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इन्वर्टर या नॉन-इन्वर्टर AC: ऊर्जा बचत के मामले में आखिर कौन है बेहतर? विकल्पों के साथ जानें

जब घर के लिए एक बढ़िया एसी लेने की बात आती है तो Inverter AC और नॉन-इन्वर्टर एसी के बीच कन्फ़्युशन देखने को मिल सकता है। यहां आपको दोनों के बेहतरीन विकल्प दिए गए हैं और साथ ही, यह भी बताया गया है कि इन्वर्टर एसी आपके बिजली का बिल भी बचा सकता है।

Inverter Vs Non Inverter AC
Inverter Vs Non Inverter AC

अप्रैल-मई के महीने में जब चिलचिलाती गर्मी से हाल-बेहाल हो जाता है तो सभी लोग अपने घर के लिए एक बढ़िया एसी ढूंढने लगते हैं जिससे कमरे के अंदर ही सही लेकिन राहत मिल सके। एसी ना सिर्फ मिनटों में ठंडक दे सकता है बल्कि आपके कमरे में आरामदायक माहौल भी बना सकता है। लेकिन जब भी नए एयर कंडीशनर लेने की बात आती है तो सबसे बड़ा सवाल होता है इन्वर्टर एसी लें या फिर या नॉन-इन्वर्टर एसी? खासकर जब बात बिजली की खपत और लंबे समय तक खर्च की हो, तो सही चुनाव करना बहुत जरूरी हो जाता है। आपको बता दें, इन्वर्टर एसी कंप्रेसर की मदद से काम करता है और कमरे को ठंडा करता है तो वहीं Non Inverter AC पारंपरिक तकनीक पर चलता है। यहां आपको दोनों में क्या अंतर है और बिजली बचाने के मामले में कौन बेहतर है विस्तार से बताया गया है जिसे आप पढ़ सकते हैं और साथ ही बढ़िया विकल्प भी दिए गए हैं जो अलग-अलग ब्रांड के हैं और अलग-अलग क्षमता के साथ आते हैं जिसे आप अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार चुन सकते हैं।

इन्वर्टर एसी क्या है?

इन्वर्टर एसी एक आधुनिक तकनीक पर आधारित एयर कंडीशनर होता है, जिसमें कंप्रेसर की स्पीड अपने आप कमरे के तापमान के अनुसार कम-ज्यादा हो सकती है। आपको बता दें, जब आप एसी चालू करते हैं, तो यह तेजी से कमरे को ठंडा कर सकता है। लेकिन जैसे ही कमरे का तापमान सेट किए गए स्तर तक पहुंचता है, कंप्रेसर बंद नहीं होता बल्कि धीमी गति से चलता रह सकता है ताकि तापमान स्थिर बना रहे। इन्वर्टर एसी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बार-बार कंप्रेसर के ऑन-ऑफ होने से बचाव हो सकता है, जिससे बिजली की बचत होती है और मशीन पर भी कम दबाव पड़ सकता है। साथ ही, ये एकसमान ठंडक प्रदान कर सकता है, जिससे तापमान में अचानक होने वाले बदलाव नहीं होते जिससे आपके कमरे में सही तापमान बना रह सकता है। 

 योरपिक्स पर अन्य प्रोडक्ट के बारे में पढ़ सकते हैं।

बढ़िया इन्वर्टर एसी के कुछ विकल्प आप नीचे देख सकते हैं -



नॉन-इन्वर्टर एसी किसे कहते हैं?

