बच्चा घंटों किताब खोलकर बैठा रहे, लेकिन अगले ही दिन वही पुरानी गलतियां दोहराए, यह समस्या लगभग हर घर की है। असल में दिक्कत पढ़ाई में बिताए समय की नहीं, बल्कि पढ़ाई के तरीके की होती है। मैथ्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि बच्चों को गणित रटाने के बजाय उनके दैनिक जीवन से जोड़ना चाहिए। खरीदारी, किचन के काम और खेल-खेल में गणित को शामिल करके इसे बच्चों का पसंदीदा विषय बनाया जा सकता है। आगे जानें ऐसे आसान टिप्स और आदतें, जिन्हें अपनाकर आप अपने बच्चे का गणित में डर हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं। इसके लिए हमने एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा की कम्युनिकेशन एंड कंटेंट मैनेजर रिन्नी माहेश्वरी से बात की है। जानते हैं आगे...
रोजमर्रा के कामों से कैसे सिखाएं मैथ्स?
गणित केवल किताबों और कॉपियों तक सीमित नहीं है। इसे बच्चों के आसपास की चीजों से जोड़कर बेहद दिलचस्प बनाया जा सकता है।
- खरीदारी में मदद लें: जब भी मॉल या दुकान जाएं, बच्चे से सामान के दाम जोड़ने, छूट (डिस्काउंट) का हिसाब लगाने और बचे हुए पैसे गिनने को कहें।
- रसोई में माप सीखें: खाना या केक बनाते समय कप, चम्मच और सामग्री के वजन से बच्चे फ्रेक्शंस और नाप-तौल आसानी से समझ जाते हैं।
- खेल-कूद और स्पोर्ट्स: क्रिकेट के स्कोर, खिलाड़ियों के औसत और रन रेट से बच्चे आंकड़ों और गणित के फॉर्मूलों को जल्दी सीखते हैं।
कैसे याद कराएं पहाड़े?
गणित में तेजी से गणना करने के लिए पहाड़े (Tables) और वर्गमूल (Square Roots) याद होना बहुत जरूरी है।
- हर दिन सिर्फ 10 मिनट निकालें और बच्चे से ओरल प्रैक्टिस करवाएं।
- जैसे 12 × 12 = 144 और 144 का वर्गमूल 12 होता है, यह बात बच्चों को बार-बार दोहराने से याद हो जाती है।
- ये चीजें साफ होने पर बच्चा कठिन सवालों को भी कम समय में हल कर लेता है।
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'मैथ्स मुश्किल है' यह सोच बदलें
कई बार बड़े अनजाने में बोल देते हैं कि गणित बहुत कठिन है। बच्चों के सामने हमेशा सकारात्मक बातें कहें। बच्चे को रोज याद दिलाएं कि मैथ्स एक आसान और मजेदार विषय है, जिसे अभ्यास से सीखा जा सकता है। जब बच्चा कोई सवाल गलत करे, तो डांटने के बजाय उसके प्रयास की तारीफ करें और दोबारा कोशिश करने को कहें।
केवल उत्तर नहीं, हर स्टेप लिखवाएं
अक्सर बच्चे दिमाग में ही गणित लगाने की कोशिश करते हैं, जिससे उत्तर गलत हो जाता है।
- बच्चे को समझाएं कि सवाल को पूरा स्टेप-बाय-स्टेप कॉपी में लिखे।
- अगर उत्तर गलत आता है, तो केवल वही स्टेप सुधारें जहां गलती हुई है। पूरे सवाल को दोबारा समझाने से बेहतर है गलती की जगह को पकड़ना।
- यह तरीका गुणा, भाग और अलजेब्रा में बहुत काम आता है।
10 मिनट का मेंटल मैथ्स ड्रिल
बच्चे की गणना करने की स्पीड बढ़ाने के लिए एक टाइमर सेट करें।
- रोज 10 मिनट के अंदर छोटे-छोटे सवाल दें, जैसे: 25 × 4, 150 ÷ 5, 99 + 36, या 200 का 15%।
- इसका मकसद बच्चे को तेजी से सोचने की आदत डालना है।
- हर हफ्ते देखें कि बच्चे ने कितने सवाल सही किए, इससे उसमें सुधार दिखेगा।
गणित कोई डरने या रटने का विषय नहीं है, बल्कि यह समझ और सही अभ्यास का खेल है। यदि बच्चों को दैनिक जीवन के उदाहरणों, जैसे खरीदारी और किचन के कामों से जोड़ा जाए, तो गणित उनके लिए आसान और मजेदार बन सकता है।
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