सुरकंडा देवी और माता धारी देवी का मंदिर उत्तराखंड की भूमि पर प्राचीन और पवित्र स्थान में से एक माने जाते हैं। दोनों मंदिर देवी दुर्गा की शक्ति से जुड़े हैं, लेकिन इनके इतिहास और स्थान अलग-अलग है। घूमने-फिरने के शौकीन लोगों के लिए यह जगह खास है, क्योंकि आस्था के साथ-साथ खूबसूरती के मामले में भी ये दोनों जगह अच्छी मानी जाती है। सुरकंडा देवी मंदिर तक अगर आप चढ़ाई करके नहीं जा सकतीं, तो रोपवे से जाने का प्लान करें। रोपवे का प्राइस प्रति व्यक्ति 300 रुपये से भी कम है।

दोनों मंदिर की खासियत क्या है?

सुरकंडा देवी मंदिर समुद्र तल से लगभग 2,750 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ है, जिसकी वजह से यहां का नजारा देखने लायक होता है। सर्दी के मौसम में यह मंदिर बर्फ से ढक जाता है, जिसके बाद इस जगह की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। दूसरी ओर Dhari Devi Temple अलकनंदा नदी के बीच में बना हुआ है। यहां तक पहुंचने के लिए आपको चढ़ाई या रोपवे की जरूरत नहीं है। मंदिर पानी के बिलकुल बीचों-बीच स्थित है, इसलिए इसकी खूबसूरती पर्यटकों और भी ज्यादा आकर्षित करती है।

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सुरकंडा देवी मंदिर से धारी देवी टेंपल कैसे पहुंचे?

सुरकंडा देवी मंदिर और धारी देवी की दूरी लगभग 127 किमी है। एक मंदिर से दूसरे मंदिर पहुंचने में आपको लगभग 6 घंटे का समय लग जाएगा। ध्यान रखें कि दोनों का रूट एक नहीं है, इसलिए इसमें समय ज्यादा लगेगा। अगर आप अपनी गाड़ी से आ रही हैं, तो दोनों जगहों पर पहुंचना आपके लिए आसान होगा। 

  • पहले आप ऋषिकेश से सुरकंडा देवी मंदिर पहुंच रहे हैं, तो चंबा होते हुए, धनोल्टी आना होगा, जिसके बाद मंदिर तक पहुंचेंगे। आप ऋषिकेश चंबा हाईवे से यहां आ सकती हैं।
  • सुरकंडा देवी के दर्शन के बाद धारी देवी आने के लिए रूट अलग है। पहले आपको नीचे आने के बाद नई टिहरी होते हुए टिपरी और फिर मलेथा गांव पहुंचना होगा।
  • मलेथा पापलाल देहली टिहरी रोड से आगे आते हुए आप बद्रीनाथ मार्ग पर आएंगे। बद्रीनाथ मार्ग पर सीधा चलते हुए ही आप धारी देवी मंदिर तक पहुंचेंगे।
  • मलेथा गांव (टिहरी गढ़वाल) में आता है। यहां से मंदिर की दूरी लगभग 2 घंटे की है। इस गांव से सीधी सड़क जाती है, जो आपको धारी देवी तक लेकर जाएगी।

दोनों मंदिर की तुलना की जाए, तो सुरकंडा देवी मंदिर से आपको प्राकृतिक जंगलों और ट्रेकिंग करने का मौका मिलेगा। वहीं धारी देवी मंदिर नदी के बीच स्थित होने की वजह से यहां से आपको मंदिर की असली खूबसूरती देखने को मिलेगी।

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