आजकल के बच्चे हॉलीवुड के सुपरहीरो और एनिमेशन वाली फिल्में देखकर बड़े हो रहे हैं, लेकिन असली सिनेमा का जो जादू बचपन की क्लासिक और एवरग्रीन फिल्मों में था, उसकी बात ही कुछ और है। ऐसे में इस वीकेंड क्यों न बच्चों को स्क्रीन-टाइम के नाम पर कुछ नया और जड़ों से जुड़ा हुआ दिखाया जाए? ऐसे में इनके बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि आप अफने बच्चों के बचपन की कौन-सी मूवीज दिखा सकते हैं। जानते हैं इस लेख के माध्यम से...

प्रोफेसर (1962) – नेटफ्लिक्स (professor)

शम्मी कपूर की यह कल्ट क्लासिक फिल्म बच्चों के साथ हंसने-हंसाने के लिए एक परफेक्ट ड्रामा है। फिल्म की कहानी एक ऐसे नौजवान के इर्द-गिर्द घूमती है, जो नौकरी पाने के लिए एक बूढ़े प्रोफेसर का रूप ले लेता है। 

आम्रपाली (1966) – नेटफ्लिक्स (amrapali)

यदि आप बच्चों को इतिहास से परिचित कराना चाहती हैं, तो वैशाली की नगरवधू आम्रपाली की यह कहानी एक अच्छा ऑप्शन है। वैजयंतीमाला का लाजवाब अभिनय और फिल्म का विंटेज एस्थेटिक लुक बच्चों को हमारे प्राचीन इतिहास को करीब से समझने में मदद करेगा।

इसे भी पढ़ें - इस हफ्ते थिएटर में आने वाली हैं ये धमाकेदार फिल्में, एडवांस में बुक कर लें टिकट

सिलसिला (1981) – नेटफ्लिक्स (silsila)

यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी सिलसिला भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे खूबसूरत और एस्थेटिक फिल्मों में से एक है। कश्मीर की वादियों और ट्यूलिप के बागों में फिल्माए गए इसके दृश्य 90 के दशक की विंटेज फोटोग्राफी की याद दिलाते हैं। 

नदिया के पार (1982) – प्राइम वीडियो (nadiya ke paar)

ग्रामीण भारत की सादगीको दर्शाती यह फिल्म हर पीढ़ी के दिल के बेहद करीब रही है। यह फिल्म बच्चों को गांव के सीधे-साधे जीवन, बड़े परिवार के महत्व और आपसी भाईचारे की अहमियत सिखाएगी। 

इसे भी पढ़ें - OTT पर इन दिनों टॉप 5 में ट्रेंड कर रही हैं ये फिल्में, वीकेंड खत्म होने से पहले आप भी देखें

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Images: imdb