बालकनी या छत पर हरा-भरा गार्डन किसे नहीं पसंद? पेड़-पौधों की देखभाल में उन्हें सही समय पर पानी देना जरूरी है। अक्सर लोगों को लगता है कि गमले में रोज ढेर सारा पानी डाल देने से पौधे तेजी से बढ़ेंगे, लेकिन गार्डनिंग का यह सबसे बड़ा भ्रम है। पौधे कम पानी की वजह से नहीं, बल्कि गलत तरीके से पानी देने के कारण दम तोड़ देते हैं। गर्मियों के इस मौसम में पौधों का वॉटरिंग मैनेजमेंट समझना बेहद जरूरी है। ऐसे में इनके बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि पानी से जुड़ी वो आम गलतियां कौन-सी हैं, जो आपके पौधों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं? जानते हैं इस लेख के माध्यम से...

 

भूलकर भी न करें पानी देने से जुड़ी ये 3 गलतियां

हर समय मिट्टी को गीला बनाए रखने से जड़ों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इससे जड़ें दम घुटने के कारण सड़ने लगती हैं, जिसे रूट रॉट कहा जाता है। 

चिलचिलाती दोपहर में जब गमले और मिट्टी का तापमान बहुत अधिक होता है, तब पानी डालने से मिट्टी के भीतर गर्म भाप बनती है। यह अचानक हुआ तापमान का बदलाव पौधों की नाजुक जड़ों को तुरंत खराब कर सकता है।

शाम के वक्त या रात के समय पत्तियों के ऊपर पानी का छिड़काव करने से नमी पत्तों पर जमा रह जाती है। हवा न मिलने के कारण फंगस और कीड़े पनपने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

गर्मी के स्ट्रेस से पौधों को बचाने के उपाय

पौधे बेजान या मुरझाए हुए दिखने लगे हैं, तो मिट्टी की ऊपरी परत को खुला छोड़ने के बजाय मल्चिंग करें। गमले की खाली मिट्टी पर सूखी पत्तियां, नारियल के छिलके या लकड़ी का बुरादा बिछा दें। 

नोट - पानी देने से पहले हमेशा देखें कि गमले के नीचे बना छेद खुला हो, ताकि एक्स्ट्रा पानी तुरंत बाहर निकल सके।

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