आज के समय में लव रिलेशनशिप से जुड़े कई नए शब्द सुनने को मिलते हैं, जैसे सिचुएशनशिप, टॉकिंग स्टेज, घोस्टिंग और ब्रेडक्रम्बिंग। इन सभी शब्दों का अपना अलग मतलब है और ये रिश्तों में होने वाले अलग-अलग व्यवहारों को समझाते हैं। इसी कड़ी में एक शब्द है 'मंकी ब्रांचिंग'। इसका मतलब है कि आप एक रिश्ते में रहते हुए ही किसी दूसरे व्यक्ति को अपने अगले पार्टनर के ऑप्शन के रूप में देखने लगते हैं। सीधे शब्दों में कहें, तो पुराने रिश्ते में रहते हुए ही नए रिश्ते का बैकअप प्लान तैयार रखना। चलिए, नीचे लेख में विस्तार से समझते हैं कि Monkey Branching क्या है और इसकी पहचान कैसे की जा सकती है?

क्या होता है Monkey Branching?

मंकी ब्रांचिंग एक ऐसा रिलेशनशिप ट्रेंड है, जिसमें कोई व्यक्ति अपने मौजूदा पार्टनर के साथ रिश्ता बनाए रखते हुए किसी दूसरे व्यक्ति से भावनात्मक या रोमांटिक जुड़ाव बनाने लगता है। इसे समझने के लिए बंदर के एक डाल से दूसरी डाल पर जाने का उदाहरण दिया जाता है। जैसे बंदर पहली डाल को तब तक नहीं छोड़ता, जब तक उसे दूसरी डाल पर पकड़ न मिल जाए। ठीक इसी तरह व्यक्ति पुराने रिश्ते को तब तक नहीं छोड़ता, जब तक उसे नया पार्टनर या रिश्ते का विकल्प न मिल जाए।

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ऐसा करने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। कुछ लोग अकेले रहने से डरते हैं, तो कुछ को हर समय किसी के ध्यान और प्यार की जरूरत महसूस होती है। वहीं, कुछ लोग अपने मौजूदा रिश्ते से खुश नहीं होते, लेकिन सीधे बातचीत करके उसे खत्म करने का साहस नहीं जुटा पाते।

Monkey Branching कर रहे पार्टनर की पहचान कैसे करें?

मंकी ब्रांचिंग को पहचानना हमेशा आसान नहीं होता, क्योंकि इसकी शुरुआत कई बार सामान्य बातचीत या दोस्ती से होती है। हालांकि, कुछ व्यवहार ऐसे हो सकते हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी है।

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  • किसी दूसरे व्यक्ति से अचानक बढ़ने लगे नजदीकियां अगर आपका पार्टनर किसी नए व्यक्ति से लगातार बातें करने लगे, उसके साथ जरूरत से ज्यादा समय बिताए और अपनी निजी बातें साझा करने लगे, तो इस बदलाव पर ध्यान दें। खासकर तब, जब वह आपसे भावनात्मक रूप से दूर होता जा रहा हो।
  • आपके साथ भविष्य की बातें करने से बचना पहले जो पार्टनर आपके साथ भविष्य की योजनाएं बनाता था, वह अचानक इन बातों से बचने लगे। साथ घूमने, शादी या दूसरे लंबे समय के फैसलों पर बात करने में उसकी दिलचस्पी कम हो जाए, तो यह रिश्ते में बदलाव का संकेत हो सकता है।
  • फोन और बातचीत को लेकर जरूरत से ज्यादा सीक्रेट्स अगर पार्टनर अचानक फोन छिपाने लगे, किसी खास व्यक्ति के मैसेज आते ही स्क्रीन बंद कर दे या बातचीत के बारे में पूछने पर असहज हो जाए, तो इस व्यवहार को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, सिर्फ फोन की प्राइवेसी को धोखे का सबूत नहीं माना जा सकता।
  • इमोशनल कनेक्शन कम होना अगर पार्टनर आपकी बातों में दिलचस्पी लेना कम कर दे, साथ समय बिताने से बचने लगे और छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन दिखाए, तो संभव है कि उसका ध्यान रिश्ते से हट रहा हो।

Monkey Branching और नॉर्मल दोस्ती में क्या अंतर है?

किसी दूसरे व्यक्ति से दोस्ती करना या बातचीत करना गलत नहीं है। हर व्यक्ति को रिश्ते में रहते हुए भी अपनी दोस्ती और निजी जिंदगी बनाए रखने का अधिकार है। फर्क तब आता है, जब दोस्ती में रोमांटिक इरादे शामिल होने लगें और व्यक्ति अपने पार्टनर से यह बात छिपाने लगे। अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे के साथ भावनात्मक रिश्ता बना रहा है, उससे भविष्य की उम्मीदें जोड़ रहा है और मौजूदा पार्टनर को इस बारे में अंधेरे में रख रहा है, तो यह सामान्य दोस्ती से अलग व्यवहार है।

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अगर पार्टनर ऐसा कर रहा है तो क्या करें?

सबसे पहले बिना किसी ठोस वजह के आरोप लगाने से बचें। पार्टनर के व्यवहार में बदलाव महसूस हो रहा है, तो शांत होकर उससे खुलकर बात करें। अपनी परेशानी बताएं और यह समझने की कोशिश करें कि रिश्ते में क्या बदल रहा है।

इसके साथ ही अपनी बाउंड्री क्लियर रखें। अगर पार्टनर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ रोमांटिक जुड़ाव रखता है और आपसे सच्चाई छिपाता है, तो यह तय करना जरूरी है कि आप ऐसे रिश्ते में रहना चाहते हैं या नहीं। केवल रिश्ता बचाने के लिए अपनी भावनाओं और आत्मसम्मान को नजरअंदाज न करें।

निष्कर्ष-

याद रखें, किसी रिश्ते में असुरक्षित महसूस करना और मंकी ब्रांचिंग का शिकार होना एक ही बात नहीं है। शक के बजाय बातचीत, व्यवहार में लगातार दिखने वाले बदलाव और आपसी ईमानदारी के आधार पर फैसला लेना बेहतर है। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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