डीप फ्राइंग के लिहाज से बैफल फिल्टर वाली चिमनी फिल्टरलेस मॉडल की तुलना में बेहतर होती है। ये अपनी कर्व्ड डिज़ाइन की वजह से तेल के कणों और ग्रीस को अच्छी तरह से पकड़ लेती हैं और फिर उसे ऑयल ट्रे में जमा कर देती हैं। इस तरह की चिमनी की मोटर तेल से सुरक्षित रहती है, जिस वजह से इसकी लाइफ भी बढ़ती है और यह हेवी फ्राइंग को आसानी से संभालने में सक्षम होती है। वहीं, Filterless Chimney में ऑटोक्लीन सुविधा होती है, जिस वजह से रख-रखाव आसान बन जाता है, लेकिन डीप फ्राइंग के दौरान यह चिपचिपे तेल को उतनी अच्छी तरह से संभालने में सक्षम नहीं होती है।
क्यों डीप फ्राइंग के लिए बैफल फिल्टर वाली चिमनी का चयन करना रहेगा बेहतर?
- बेहतर ग्रीस ट्रैपिंग: बैफल फिल्टर वाली चिमनी में लगे स्टेनलेस स्टील पैनल, चीजों को तलने के दौरान उड़ने वाले तेल और धुएं को तेजी से खींचने का काम करते हैं और फिर वे ऑयल कलेक्टर में जमा हो जाते हैं।
- मोटर की सुरक्षा: फ्राइंग से निकलने वाले तेल के कण सीधे मोटर तक नहीं पहुंच पाते और फिल्टर इन्हें बीच में ही रोक लेता है, जिससे मोटर जल्दी खराब होने या जाम होने से सुरक्षित रहती है।
- टिकाऊ विकल्प: बैफल फिल्टर डीप फ्राइंग जैसी भारी कुकिंग को आसानी से झेल लेते हैं और इस वजह से इन्हें टिकाऊ भी माना जाता है। हालांकि, इनका रख-रखाव फिल्टरलेस चिमनी के लिहाज से कम सुविधाजनक होता है, लेकिन इनकी लाइफ अधिक होती है।
- बेहतर सक्शन: लगातार डीप फ्राइंग होने पर भी यह फिल्टर के अंदर वाले हिस्सों में तेल जमने नहीं देता, जिससे लंबे समय तक चिमनी की सक्शन पावर मजबूत बनी रहती है।
जानिए इन सभी विकल्पों में मिलने वाली मुख्य सुविधाएं
व्हर्लपूल, एलिका, फेबर, लिवप्योर और ग्लेन जैसे ब्रांड की अलग-अलग Baffle Filter चिमनी के विकल्पों को तो आपने देख लिया है, अब यह तालिका इनमे मिलने वाली कुछ सुविधाओं को आसानी से समझा देगी।
क्या निकला निष्कर्ष?
डीप फ्राइंग के लिए बैफल फिल्टर वाली Chimney ही एक बेहतर पसंद होगी जो लंबे समय तक टिकाऊ बने रहते हुए दमदार प्रदर्शन सुनिश्चित करेगी। लेकिन, अगर आप कभी-कभी ही चीजों को तलते हैं तो फिल्टरलेस चिमनी को भी चुना जा सकता है। हालांकि, दोनों में से किसी का भी चुनाव पूरी तरह से आपकी पसंद और बजट पर निर्भर करता है, लेकिन बैफल फिल्टर वाला मॉडल भारी तेल-मसालों वाली कुकिंग के लिहाज से सही पसंद रहेगा और जो लोग सामान्य कुकिंग करते हैं और रोजाना डीप फ्राइंग नहीं करते वे फिल्टरलेस मॉडल के साथ जा सकते हैं।
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डीप फ्राइंग के लिए बैफल फिल्टर वाली चिमनी ही क्यों सही चुनाव होती है?
बैफल फिल्टर चिमनी में घुमावदार चैनल होते हैं जो तेल के कणों को अच्छी तरह पकड़ लेते हैं। भारतीय डीप फ्राइंग के लिए, जहां तेल और मसाले का अधिक उपयोग होता है, बैफल फिल्टर ज़्यादा प्रभावी होते हैं। ये चिमनियां भारी तेल वाले धुएं को कुशलता से साफ करती हैं और इनके फिल्टर लंबे समय तक चलते हैं।
इस तरह की चिमनी के फिल्टर को कैसे साफ करना चाहिए?
चिमनी के बैफल फिल्टर को साफ करने के लिए उन्हें बाहर निकालकर गर्म पानी और बेकिंग सोडा या डिशवॉश जेल के घोल में 1 से 2 घंटे के लिए भिगोकर रखना चाहिए। इसके बाद हल्के ब्रश या स्क्रबर से साफ करके साफ पानी से धोकर पूरी तरह सुखा लेना चाहिए। कई मॉडलों के फिल्टर को डिशवॉशर में भी धोया जा सकता है।
किन ब्रांड के पास बढ़िया गुणवत्ता वाली बैफल फिल्टर और फिल्टरलेस चिमनियां मिलेंगी?
भारत में आपको व्हर्लपूल, ग्लेन, फैबर, एलिका, क्रॉम्पटन और लिवप्योर जैसे ब्रांड के पास बढ़िया गुणवत्ता वाले मॉडल मिल जाएंगे। इनमें आपको अलग-अलग आकार और विशेषताओं वाले विकल्प उपलब्ध मिलेंगे।
डीप फ्राइंग के लिए सही चिमनी का चुनाव कैसे करना चाहिए?
डीप फ्राइंग के लिए चिमनी का चयन करते समय, सक्शन पावर, शोर स्तर, रखरखाव की आसानी और आपकी रसोई का आकार जैसी बातों पर विचार करें। इसी के साथ अपनी रसोई के डिज़ाइन के हिसाब से भी सही मॉडल का चयन करना ज़रूरी है।
ये चिमनी किस बजट रेंज में मिलेंगी?
किसी भी चिमनी की कीमत ब्रांड, आकार और विशेषताओं के हिसाब से अलग-अलग होती है। ये आमतौर पर आपको ₹15,000 से ₹30,000 तक की रेंज में आसानी से मिल जाएंगी।