जब सवाल आता है कि नॉन-इन्वर्टर एसी क्या होता है तो आपको बता दें, यह एक  ऐसा एसी है जो पारंपरिक तकनीक पर काम करता है। इसमें कंप्रेसर की स्पीड फिक्स होती है, यानी यह या तो पूरी स्पीड पर चल सकता है या पूरी तरह बंद हो जाता है। जब कमरे का तापमान सेट तापमान तक पहुंच जाता है, तो कंप्रेसर बंद हो जाता है और जैसे ही तापमान बढ़ता है, यह फिर से फुल स्पीड में चालू हो जाता है। यानी इसए आपको बार-बार ऑन-ऑफ करना पड़ सकता है, जिससे बिजली की आपूर्ति में बार-बार उतार-चढ़ाव हो सकता है। आपको बता दें, इनवर्टर और नॉन-इनवर्टर एसी में मुख्य अंतर कंप्रेसर के कार्य करने के तरीके में होता है।

नॉन-इन्वर्टर एसी लेना है तो यहां आपको कुछ ऑप्शनस मिल जाएंगे -


इन्वर्टर और नॉन-इन्वर्टर एसी में क्या अंतर होता है?

इन्वर्टर और नॉन-इन्वर्टर एसी के बीच कुछ मुख्य अंतर को बताया गया है जिससे आप आसानी से समझ सकते हैं -

  • नॉइस लेवल - इन्वर्टर एसी शोर कम करता है क्योंकि इसका कंप्रेसर कंट्रोल स्पीड के साथ काम करते रहता है। वहीं, नॉन-इन्वर्टर एसी कंप्रेसर के बार-बार चालू-बंद होने के कारण अधिक शोर करता है।
  • ठंडा करने की क्षमता - इन्वर्टर एसी कंप्रेसर की स्पीड को एडजस्ट करके लगातार और सटीक ठंडक प्रदान कर सकता है। नॉन-इन्वर्टर एसी में कंप्रेसर के चालू और बंद होने पर ठंडक में उतार-चढ़ाव होता रहता है।
  • ऊर्जा दक्षता - इन्वर्टर एसी वेरियेबल स्पीड पर काम करने के चलते यह ऊर्जा की बचत कर सकता है लेकिन  नॉन-इन्वर्टर एसी बार-बार कंप्रेसर के ऑन-ऑफ होने के चलते बिजली की खपत ज्यादा कर सकता है। 
  • कीमत में अंतर - अगर कीमत की बात करें तो, इन्वर्टर एसी की कीमत थोड़ी ज्यादा हो सकती है लेकिन यह आपके बिजली बिल में कमी ला सकता है। वहीं, नॉन-इन्वर्टर एसी की कीमत इन्वर्टर एसी की तुलना में कम होती है लेकिन यह आपके बिजली बिल में बढ़ोतरी कर सकता है।
  • रखरखाव आवश्यकताएं -  इन्वर्टर एसी को समय-समय पर रखरखाव की आवश्यकता होती है, लेकिन इसके कंप्रेसर का जीवनकाल लंबा होता है। साथ ही, नॉन-इन्वर्टर एसी की मरम्मत करना आसान है, लेकिन कंप्रेसर के घिसने के कारण अधिक बार सर्विसिंग की आवश्यकता हो सकती है।

इन्वर्टर और नॉन-इन्वर्टर एसी के कुछ विकल्प मिलेंगे यहां -

ऊर्जा के बचत के मामले में इन दोनों में से कौन-सा एसी हो सकता है बढ़िया और क्यों?

अगर बात करें कि ऊर्जा बचत के मामले में से कौन-सा एसी बढ़िया हो सकता है तो आपको सबसे पहले यह समझना होगा कि दोनों काम कैसे करते हैं। आपको बता दें, एक ओर जहां इन्वर्टर एसी स्मार्ट तकनीक पर काम करता है, जिसमें कंप्रेसर की स्पीड जरूरत के हिसाब से कम या ज्यादा होती रहती है और कंप्रेसर बंद नहीं होता है। तो वहीं, दूसरी ओर Non Inverter AC का कंप्रेसर फिक्स स्पीड पर काम करता है और कमरे का तापमान सेट स्तर तक पहुंचता है, तो कंप्रेसर पूरी तरह बंद हो जाता। इस प्रक्रिया में बार-बार ऑन और ऑफ होने की वजह से ज्यादा बिजली की खपत हो सकती है। 

बिजली बिल को बचाने में ये एसी कर सकते हैं मदद -


अपने कमरे के लिए इन दोनों प्रकार के एयर कंडीशनर में से किसी एक को चुनते समय किन बातों पर विचार करना चाहिए?

