भारत देश में तीज-त्योहार से लेकर शादी-विवाह तक हर खास मौके पर सोने-चांदी की खरीदारी करना सबसे जरूरी माना जाता है। धनतेरस, दिवाली से लेकर अक्षय तृतीया जैसे बड़े-बड़े मौकों पर लोग घर में सोना खरीद कर लाते हैं। इन खास मौकों पर सोना तो खरीदा जाता है, लेकिन जब बात इन्वेस्टमेंट की आती है, तो अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या फिजिकल गोल्ड लेना सही है या फिर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में पैसा लगाना ज्यादा सही रहेगा? अगर आप भी इन दोनों चीजों को लेकर कंफ्यूज हैं, तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।
क्या है बेहतर फिजिकल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड
अगर आप भी इस साल धनतेरस, दिवाली या किसी खास मौके पर सोना खरीदने जा रही हैं और मन में यह सवाल है कि फिजिकल गोल्ड खरीदें या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड चुनें, तो आज हम आपको इन दोनों में से ज्यादा फायदेमंद विकल्प के बारे में बताएंगे।
1. फिजिकल गोल्ड क्या है?
बात करें फिजिकल गोल्ड की, तो इसे आसानी से पहना जा सकता है। जब भी आपका मन हो, आप इसे हाथ में लेकर देख सकती हैं। इस तरह के गोल्ड का हमारे समाज में पारिवारिक और सांस्कृतिक रूप से भी बहुत गहरा नाता माना जाता है। ज्वेलरी खरीदते समय आपको कम से कम 10 से 20% तक का मेकिंग चार्ज और जीएसटी देना होता है, जो बाद में बेचते वक्त वापस नहीं मिलता है।
यही नहीं घर में फिजिकल गोल्ड को सुरक्षित रखने के लिए बैंक लॉकर का खर्च भी बढ़ जाता है या फिर चोरी होने का डर बना रहता है। सोना खरीदते समय हॉलमार्क देखना भी बहुत जरूरी माना जाता है, वरना लोकल सुनार से खरीदने पर शुद्धता को लेकर असमंजस महसूस हो सकता है।
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2. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड क्या है और इसके फायदे?
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए जाने वाले ये डिजिटल/कागजी गोल्ड बॉन्ड निवेश के लिए आजकल बहुत ज्यादा लोकप्रिय हो रहे हैं -
- इसमें इन्वेस्टमेंट करने पर सोने की कीमत बढ़ने का फायदा तो मिलता ही है, साथ ही निवेशक को हर साल 2.5% का निश्चित ब्याज भी अलग से मिलता है, जो कि फिजिकल गोल्ड में नहीं मिल पाता।
- इसमें मेकिंग चार्ज और चोरी का भी कोई झंझट नहीं होता। यह पूरी तरीके से डिजिटल या पेपर फॉर्म में होता है, इसलिए आपको इसे संभालने का डर नहीं रहता।
- अगर आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को इसकी मैच्योरिटी पीरियड तक रखती हैं, तो इससे मिलने वाले सभी प्रॉफिट पर किसी भी तरह का कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना पड़ता।
आपके लिए कौन सा विकल्प सबसे बेहतर है?
अगर आप अभी भी सोच रही हैं कि इन दोनों में से ज्यादा बेहतर क्या है, तो आपको बता दें -
- अगर आपको शादी-ब्याह या किसी खास मौके पर सोना पहनना पसंद है और आप रीति-रिवाज निभाना चाहती हैं, तो आप फिजिकल गोल्ड खरीद सकती हैं।
- अगर आपका मुख्य मकसद फ्यूचर के लिए पैसे इन्वेस्ट करना है और आप बिना किसी रखरखाव के अच्छा-खासा प्रॉफिट कमाना चाहती हैं, तो सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड आपके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन हो सकता है।
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निष्कर्ष: त्योहारों पर अक्सर लोग सोना खरीदना पसंद करते हैं, लेकिन सोना खरीदते वक्त अगर आपके मन में भी अभी तक यह सवाल आ रहा था कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सही रहेगा या फिजिकल गोल्ड, तो ऊपर बताई गई जानकारी की मदद से आप अपनी जरूरत और सुविधा के हिसाब से सही तरीका चुन सकती हैं। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
(image credit: magnific)
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