आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन इसके साथ ही उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है। खतरा कभी बताकर नहीं आता, इसलिए हमेशा तैयार रहना ही सबसे समझदारी का कदम है। चाहे आप ऑफिस जा रही हों, कॉलेज या फिर घूमने; आपके बैग में कुछ ऐसी सुरक्षा से जुड़ी चीजें होनी चाहिए, जो किसी भी मुश्किल समय में आपकी हेल्प कर सकें। आइए दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट मुफ्ती उसामा नदवी जानते हैं उन जरूरी सुरक्षा उपकरणों के बारे में, जो हर महिला को पता होने चाहिए।

लड़कियां बैग में रखें ये चीजें

आत्मनिर्भर बनने का पहला नियम है अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होना। आए दिन हम ऐसी घटनाओं के बारे में सुनते हैं, जो हमें सावधान रहने पर मजबूर करती हैं, लेकिन डरने के बजाय अगर हम स्मार्ट आदतों अपनी जिंदगी में उतार लें तो हम बिना किसी खौफ के पूरे आत्मविश्वास के साथ कहीं भी आ-जा सकती हैं।

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1. स्मार्टफोन, सबसे जरूरी सेफ्टी टूल

फोन सिर्फ बातचीत के लिए नहीं बल्कि एमरजेंसी में एक बड़ा सेफ्टी टूल है। घर से निकलने से पहले अपने फोन को पूरा चार्ज करके निकले। अपने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स को स्पीड डायल में सेव करके रखें। जरूरत के समय लोकेशन शेयरिंग सुविधा का इस्तेमाल करें। अपने फोन में इमरजेंसी SOS और पैनिक सुविधा हमेशा सेट रखें। भारत पुलिस, फायर और मेडिकल जैसी इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स के लिए 112 नंबर याद रखें।

2. पर्सनल सेफ्टी अलार्म

एक छोटा पर्सनल अलार्म अपने पास हमेशा रखें। खतरा महसूस होने पर तुरंत अलार्म एक्टिवेट करें। इसका मुख्य उद्देश्य आसपास के लोगों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींचना है। इसे बैग में ऐसी जगह रखें जहां कुछ ही सेकेंड में आपका हाथ पहुंच सके। इसे बैग के अंदर गहराई में रखने के बजाय आसानी से पहुंचने वाली जेब में रखें।

3. मिनी फ्लैशलाइट

अपने पास एक छोटी रिचार्जेबल फ्लैशलाइट जरूर रखें। रात में पार्किंग, सड़क या किसी सुनसान जगह पर यह बहुत काम आती है। इससे आपके फोन की बैटरी भी बचती है। अंधेरे में घर या कार की चाबी ढूंढने में भी यह बहुत ही मददगार है। ध्यान रखें कि फ्लैशलाइट को हथियार की तरह इस्तेमाल करने के बजाय विजिबिलिटी और ध्यान खींचने के लिए रखें।

4. पेपर स्प्रे

इमरजेंसी में दूरी बनाने के लिए पेपर स्प्रे एक अच्छा ऑप्शन है। इसे केवल वहीं रखें, जहां कानून नियम इसकी परमिशन देते हों। इसका इस्तेमाल करने से पहले इसे सही तरीके से चलाना सीख लें। इसे बैग के सबसे नीचे में रखने के बजाय आसानी से हाथ आने वाली जगह पर रखें। बंद जगह में इसके इस्तेमाल के जोखिम को समझें।

5. इमरजेंसी कॉन्टैक्ट कार्ड

अपने पास एक छोटा कार्ड रखें, जिस पर अपना नाम लिखा हो। उस पर कम से कम 2 इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर लिखें। जरूरी मेडिकल जानकारी उस पर लिखें। अपने परिवारवालों के फोन नंबर भी उसमें लिखें।

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6. सबसे जरूरी हेल्पलाइन नंबर

किसी भी मुश्किल स्थिति में तुरंत मदद के लिए 112 इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें। 112 इंडिया सिस्टम में वॉयस कॉल के अलावा SOS व पैनिक फीचर्स और 112 इंडिया ऐप के माध्यम से मदद मांगने की सुविधा भी मिलती है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए इस ऐप में SHOUT फीचर भी उपलब्ध है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, 181 महिलाओं को आपातकालीन और सहायता सेवाओं से जोड़ने वाली टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर है।

7. ट्रैवल सेफ्टी

किसी भी कैब या ऑटो में बैठने से पहले उसका रजिस्ट्रेशन नंबर नोट करें और अपनों के साथ शेयर करें। अपनी लाइव लोकेशन अपने किसी भरोसेमंद कॉन्टैक्ट के साथ शेयर करें। सुनसान रास्तों के बजाय हमेशा भीड़भाड़ वाले और बिजी रास्ते चुनें। यदि आपको लगे कि कोई आपका पीछा कर रहा है, तो सीधे अपने घर न जाएं। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर जाएं और वहां लोगों से मदद मांगें।

सुरक्षा केवल एक दिन की बात नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी आदत है जिसे हर महिला को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। छोटी-छोटी सावधानियां और बैग में रखे ये जरूरी सुरक्षा उपकरण किसी भी अनहोनी से आपका बचाव कर सकते हैं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।