यह काफी हद तक सही है कि उम्र बढ़ने के साथ ही इंटिमेसी में दिलचस्पी कम होने लगती है, कई तरह की शंकाएं और झिझक बढ़ने लगती है, जिससे सेक्शुअल लाइफ नीरस हो जाती है। विशेषज्ञों की मानें तो कपल 50 के बाद भी फिजिकल क्लोजनेस का आनंद ले सकते हैं। बस इसके लिए उन्हें सही जानकारी के साथ ही संदेह और झिझक को खत्म करने की जरूरत है। कभी-कभी इसके लिए काउंसलिंग की जरूरत भी पड़ सकती है, ऐसे में संकोच न करें।
50 के बाद सेक्शुअल हेल्थ को लेकर चुप्पी क्यों?
एक्सपर्ट की मानें तो हमारे समाज में यह अवधारणा प्रचलित है कि बढ़ती उम्र के साथ पार्टनर से नजदीकी की जरूरत नहीं रह जाती, जबकि यह बार-बार बोला जाने वाला झूठ है। ऐसा इसलिए, क्योंकि समाज में इंटिमेसी के बारे में बात करना अब भी आपको असहज कर सकता है। खासतौर से महिलाओं के बारे में अब भी इसे स्वभाविक इच्छा के बजाय किसी जिम्मेदारी या समर्पण की तरह बयां किया जाता है। ये पुराने टैबू हैं, जिन्हें अब नई पीढ़ी कुछ हद तक तोड़ती दिख रही है। 50 के बाद सेक्शुअल रिलेशन को बढ़ाने वाले टिप्स के बारे में हमें दिल्ली से इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. अजीत सक्सेना बता रहे हैं।
खुलकर करें बातें
कपल्स के बीच संवाद का पुल कभी टूटना नहीं चाहिए। दोनों पार्टनर्स को अपनी इच्छाओं और भावनाओं के बारे में खुलकर बात करनी चाहिए। इससे किसी तरह की समस्या होने पर दोनों मिलकर समाधान ढूंढ़ सकते हैं। यदि एक पार्टनर सेक्शुअली एक्टिव है और दूसरे की इच्छा खत्म हो रही है, तो थेरेपिस्ट से मिलकर समस्या का समाधान ढूंढ़ा जा सकता है।
यह तो मस्ट है...
हर उम्र के लोगों के लिए एक्सरसाइज जरूरी है। इससे मसल्स मजबूत होती हैं, इंटिमेट मोमेंट्स के दौरान पीठ, कमर दर्द की शिकायत नहीं रहती। वर्कआउट से ब्रेन में ऐसे केमिकल रिलीज होते हैं, जो आपका मूड अच्छा बनाए रखने में मदद करते हैं। वहीं एक्सरसाइज से आप फिट बने रहते हैं, जिससे पर्सनैलिटी निखरती है। महिलाएं कीगल एक्सरसाइज करें, इससे पेल्विक मसल्स मजबूत बनती हैं।
कुछ नया करें ट्राई
50 के बाद पार्टनर से नजदीकी बढ़ाने के लिए कुछ बातों को ध्यान रखना जरूरी होता है
- एक-दूसरे की मसाज करें या शॉवर को एंजॉय करें। फिजिकल इंटिमेसी के लिए प्यार भरा स्पर्श ही काफी होता है।
- अर्थराइटिस से पीड़ित हैं तो ऐसी पोजिशन ट्राई करें, जिससे पैरों पर प्रेशर न आए।
- कुछ दवाओं की वजह से बढ़ती उम्र में फिजिकल क्लोजनेस में समस्याएं आ सकती हैं, इसमें शामिल हैं एंटीडिप्रेसेंट, एंटीहिस्टामाइन, ब्लड प्रेशर की दवाएं, कोलेस्ट्रॉल व अल्सर की दवा। जब भी ऐसा महसूस हो कि किसी दवा की वजह से इच्छा में कमी आ रही है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
एक रिसर्च के मुताबिक, जो कपल हफ्ते में कम से कम तीन बार इंटिमेसी का आनंद लेते हैं, उन्हें अच्छी नींद आती है। इतना ही नहीं, जिन कपल्स की इंटिमेट लाइफ एक्टिव रहती है, वे अपने लुक, डाइट और एक्सरसाइज पर अधिक ध्यान देते हैं। जाहिर है जब आप हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करते हैं तब नींद भी अच्छी आती है।
50 की उम्र के बाद सेक्शुअल रिलेशन के फायदे
50 के बाद इंटिमेट होने के उतने ही फायदे हैं जितने यंग एज में होते हैं। फिजिकल रिलेशन का सीधा संबंध प्लेजर से है।
- पार्टनर से नजदीकी के दौरान डोपामाइन हार्मोन रिलीज होता है, जिसे हैप्पी हॉर्मोन कहा जाता है। यह फील गुड महसूस करवाता है।
- इंटिमेसी से ऑक्सीटोसिन हार्मोन बढ़ता है, जो पॉजिटिव सोच, बॉन्ड को मजबूत करने और ट्रस्ट बिल्ड करने में मददगार है।
- उम्र के इस पड़ाव पर इन भावनाओं की उतनी ही जरूरत होती है, जितनी 20-30 की उम्र में थी।
- एक उम्र के बाद फिजिकल क्लोजनेस से पुरुष भविष्य में होने वाले प्रोटेस्ट कैंसर से बच सकते हैं। इसी तरह महिलाएं भी क्रोनिक सिस्टाइटिस, इनकॉन्टिनेंस से बच सकती हैं।
- जाहिर है कुछ समय बाद आप हर प्रकार की एक्सरसाइज नहीं कर सकते, लेकिन फिजिकल क्लोजनेस इस उम्र में बेहतर एक्सरसाइज साबित होती है।
- इस उम्र में फिजिकल क्लोजनेस से डिप्रेशन और उदासी से छुटकारा मिल सकता है।
- इस उम्र में अनिद्रा की समस्या रहती है, लेकिन इंटिमेट होने के बाद अच्छी नींद आती है। ऐसा मसल्स के रिलैक्स होने और मूड अच्छा होने के कारण होता है।
जरूरी बात: अपने डॉक्टर से खुलकर बात करें। इस बात का जरूर ध्यान रहे कि फिजिकल इंटिमेंसी कोई टैबू नहीं है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
लेखक: गीतांजलि
Image Credit: magnific.com
