आपके मुंह में काफी देर कर स्वाद बनाए रखती है।
उड़िया फिश करी

हर राज्य में फिश करी का स्वाद अलग होता है। उड़ीसा में बनने वाली फिश करी का स्वाद हर राज्य के लोग जानते हैं खासकर वो सभी लोग जो नॉन वेज खाना पसंद करते हैँ। मछली सेहत के लिए फायदेमंद होती है। राहू मछली से उड़िया फिश करी बनायी जाती है। सरसों के दानों और अमचूर का स्वाद इसे खास बनाता है। इसे बनाने से पहले कई घंटो तक मैरिनेट किया जाता है। लेकिन जब ये उड़िया डिश तैयार हो जाती है तो इसका स्वाद सभी के मुंह में पानी ले आता है।
खाट्टा

खाट्टा उड़ीसा की मशहूर चटनी है। जिस तरह से भारत के हर राज्य में चटनी बनाने की तरीका अलग है और उसका स्वाद भी अलग होता है उसी तरह से उड़ीसा की इस खट्टा चटनी का स्वाद भी आपको एक बार खाने के बाद हमेशा याद रहेगा। आप इसे अपने घर में आसानी से बना सकती हैं। इसे टमाटर, अदरक, अनारदाना, गुड़ जैसी कई चीज़ों को मिलाकर बनाया जाता है।