बच्चों का कभी-कभार झूठ बोलना एक सामान्य बात है जैसे किसी सजा के डर से या फिर आपका ध्यान खींचने के लिए। मगर जब यह एक आदत बन जाए, तो माता-पिता का परेशान होना स्वाभाविक है। ऐसे में ज्यादातर पेरेंट्स बच्चे पर चिल्लाने लगते हैं या उन्हें कड़ी सजा देने की गलती कर बैठते हैं। गुस्सा करने या डांटने से बच्चा सच बोलना नहीं सीखता, बल्कि वह अगली बार और अधिक चालाकी से झूठ बोलना सीख जाता है। अगर आपका बच्चा भी बार-बार झूठ बोल रहा है, तो गुस्से के बजाय धैर्य और समझदारी से इस आदत को बदला जा सकता है। आज के इस लेख में स्टेरिस हेल्थकेयर की चेयरमैन जीवन कसारा से जानते हैं 5 ऐसे आसान तरीके, जो बच्चे की इस आदत को सुधारने में आपकी मदद करेंगे।

डांटने या सजा देने के बजाय शांत रहें

जब बच्चा झूठ बोले, तो उस पर तुरंत न चिल्लाएं और न सजा दें। डर के कारण बच्चा खुद को बचाने के लिए बार-बार झूठ बोलना शुरू कर देता है। इसलिए जब भी वह कोई गलती छुपाए, तो शांति से उससे बात करें। उसे यकीन दिलाएं कि सच बोलने पर उसे मारा या डांटा नहीं जाएगा।

सच बोलने पर बच्चे की तारीफ करें

बच्चे को यह एहसास कराना बहुत जरूरी है कि सच की कीमत झूठ से कहीं ज्यादा होती है। जब भी बच्चा अपनी किसी गलती को मान ले और सच बता दे, तो उसकी तारीफ जरूर करें। उससे कहें कि 'मुझे खुशी है कि तुमने सच बोला।' ऐसा करने से उसका हौसला बढ़ेगा और वह भविष्य में कभी सच छुपाने की कोशिश नहीं करेगा।

झूठ बोलने के पीछे की वजह को समझें

बच्चा बिना वजह झूठ नहीं बोलता, इसके पीछे कोई न कोई डर, ध्यान खींचने की वजह होती है। कभी-कभी बच्चे किसी गलती की सजा से बचने के लिए झूठ बोलते हैं। पेरेंट्स के तौर पर आपको यह समझना बहुत जरूरी होता है कि बच्चा किस दबाव में आकर झूठ बोल रहा है, जिससे सही वजह का पता लगाकर समाधान निकाला जा सके।

खुद सच बोलकर बच्चे के रोल मॉडल बनें

बच्चे वही सबसे जल्दी सीखते हैं, जो वे अपने घर में अपनों को करते हुए देखते हैं। अगर आप बच्चे के सामने छोटी-छोटी बातों पर दूसरों से झूठ बोलेंगे या बातें छुपाएंगे, तो बच्चा भी वही सीखेगा। इसलिए खुद बच्चे के सामने हमेशा सच बोलने की आदत डालें।

सच और झूठ में फर्क समझाएं

बच्चों को सिर्फ यह मत कहिए कि झूठ बोलना बुरी बात है, बल्कि उन्हें उदाहरण देकर समझाएं कि झूठ बोलने से क्या-क्या हो सकता है? उन्हें कहानियों या आसान उदाहरणों के जरिए बताएं कि एक बार भरोसा टूट जाए, तो सच बोलने पर भी लोग यकीन नहीं करते। जब बच्चे को परिणाम समझ आएंगे, तो वह खुद ही सच बोलना शुरू कर देगा।

अगर आपका भी झूठ बोलता है और आप उसे डांटती या मारती हैं, तो बिल्कुल बंद कर दें। साथ ही ऊपर बताई गई बातों को अपनाएं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।

Image Credit- Magnific