स्ट्रगल, करियर का स्ट्रेस और रिजेक्शन का डर अक्सर इंसान को मानसिक रूप से थका देता है। ऐसे में नेचर के करीब जाना किसी थेरेपी से कम नहीं है। बता दें, घर के एक छोटे से कोने में पौधे लगाना न सिर्फ आपके घर की खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि आपके अंदर की उदासी को कम करता है और नकारात्मकता को भी हमेशा के लिए दूर कर सकता है। अगर आप भी लाइफ के स्ट्रेस से दूर सुकून की तलाश में हैं, तो होम गार्डनिंग आपके लिए एक नई शुरुआत हो सकती है। जी हां, सुगंधा मिश्रा ने भी होमगार्डनिंग के माध्यम से अपने जीवन में काफी बदलाव लाया। ऐसे में इनकी कहानी के बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि कैसे सुगंधा के जीवन में बदलाव आया और घर पर होमगार्डनिंग कैसे शुरू करें? जानते हैं आगे...
कैसे पौधों ने बदला जीवन?
करियर के संघर्ष और लगातार मिल रहे रिजेक्शन से सुगंधा का मन बेहद दुखी रहने लगा था। इसी बीच उनकी नजर पड़ोस की एक दादी जी पर पड़ी, जो बच्चों के माता-पिता के ऑफिस जाने के बाद अकेले ही बड़े चाव से बागवानी करती थीं और हमेशा बेहद खुश रहती थीं।
एक दिन जब सुगंधा ने उनसे अपनी उदासी शेयर की, तो दादी ने मुस्कुराकर कहा- नौकरी तो जब लगनी होगी लग जाएगी, तुम पहले खुद को खुश रखना सीखो। तुम गार्डनिंग शुरू करो।
सुगंधा को बागवानी का कोई अनुभव नहीं था, लेकिन दादी से पूछ-पूछ में उन्होंने छोटे-छोटे पौधे लगाना शुरू किया। जैसे-जैसे वे पौधे बढ़ने लगे, वैसे-वैसे सुगंधा के अंदर का आत्मविश्वास भी लौटने लगा। आज वह अपने घर की उगी ताजी सब्जियां खाती हैं और उनके जीवन से नेगेटिव सोच गायब हो चुकी है।
इसे भी पढ़ें - मॉनसून से पहले कर रही हैं पौधों की शिफ्टिंग? न करें ये गलतियां वरना मुरझा जाएंगे पत्ते
होम गार्डनिंग कैसे शुरू करें?
शुरुआत में मनी प्लांट, एलोवेरा, पुदीना, धनिया या तुलसी जैसे पौधे लगाएं, जिन्हें बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती।
- अब सबसे पहले अपने घर का वो कोना चुनें जहां कम से कम 3-4 घंटे की अच्छी धूप आती हो, जैसे बालकनी या खिड़की।
- फिर मिट्टी में थोड़ा सा कोकोपीट और जैविक खाद मिलाकर तैयार करें।
- फिर छोटे प्लास्टिक या मिट्टी के गमलों का ही इस्तेमाल करें।
नोट - अक्सर लोग पौधों में जरूरत से ज्यादा पानी डाल देते हैं, जिससे जड़ें सड़ जाती हैं। पानी तभी दें जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी दिखे। इसके अलावा गमले के नीचे एक छोटा छेद जरूर होना चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके।
इसे भी पढ़ें -मॉनसून की तेज हवाओं से पौधों को टूटने से बचाने के लिए पुरानी बोतलें आएंगी काम, जानें कैसे?
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Images: magnific
