आज के समय में लोगों के घर काफी छोटे होते हैं या जो लोग बाहर रहते हैं, वो फ्लैट खरीदते हैं। ऐसे में अब खुले आंगन वाले घर कम ही देखने को म‍िलते हैं, लेक‍िन अगर आप दादी-नानी के पुराने घरों को याद करेंगी तो घर के बीचों बीच एक खुला सा बड़ा आंगन जरूर याद आएगा। आज वाले घरों में आंगन नहीं देखने को म‍िलता है। आमतौर पर लोगों को लगता है क‍ि पुराने घरों में ये आंगन स‍िर्फ धूप और फ्रेश हवा के ल‍िए बनााए जाते थे, लेक‍िन असल में इसकी वजह स‍िर्फ इतनी नहीं थी।

दरअसल, पुराने समय में आंगन घर की सबसे खास जगह होती थी। यहीं वो जगह होती थी जहां लोग मिलते थे, त्योहार मनाते थे, बच्चे खेलते थे और कई जरूरी काम भी किए जाते थे। आज हम आपको अपने इस लेख में बताएंगे क‍ि आखिर पुराने घरों में खुले आंगन को इतनी इंपॉर्टेंस दी जाती थी। आइए जानते हैं-

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घर का दिल माना जाता था आंगन

पुराने समय में आंगन को घर का दिल कहा जाता था। आपकाे बता दें क‍ि परिवार के ज्यादातर लोग दिन का काफी समय यहीं बिताते थे। सुबह की चाय से लेकर शाम की बैठकों तक, हर छोटी-बड़ी चीजें आंगन में ही होती थीं। यही वजह थी कि आंगन सिर्फ एक खाली जगह नहीं, बल्कि परिवार को जोड़ने का काम भी करता था।

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धूप और फ्रेश हवा आने का था इंतजाम

आपको तो मालूम ही होगा क‍ि पुराने समय में एसी, कूलर और एग्जॉस्ट फैन तो हुआ नहीं करते थे। ऐसे में घर के बीच में आंगन बनवाया जाता था। इससे फ्रेश हवा आती-जाती रहती थी। इससे घर के अंदर घुटन कम होती थी और कमरों में रोशनी भी आती थी।

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हेल्‍थ से भी था सीधा संबंध

पहले के लोग सुबह की धूप जरूर लेते थे। घर की महिलाएं और बुजुर्ग भी सुबह का समय यहीं बिताते थे। दरअसल, धूप से शरीर को विटामिन D मिलता है, इसलिए आंगन को सेहत के लिहाज से भी काफी जरूरी माना जाता था।

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त्योहारों पर इकट्ठा होते थे लोग

पुराने समय में ज्यादातर कार्यक्रम घर में ही होते थे। दीपावली की पूजा हो, तुलसी पूजन हो, शादी की रस्में हों या कोई और शुभ काम हो, सब आंगन से ही होता था।

बच्चों के खेल का था मैदान

आज बच्चों को खेलने के लिए पार्क या प्ले एरिया की जरूरत पड़ती है, लेकिन पहले घर का आंगन ही उनका खेलने का मैदान हुआ करता था। बच्चे घर पर ही सुरक्षित माहौल में खेल लेते थे। इससे परिवार के लोगों की नजर भी उन पर रहती थी।

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तो अगर आपको भी लगता है क‍ि पुराने घरों में बना खुला आंगन सिर्फ हवा और रोशनी के लिए था, तो बता दें क‍ि ये परिवार को जोड़ने, हेल्‍थ को बेहतर रखने, त्योहार मनाने, बच्चों के खेलने और रोजाना के कई कामों के लिए जरूरी जगह था। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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