घर की रजिस्ट्री के कागजात यानी प्रॉपर्टी के मूल दस्तावेज किसी भी संपत्ति के मालिक के लिए सबसे महत्वपूर्ण कानूनी प्रमाण होते हैं। अगर कभी चोरी, आग लगने या किसी अन्य कारण से ये जरूरी कागज गुम हो जाएं, तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि कानून और सरकारी नियमों के तहत इनके डुप्लीकेट पेपर आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं।
रायबरेली के रजिस्ट्री ऑफिस में कार्यरत प्रदीप द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ऐसी स्थिति में कुछ निश्चित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करना होता है, जिनकी मदद से आप आसानी से अपने दस्तावेज दोबारा बनवा सकते हैं। नीचे लेख में जानें पूरी प्रक्रिया के बारे में ।
1. पुलिस थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराएं
रजिस्ट्री के कागज गुम होने पर सबसे पहला और जरूरी कदम नजदीकी पुलिस थाने में जाकर एफआईआर (First Information Report) दर्ज कराना है। अपनी शिकायत में संपत्ति का पूरा विवरण और दस्तावेज खोने का कारण व समय स्पष्ट रूप से लिखें।
पुलिस थाने से मिलने वाली एफआईआर की कॉपी और उसकी रसीद को सुरक्षित संभालकर रख लें, क्योंकि आगे की प्रक्रिया में इसकी जरूरत पड़ सकती है।
2. अखबार में सार्वजनिक सूचना छपवाएं (ऑप्शनल है)
एफ.आई.आर. दर्ज कराने के बाद, राष्ट्रीय या स्थानीय दैनिक अखबार में सार्वजनिक सूचना यानी विज्ञापन छपवाएं। इस विज्ञापन में संपत्ति का पूरा ब्योरा (जैसे मकान का पता, खसरा संख्या और मालिक का नाम) देते हुए यह उल्लेख करना होता है कि रजिस्ट्री के मूल कागज गुम हो गए हैं। अगर किसी व्यक्ति को वे कागज मिलें, तो वह संबंधित पते पर संपर्क करे।
3. सब-रजिस्ट्रार ऑफिस से सर्टिफाइड कॉपी लें
इसके बाद अपने क्षेत्र के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जाना होगा जहां आपकी संपत्ति का पंजीकरण हुआ था। वहां जाकर आपको सर्टिफाइड कॉपी या नकल के लिए निर्धारित आवेदन फॉर्म भरना होगा। इसके साथ आपको एफआईआर की कॉपी, अखबार का विज्ञापन, अपनी आईडी प्रूफ और रजिस्ट्री का पुराना विवरण या पुराना इंडेक्स नंबर देना होगा। तय शुल्क का भुगतान करने के बाद रजिस्ट्रार ऑफिस से आपको मूल रजिस्ट्री की प्रमाणित प्रति मिल जाएगी, जो कानूनी रूप से वैध होती है।
4. नॉन-ज्यूडिशियल स्टांप पेपर पर एफिडेविट तैयार करें
डुप्लीकेट रजिस्ट्री या नए दस्तावेज बनवाने के लिए आपको किसी नोटरी वकील के माध्यम से एक शपथ पत्र बनवाना होगा। इस शपथ पत्र में यह घोषणा करनी होती है कि आपके दस्तावेज सचमुच गुम हो गए हैं, उनका किसी भी तरह का गलत इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। अगर भविष्य में पुराने दस्तावेज मिलते हैं, तो उन्हें तुरंत संबंधित विभाग को सौंप दिया जाएगा।
5. संबंधित विकास प्राधिकरण या हाउसिंग बोर्ड में सूचना दें
यदि आपकी संपत्ति किसी विकास प्राधिकरण या हाउसिंग सोसायटी के अंतर्गत आती है, तो उनके कार्यालय में भी रजिस्ट्री के गुम होने की लिखित सूचना दें। वहां के नियमों के अनुसार फॉर्म भरकर, एफआईआर और अखबार की कॉपी लगाकर आप अपने रिकॉर्ड में मालिकाना हक को अपडेट करवा सकते हैं, जिससे भविष्य में नाम ट्रांसफर या लोन लेने में कोई कानूनी अड़चन न आए।
निष्कर्ष
बता दें कि आप अपने शहर या राज्य के रजिस्ट्री ऑफिस जाकर अपने जमीन का रजिस्ट्री साल, आपने जिससे जमीन या घर खरीदा उसका नाम बताकर डुप्लीकेट पेपर निकलवा सकती हैं। मगर डिजिटल जमाने में कागजों का किसी प्रकार का कोई गलत इस्तेमाल न हो इसके लिए पुलिस कंप्लेन जरूर कराएं।
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