किसी रिश्ते के खत्म होने के बाद भी बार-बार फोन चेक करना, अचानक उदास हो जाना या सपने में उसी इंसान को देखना। ये चीजें अक्सर बहुत से लोगों के साथ होती हैं। हैरानी की बात यह है कि कई बार जिंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा होता है, फिर भी पुरानी यादें मन को परेशान करने लगती हैं। कभी किसी गाने से पुराना रिश्ता याद आ जाता है, तो कभी बिना किसी वजह के सीने में भारीपन महसूस होने लगता है। आखिर ऐसा क्यों होता है? एम्स दिल्ली की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और BSF में एमिनेंट फैकल्टी डॉक्‍टर विधि पिलनिया  के अनुसार, इसके पीछे हमारा दिमाग और पुरानी आदतों का रोल होता हैं। आइए जानते हैं कि किसी रिश्ते या पुरानी यादों से आगे बढ़ने के दौरान मन और शरीर में ऐसे बदलाव क्यों महसूस होते हैं।

रिश्ते को छोड़ने पर क्यों फील होती हैं ये 5 बातें

जब हम किसी रिश्ते से दूरी बना लेते हैं, तो हमें घबराहट से लेकर गिल्टी जैसा फील होने लगता है। आखिर इसका कारण क्या है? यहां जानें।

1. रिश्ता खत्म होने पर भी मैसेज का इंतजार क्यों रहता है?

किसी खास इंसान से बात करने की आदत इतनी ज्यादा होती है कि रिश्ता खत्म होने के बाद भी दिमाग मैसेज या फोन कॉल का इंतजार करता रहता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि जब हम किसी के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ते हैं, तो उससे बातचीत करना हमारे लिए खुशी और सुकून का जरिया बन जाता है। जब फोन पर उस इंसान का नाम दिखाई देता है या मैसेज आता है, तो दिमाग डोपामिन रिलीज करता है, जो खुशी महसूस कराता हैं। धीरे-धीरे दिमाग उस इंसान से मिलने वाली खुशी और बातचीत को अपनी रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बना लेता है।

रिश्ता खत्म होने के बाद भले ही बातचीत बंद हो जाए, लेकिन दिमाग में बनी आदतें तुरंत खत्म नहीं होती। यही वजह है कि कई बार हाथ अपने आप फोन की तरफ बढ़ जाता है या मन में अचानक ख्याल आता है कि शायद मैसेज आया होगा। इसका मतलब यह नहीं है कि आप कमजोर हैं, बल्कि आपका दिमाग एक पुरानी आदत से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है।

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2. सब ठीक होने पर भी अचानक उदासी क्यों आती है?

कई बार जिंदगी में सब कुछ अच्छा चल रहा होता है, फिर भी अचानक मन भारी होने लगता है। इसकी एक वजह पुरानी भावनाओं को स्वीकार न कर पाना हो सकता है। किसी रिश्ते का टूटना, किसी अपने से दूर होना या किसी उम्मीद का खत्म हो जाना मन पर गहरा असर डाल सकता है।

हम अक्सर सोचते हैं कि समय बीतने के साथ दुख अपने आप खत्म हो जाएगा, लेकिन भावनाओं से उबरने की प्रक्रिया हमेशा एक जैसी नहीं होती। कभी हम अच्छा महसूस करते हैं, तो कभी कोई छोटी-सी बात पुरानी यादों को फिर से सामने ले आती है।

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3. पुरानी यादों से सीने में जकड़न क्यों होती है?

क्या आपने कभी किसी पुरानी बात को याद करते हुए सीने में भारीपन, पेट में हलचल या बेचैनी महसूस की है? ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि भावनाओं का असर केवल हमारे मन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शरीर पर भी दिखाई दे सकता है।

दिमाग और पाचन तंत्र के बीच लगातार संपर्क बना रहता है। इसे दिमाग-पेट संबंध यानी गट-ब्रेन कनेक्शन कहा जाता है। जब हम तनाव, डर या परेशानी से गुजरते हैं, तो शरीर की तनाव प्रतिक्रिया सक्रिय हो सकती है। इस दौरान सांस लेने के तरीके, दिल की धड़कन और पाचन क्रिया में बदलाव महसूस हो सकते हैं। इसी वजह से किसी रिश्ते के टूटने के बाद कुछ लोगों को पेट में गड़बड़ी, बेचैनी, भूख में बदलाव या शरीर में तनाव महसूस होता है। हालांकि, सीने में जकड़न या दर्द को हमेशा भावनात्मक तनाव का नतीजा नहीं मानना चाहिए। अगर सीने में तेज दर्द, सांस लेने में परेशानी या लगातार असहजता हो, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।

4. आगे बढ़ने पर भी गिल्ट क्यों महसूस होता है?

किसी पुराने रिश्ते से बाहर निकलने के बाद जब जिंदगी दोबारा सामान्य होने लगती है, तो कई लोगों को अजीब-सा गिल्ट फील होता है। लोगों को लगता है कि अगर वे अब खुश हैं, तो क्या इसका मतलब है कि उन्होंने उस रिश्ते को भुला दिया या अपने पुराने साथी के प्रति वफादार नहीं रहे?

दरअसल, किसी रिश्ते से जुड़ी यादें और भावनाएं हमारी सोच पर लंबे समय तक असर डाल सकती हैं। अगर हम किसी इंसान से गहराई से जुड़े रहे हों, तो उससे अलग होने के बाद भी उसके दुख की चिंता करना स्वाभाविक है।

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5. पुराने लोग सपनों में बार-बार क्यों आते हैं?

किसी इंसान को दिनभर याद न करने के बावजूद रात में सपना दिखाई देना हैरान कर सकता है। कई बार ऐसा लगता है कि हम जिस रिश्ते को पीछे छोड़ चुके हैं, हमारा दिमाग बार-बार उसी की तरफ लौट रहा है। हालांकि, सपने में किसी पुराने साथी का दिखाई देना यह साबित नहीं करता कि आप उसके पास वापस जाना चाहते हैं।

नींद के दौरान दिमाग यादों और दिनभर के अनुभवों को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया से गुजरता है। कभी-कभी जिन बातों पर हम खुलकर चर्चा नहीं कर पाते या जिन भावनाओं को समझने में समय लगता है, वे सपनों में अलग-अलग रूपों में दिखाई दे सकती हैं। हालांकि, हर सपने का कोई निश्चित मनोवैज्ञानिक अर्थ नहीं होता और सपनों के आधार पर किसी रिश्ते के भविष्य का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

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