- जिस पौधे की पत्तियां हलकी मुरझाई, किनारे से सूखी, कटी-फटी या कीड़े द्वारा खाई गई हों उसे कभी न खरीदें।
- पत्तियों को पलटकर ध्यान से देखें क्योंकि कई बार उनके पीछे बारीक कीड़े लगे होते हैं।
- तने का वह हिस्सा जहां से पत्तियां पनपती हैं, उसे भी अच्छी तरह जांच लें। वहां कई बार सफेद या काले रंग का पाउडर जैसा कुछ पदार्थ जमा होता है। यह एक तरह का फंगस होता हैं, जो कुछ दिनों के बाद पूरे पौधे को नष्ट कर देता है।
- हमेशा छोटे पौधे खरीदें, क्योंकि उनका विकास तेज़ी से होता है। काट-छांटकर आप उन्हें मनचाहा शेप दे सकते हैं, लेकिन बड़े पौधे के साथ ऐसा संभव नहीं होता।
- लताओं या कुछ नाज़ुक तने वाले पौधों को सपोर्ट की ज़रूरत होती है। इसलिए नर्सरी वाले उन्हें लकड़ी के सहारे बांध देते हैं। पौधा खरीदते समय उसके बांधने के निशान को चेक करें, कई बार पौधे को इतनी सख़्ती से बांधा जाता है कि बांधने वाली जगह से तना कमज़ोर होकर सूखने लगता है। इसलिए प्लांट खरीदने से पहले यह निशान ज़रूर चेक करें।
- अगर लंबे समय तक मौसमी फूलों का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो हमेशा नन्ही कलियों से भरा पौधा खरीदें। कुछ लोग अकसर फूलों से भरा पौधा खरीद लाते हैं। ऐसी गलती कभी न करें, जिन पौधों पर पहले से ही ज्य़ादा फूल लगे होते हैं, बाद में उन पर फूल खिलने की संभावना खत्म हो जाती है।
- पौधा खरीदते समय गमले को पलटकर यह चेक करें कि कहीं उसे रूटबॉन्ड (गमले के छेद से जड़ों का बाहर निकल जाना) की समस्या तो नहीं है। ऐसे पौधे को तत्काल बड़े गमले में शिफ्ट करना ज़रूरी होता है। यहां इस बात का ध्यान रखना भी ज़रूरी है कि अगर आप फरवरी-मार्च या जुलाई-अगस्त यानी वसंत या वर्षा ऋतु में कोई रूट बाउंड पौधा खरीदते हैं तो उस दौरान उसे किसी दूसरे गमले में आसानी से लगाया जा सकता है, लेकिन इसके अलावा किसी दूसरे मौसम में ऐसा करना सुरक्षित नहीं होता, इससे पौधे के नष्ट होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए कोई भी पौधा खरीदते समय इस बात की जांच अवश्य कर लें कि वह मौसम उसके अनुकूल है या नहीं?
- प्लांट्स की शॉपिंग किसी अच्छी नर्सरी से करें, क्योंकि वे ग्राहकों का विश्वास खोना नहीं चाहते और उन्हें स्वस्थ पौधे देते हैं।
- प्लांट्स खरीदते समय अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो आपको उचित कीमत पर स्वस्थ पौधे मिल जाएंगे और आपका गार्डन हमेशा हरा-भरा रहेगा।
यह भी न भूलें
- जगह बदलने पर नये माहौल में पौधों को गहरा शॉक लगता है। इसलिए नर्सरी से खरीदकर लाने के बाद लगभग दस-बारह दिनों के लिए उन्हें किसी छांव वाली जगह में रख दें और बाद में उन्हें उनकी ज़रूरत के अनुकूल जगह पर लगाएं, इससे पौधों का विकास सही ढंग से होगा।
- तेज़ गर्मी या सर्दी के बजाय बरसात में नये पौधे खरीदना ज्य़ादा सही रहता है।
- ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बढ़ रहा है। फिर भी लोकल नर्सरी से पौधे खरीदना हमेशा सुरक्षित होता है, लेकिन इससे पहले अपने दोस्तों और परिचितों से पौधे की कीमत की जानकारी अवश्य लें।
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