आप कुछ मुख्य बातों का ध्यान रखकर अपने लिए इन्वर्टर और नॉन-इन्वर्टर में से कोई एक बढ़िया एयर कंडीशनर चुन सकते हैं -

  • कमरे का आकार - सबसे पहले आप अपने कमरे के साइज़ का ध्यान रख सकते हैं जैसे मध्यम आकार के कमरों के लिए 1.5 Ton AC सही हो सकते हैं तो छोटे कमरों के लिए 1 टन और वहीं बड़े कमरों के लिए 2 टन क्षमता वाले एसी सही माने जाते हैं।
  • नॉइस लेवल - आपको बता दें, इन दोनों में से इन्वर्टर एयर कंडीशनर आमतौर पर नॉन-इन्वर्टर एयर कंडीशनर की तुलना में कम शोर करते हैं जो आपको शांत माहौल दे सकते हैं। 
  • तापमान स्थिरता - इन्वर्टर एयर कंडीशनर अधिक स्थिर तापमान बनाए रखने में सक्षम माने जाते हैं जबकि नॉन-इन्वर्टर एयर कंडीशनर तापमान में उतार-चढ़ाव पैदा कर सकते हैं।
  • प्राइस रेंज - अगर कीमत की बात करें तो इन्वर्टर एसी की शुरुआती कीमत नॉन-इन्वर्टर एसी से ज्यादा होती है। लेकिन अगर आप लंबे समय के खर्च को देखें, तो इन्वर्टर एसी बिजली के बिल में बचत करके इस अतिरिक्त कीमत की भरपाई कर सकता है।
  • उपयोगिता - अगर आपका एसी का इस्तेमाल ज्यादा है, जैसे रोजाना कई घंटों तक चलता है, तो इन्वर्टर वाला एसी आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन अगर आप इसका उपयोग बहुत कम करते हैं, तो नॉन-इन्वर्टर एसी भी एक साधारण जरूरत को पूरा कर सकता है।

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ये एसी आपके कमरे के लिए हो सकते हैं सही और बचा सकते हैं बिजली-

निष्कर्ष 

अंत में अगर कहा जाए तो ऊर्जा की बचत के मामले में इन्वर्टर एसी ज्यादा बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। यह न केवल बिजली की खपत कम कर सकता है, बल्कि बेहतर कूलिंग और ज्यादा आराम भी दे सकता है। इसलिए अगर आप बिजली का बिल कम रखना चाहते हैं और लंबे समय तक फायदा चाहते हैं, तो इन्वर्टर एसी चुनना ज्यादा सही रहेगा। हालांकि, अगर आपका बजट सीमित है और उपयोग कम है, तो नॉन-इन्वर्टर एसी से भी काम चलाया जा सकता है लेकिन यह लंबे समय तक के निवेश के लिए सही नहीं हो सकता है क्योंकि यह आपके बिजली के बिल में बढ़ोतरी कर सकता है।

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Faq's

इन्वर्टर और नॉन-इन्वर्टर एसी में मुख्य अंतर क्या है?

इन्वर्टर एसी में कंप्रेसर की स्पीड जरूरत के अनुसार बदलती रहती है, जबकि नॉन-इन्वर्टर एसी में कंप्रेसर या तो पूरी स्पीड पर चलता है या पूरी तरह बंद हो जाता है।

क्या इन्वर्टर एसी सच में बिजली बचाता है?

आमतौर पर, इन्वर्टर एसी बिजली की खपत को कम करता है क्योंकि यह लगातार कम स्पीड पर चलता है और बार-बार ऑन-ऑफ नहीं होता।

क्या इन्वर्टर एसी की कीमत नॉन-इन्वर्टर एसी से ज्यादा होती है?

आमतौर पर इन्वर्टर एसी की शुरुआती कीमत नॉन-इन्वर्टर एसी से थोड़ी अधिक हो सकती है, लेकिन लंबी अवधि में यह बिजली बिल में बचत करके भरपाई कर देता है।

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