जब भी खूबसूरत और राेमांट‍िक जगहों पर घूमने की बात आती है ताे अक्सर लोग मालदीव या ग्रीस जैसे फॉरेन डेस्‍ट‍िनेशन का नाम जरूर लेते हैं, लेक‍िन क्‍या आपको पता है क‍ि राजस्‍थान में एक ऐसी जगह भी है, जो अपने सफेद संगमरमर जैसे नजारों की वजह से आपको व‍िदेश वाली फील दे सकती है? दरअसल, राजस्थान के किशनगढ़ में बना मार्बल डंपिंग यार्ड देखने में इतना अलग है कि पहली नजर में आपको यकीन ही नहीं होगा कि आप राजस्थान में हैं।

सफेद पहाड़ और पानी ही इसकी खूबसूरती बढ़ा देते हैं। यहां कई लोगों को प्री-वेडिंग शूट भी कराना अच्‍छा लगता है। साथ ही यहां पर म्यूजिक वीडियो की शूटिंग भी हुई है। अगर आप दिल्ली से किसी अलग जगह पर घूमने का प्लान बना रही हैं, तो किशनगढ़ को लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। आइए जानते हैं क‍ि आप यहां कैसे पहुंच सकती हैं?

दिल्ली से किशनगढ़ कैसे पहुंचें?

अगर आप दिल्ली से यहां जाने का प्लान बना रही हैं तो आपको बता दें क‍ि इसकी दूरी करीब 420 क‍िलोमीटर के आसपास है। इसके ल‍िए आपको पहले द‍िल्‍ली से अजमेर पहुंचना होगा। किशनगढ़, अजमेर से करीब 30 किलोमीटर और जयपुर से करीब 103 किलोमीटर की दूरी पर है। अजमेर से किशनगढ़ पहुंचने में करीब आधा घंटा और जयपुर से करीब 2 घंटे लग सकते हैं।

दिल्ली से आने वालों के लिए किशनगढ़ रोड ट्र‍िप और ट्रेन से पहुंचा जा सकता है। यहां पहुंचने के बाद आपको डंपिंग यार्ड तक पहुंचने के ल‍िए कई ऑप्‍शन म‍िल जाएंगे। अगर आप अपनी गाड़ी लेकर अंदर जाना चाहती हैं तो ध्यान रखें कि डंपिंग यार्ड के अंदर स‍िर्फ छोटे वेह‍िकल ले जाने की परम‍िशन है।

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क्‍या है इसका इति‍हास?

आपको बता दें क‍ि किशनगढ़ का यह डंप‍िंग यार्ड हमेशा से ऐसा खूबसूरत नहीं था। दरअसल, किशनगढ़ में मार्बल के काम से बहुत कचरा निकलता था, जिससे लोगों को दिक्कत होने लगी। इस समस्या से निपटने के लिए RIICO और मार्बल एसोसिएशन ने मिलकर मार्बल का कचरा एक जगह डालने के लिए 50-60 फीट गहरे गड्ढे बनाए। सालों तक कचरा जमा होते-होते यहां सफेद टीले बन गए, जो आज बर्फ की खूबसूरत पहाड़ियों जैसे नजर आते हैं।

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बर्फीली पहाड़ियों जैसा दिखता है पूरा नजारा

किशनगढ़ का यह डंपिंग यार्ड दिखने में बहुत ही खास है। क्‍योंक‍ि यहां मार्बल वेस्ट से बने सफेद टीले बिल्कुल बर्फ से ढके पहाड़ जैसे लगते हैं। इसे लोग 'राजस्थान का कश्मीर', 'स्विट्जरलैंड' और 'मूनलैंड ऑफ राजस्थान' भी कहते हैं। रेगिस्तान के बीच यह नजारा इतना अलग और खूबसूरत होता है क‍ि लाेग यहां आकर फोटोग्राफी जरूर करते हैं।

सनराइज और सनसेट का नजारा द‍िखता है सबसे खूबसूरत

अगर आप यहां जा रही हैं, तो टाइम का जरूर ध्‍यान रखें, तभी आपको असली खूबसूरती देखने को म‍िलेगी।

  • बेस्ट टाइमिंग: सुबह 11 बजे से पहले जाएं या फिर शाम को 4 बजे के बाद पहुंचकर सनसेट का व्यू देखें।
  • मैजिकल सनसेट: सर्दियों की शाम में तो ढलता सूरज इन सफेद पहाड़ों पर और भी खूबसूरत दिखता है।
  • रात का नजारा: रात के समय भी चांदनी में यह सफेद मार्बल यार्ड एक अलग ही लुक देता है। हालांक‍ि, इस दौरान टूरि‍स्‍ट को जाने की अनुमत‍ि नहीं है।

एंट्री के लि‍ए नहीं खरीदना पड़ता है टि‍कट

इस जगह की एक अच्छी बात यह है कि यहां कोई एंट्री फीस नहीं है। हालांकि, अंदर जाने से पहले आपको बस टोकन लेना होता है। डंपिंग यार्ड में घूमने का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक का होता है।

यहां जाते समय इस बात का रखें ध्यान

आपको बता दें कि‍ यह जगह मार्बल वेस्ट से बनी है, इसलिए यहां धूल काफी हो सकती है। इसलि‍ए यहां घूमते समय मास्क लगाने के ल‍िए कहा जाता है। खासकर अगर आप लंबे समय तक फोटो क्लिक करने या शूट के लिए रुकने वाली हैं, तो इस बात का ध्यान जरूर रखें।

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Image Credit- Rajasthan Tourism/Incredible India