नई नौकरी में पैकेज बढ़ाने के लिए क्या करें? सैलरी नेगोशिएशन के 3 गोल्डन रूल्स आजमाएं
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करियर में अच्छा पद और अच्छी सैलरी पाने के लिए हर कोई कड़ी मेहनत करता है। इसी वजह से अक्सर लोग हर कुछ सालों में नौकरी बदल देते हैं। जब भी कोई कंपनी आपके काम से प्रभावित होती है, तो वह आपको ऑफर लेटर जरूर देती है, लेकिन कई बार ऑफर लेटर में मिलने वाला सैलरी पैकेज उम्मीदों से थोड़ा कम होता है। अधिकतर लोग इस डर से सैलरी पर खुलकर बात नहीं करते हैं कि कहीं कंपनी उनका ऑफर वापस न ले ले या उन्हें रिजेक्ट न कर दे, लेकिन अपनी मेहनत के हिसाब से सैलरी और फायदों पर बात करना आपका पूरा अधिकार है।
सैलरी नेगोशिएशन के 3 गोल्डन रूल्स
अगर आप भी इस वजह से निराश हो जाती हैं, तो परेशान होने के बजाय आप इस लेख में बताए गए तीन गोल्डन रूल्स को आजमाकर सैलरी नेगोशिएशन में मदद ले सकती हैं। आइए जानते हैं सैलरी नेगोशिएशन के लिए उन तीन गोल्डन रूल्स के बारे में, जिनकी मदद से आप बिना किसी झिझक के अपनी बात रख सकती हैं।
बिना किसी डर या झिझक के अपनी सैलरी बढ़ाने के लिए इन तीन नियमों को जरूर अपनाएं -
1. मार्केट रिसर्च करें और अपनी वैल्यू समझें
कभी भी हवा में अपनी सैलरी की मांग न करें। इंटरव्यू देने से पहले उस इंडस्ट्री और अपनी पोजीशन के हिसाब से यह जरूर चेक कर लें कि बाजार में उस पद के लिए कितनी सैलरी मिल रही है। जब आपके पास सही आंकड़े और डेटा होगा, तो आप HR के सामने पूरे कॉन्फिडेंस के साथ अपना पक्ष रख सकेंगी।
2. पुरानी सैलरी के बजाय अपनी स्किल्स पर बात करें
रिक्रूटर्स अक्सर शुरुआती राउंड्स में ही आपकी पिछली सैलरी पूछ लेते हैं। ऐसे में पुरानी सैलरी बताने के बजाय अपनी स्किल्स, अनुभव और योग्यता के आधार पर सही सैलरी की मांग करें।
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3. सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, ओवरऑल सीटीसी पर ध्यान दें
कई बार कंपनियां बेसिक सैलरी बढ़ाने के लिए मना कर देती हैं। ऐसे में केवल कैश कंपोनेंट पर अड़े रहने के बजाय पूरे CTC पर ध्यान दें। आप साइनिंग बोनस, परफॉर्मेंस इंसेंटिव्स, रीलोकेशन अलाउंस या वर्क फ्रॉम होम जैसी अन्य सुविधाओं पर भी बात कर सकती हैं।
सैलरी नेगोशिएशन के समय कुछ बातों का रखें ध्यान
सैलरी पर बात करते समय कुछ छोटी लेकिन अहम बातों का जरूर ध्यान रखें -
- नेगोशिएशन का मतलब लड़ाई करना नहीं होता। हमेशा विनम्र और पॉजिटिव रहकर अपनी बात रखें।
- अगर आपको फोन पर बात करने में हिचक या झिझक महसूस होती है, तो आप अपने काउंटर-ऑफर को ईमेल के जरिए भी शालीनता से बता सकती हैं।
- अगर आपके पास किसी दूसरी कंपनी का बेहतर ऑफर है, तो आप उसका हवाला देकर अपनी सैलरी बढ़वाने की बात रख सकती हैं।
- बिना सोचे-समझे तुरंत ऑफर लेटर साइन करने के बजाय कंपनी से सोचने के लिए कुछ समय मांग सकती हैं।
निष्कर्ष:नई नौकरी मिलने की खुशी में अक्सर लोग जो मिलता है उसी में हां कर देते हैं, लेकिन अब आप अपनी स्किल्स और काम के हिसाब से अपना सैलरी पैकेज बेहतर करवा सकती हैं। अगर आप भी अभी तक इस बात को लेकर कंफ्यूज थीं, तो इस लेख में बताए गए ये तीन गोल्डन रूल्स आपके लिए सैलरी नेगोशिएशन में सबसे ज्यादा मददगार साबित होंगे। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
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