अक्टूबर का महीना आते ही हर तरफ हैलोवीन (Halloween) की वाइब्स दिखने लगती हैं। डरावने कॉस्ट्यूम्स, भूतिया थीम्स और कद्दू से बने जैक-ओ-लैंटर्न (Jack-o'-lantern) की फोटाेज भी सोशल मीडिया पर छा जाती हैं, लेकिन क्या आप जानती हैं कि 31 अक्टूबर को हैलोवीन मनाने से ठीक 5 दिन पहले यानी 26 अक्टूबर को नेशनल पंपकिन डे (National Pumpkin Day 2026) मनाया जाता है?

अगर आप सोच रही हैं कि सिर्फ एक सब्जी के लिए अलग से दिन क्यों रखा गया है, तो इसके पीछे काफी दिलचस्प और काम की वजह छ‍िपी है। हम आपको अपने इस लेख में बता रहे हैं क‍ि आख‍िर ऐसा क्‍यों होता है? आइए जानते हैं-

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हैलोवीन से 5 दिन पहले ही क्यों मनाया जाता नेशनल पंपक‍िन डे?

आपको बता दें क‍ि हैलोवीन और कद्दू का रिश्ता सालों पुराना है। हैलोवीन की रात में लोग कद्दू को खोखला करके उसमें डरावने चेहरे बनाते हैं और अंदर मोमबत्ती जला दी जाती है। 26 अक्टूबर को नेशनल पंपकिन डे मनाने की सबसे बड़ी वजह यही है कि लोग हैलोवीन की तैयारियों की शुरुआत कर सकें। हैलोवीन से ठीक 5 दिन पहले का समय इसलिए चुना गया ताकि लोग-

  • खेतों या बाजारों से अपने लिए सही और टिकाऊ कद्दू चुनकर ला सकें।
  • कद्दू की अलग-अलग रेसिपीज (जैसे पंपकिन पाई, सूप या ब्रेड) बना सकें।
  • कद्दू को तराशने और सजावट की प्लानिंग एडवांस में कर सकें।
हालांक‍ि, 5 द‍िन पहले की तारीख क्‍यों चुनी गई, इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं म‍िला है।  

नेशनल पंपकिन डे क्यों मनाया जाता है?

हर साल 26 अक्टूबर को नेशनल पंपकिन डे मनाया जाता है। इस दिन का मकसद कद्दू की खासियत और उससे जुड़ी खाने-पीने और डेकोरेशन की चीजों को सेलिब्रेट करना है। अमेरिका में कद्दू का इस्तेमाल कई तरह की डिश बनाने और घरों को सजाने में होता है।

नेशनल पंपकिन डे का इतिहास और महत्व

अमेरिका में कद्दू सिर्फ एक सब्जी नहीं बल्कि उनके कल्‍चर और खेती (Harvest Season) का बहुत बड़ा हिस्सा है। पतझड़ के मौसम में कद्दू की बंपर पैदावार होती है। किसान अपनी इस फसल का जश्न मनाने के लिए इसे एक त्योहार की तरह मनाते हैं। यह दिन लोगों को याद दिलाता है कि कद्दू सिर्फ सजावट या कार्विंग के लिए नहीं है बल्कि यह सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इस दिन लोग कद्दू से तरह-तरह की डिशेज बनाते हैं। हालांकि, इस दिन की शुरुआत कब और किसने की, इसकी सही जानकारी मौजूद नहीं है।

सेहत के लिए किसी 'सुपरफूड' से कम नहीं है कद्दू

अगर आप कद्दू को देखकर मुंह बनाती हैं, तो इसके फायदे जानकर हैरान रह जाएंगी।

  • कद्दू का नारंगी रंग इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन की वजह से होता है, जो आंखों की रोशनी के लिए बहुत फायदेमंद है।
  • कद्दू में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो इम्‍युन‍िटी को मजबूत बनाते हैं।
  • वजन कम करने वालों के ल‍िए भी यह‍ सबसे बेस्‍ट ऑप्‍शन है, क्योंकि इसमें कैलोरी बहुत कम और फाइबर ज्यादा होता है।
  • कद्दू के बीज मैग्नीशियम, जिंक और ओमेगा-3 से भरपूर होते हैं, जो दिल और नींद की क्वालिटी को बेहतर बनाते हैं।

नेशनल पंपक‍िन डे को कैसे करें सेलिब्रेट?

अगर आप भी इस दिन को एंजॉय करना चाहती हैं, तो ये सिंपल चीजें कर सकती हैं। जैसे-

  • कद्दू की कोई नई डिश बनाएं। जैसे हलवा, सूप या पंपकिन पाई ट्राई करें।
  • कद्दू के बीजों को धोकर नमक और चाट मसाले के साथ रोस्‍ट करके खाएं।
  • अगर आप हैलोवीन मनाती हैं, तो आज ही कद्दू लाकर उसे डेकोरेट करने की तैयारी शुरू कर दें।

हैलोवीन पर कद्दू क्यों सजाया जाता है?

हैलोवीन के नाम से ही दिमाग में सबसे पहले कद्दू का ख्‍याल आ जाता हे। इस दिन कद्दू को अंदर से खोखला करके उस पर डरावनी आंखें, नाक और मुस्कुराता हुआ मुंह बनाया जाता है। फिर इसके अंदर मोमबत्ती या लाइट रखकर इसे सजाया जाता है। बताया जाता है क‍ि इस परंपरा की शुरुआत आयरलैंड की एक पुरानी लोककथा से हुई थी। लोग बुरी आत्माओं और भूतों को अपने घर से दूर रखने के लिए सब्जियों पर डरावने चेहरे बनाते थे।

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आयरलैंड में लोग पहले कद्दू नहीं बल्कि शलजम, आलू और चुकंदर को खोखला करके उनके अंदर मोमबत्ती जलाते थे, लेक‍िन 19वीं सदी में जब आयरलैंड के लोग अमेरिका जाकर बसे, तो उन्हें वहां शलजम की जगह बहुत सारे कद्दू मिल गए। कद्दू आकार में बड़े थे, अंदर से खोखले करने में आसानी होती थी और उन पर डरावने चेहरे बनाना भी बहुत आसान था। बस फिर क्या था, लोगों ने शलजम को छोड़कर कद्दू का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया और देखते ही देखते कद्दू ही हैलोवीन की सबसे बड़ी पहचान बन गया।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी और सांस्कृतिक तथ्यों पर आधारित है। वहीं, सेहत से जुड़ी किसी भी समस्या या डाइट में बड़े बदलाव के लिए अपने डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह जरूर लें।

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