कोरोना के बाद से ही ऑफिस के काम-काज में कई बदलाव देखने को मिले। खासकर वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड मॉडल सबसे ज्यादा चलन में थे। कोरोना के बाद जब स्थिति सामान्य हुई, उसके बाद से ही कंपनियां एम्प्लॉइज को फिर से ऑफिस बुलाने लग गईं। अब हर कंपनी चाहती है कि लोग ऑफिस आएं, लेकिन एम्प्लॉइज अब वर्क-लाइफ बैलेंस छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इसी सिचुएशन के बीच आजकल अधिकतर ऑफिसों में दो नए ट्रेंड काफी तेजी से चल पड़े हैं। हम बात कर रहे हैं— 'कॉफी बैजिंग' और 'टास्क मास्किंग' की। आइए जानते हैं इन दोनों ट्रेंड्स के बारे में विस्तार से।
1. क्या है 'कॉफी बैजिंग'?
कॉफी बैजिंग ट्रेंड इन दिनों खासकर कॉर्पोरेट में खूब छाया हुआ है। इसका सीधा मतलब है— लोग अब ऑफिस सिर्फ अपनी शक्ल दिखाने और हाजिरी दर्ज कराने के लिए जा रहे हैं। ऐसा तब होता है जब मैनेजर ऑर्डर दे दे कि अब आपको हफ्ते में 2 या 3 दिन ऑफिस आना ही पड़ेगा। ऐसे में एम्प्लॉइज ऑफिस तो जाते हैं, लेकिन अपना कार्ड स्वाइप करते हैं, साथियों के साथ चाय-कॉफी पीते हैं, थोड़ा हाल-चाल पूछते हैं और 2-3 घंटे में वापस घर के लिए निकल आते हैं। बचा हुआ काम वे घर जाकर ही निपटाते हैं। इसी स्थिति को अब लोग 'कॉफी बैजिंग' का नाम दे रहे हैं। कर्मचारियों का मानना है कि आने-जाने में समय बर्बाद होता है और ऑफिस के शोर-शराबे में काम नहीं हो पाता, इसलिए वे सिर्फ कागजों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए ऑफिस जाते हैं।
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2. क्या है 'टास्क मास्किंग'?
बात करें 'टास्क मास्किंग' की, तो इसका सीधा मतलब है— एम्प्लॉई चाहे काम करे या न करे, लेकिन ऑफिस या घर पर वह खुद को हर समय व्यस्त दिखाता है। इसे आप 'नकली प्रोडक्टिविटी' भी कह सकते हैं। इसमें लोग लैपटॉप स्क्रीन पर तेजी से उंगलियां चलाते रहते हैं, फालतू के ईमेल लिखते रहते हैं या ऑफिस चैट ऐप पर खुद को हमेशा 'ऑनलाइन' रखते हैं, भले ही उनके पास कोई असली काम न हो। ऐसा लोग तब करते हैं जब कंपनियां काम के नतीजों के बजाय इस बात पर ज्यादा ध्यान देती हैं कि बंदा कितनी देर सिस्टम के सामने बैठा है।
ये ट्रेंड्स इतने क्यों बढ़ रहे हैं?
इन दोनों ट्रेंड्स के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण एम्प्लॉइज और मैनेजमेंट के बीच भरोसे की कमी है। कई एम्प्लॉइज का मानना है कि जब घर से काम अच्छा चल रहा था, तो जबरन ऑफिस बुलाने की जिद एक पाबंदी जैसी लगती है। यही नहीं, लगातार काम का दबाव और बिगड़ता वर्क-लाइफ बैलेंस भी इसकी बड़ी वजह हो सकती है। आजकल लोग ऑफिस की कुर्सी पर घंटों बैठने के बजाय अपनी मानसिक शांति और खुद को अहमियत दे रहे हैं।
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'कॉफी बैजिंग' और 'टास्क मास्किंग' ट्रेंड्स सिर्फ काम से भागने के तरीके नहीं हैं, बल्कि ये बताते हैं कि अब एम्प्लॉइज अपनी आजादी और वर्क-लाइफ बैलेंस को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
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