क्या आपने कभी नोटिस किया है कि कई बार जब हमें तनाव या एंग्जायटी महसूस होती है, तो हम घर की सफाई में जुट जाते हैं। अगर ऐसा आपके साथ भी होता है, तो पहले तो यह समझ लीजिए कि ऐसा आपके साथ नहीं, बल्कि कई महिलाओं के साथ होता है। असल में कई महिलाएं जब तनाव, बेचैनी या बहुत ज्यादा इमोशनल महसूस करती हैं, तो वे घर की सफाई करने लगती हैं? यह कोई अजीब बात नहीं है। असल में इसका कारण साइकोलॉजी में छुपा है। चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से समझते हैं। यह जानकारी Dr. Pragya Rashmi, Consultant Psychologist- Yashoda Hospitals, Hyderabad दे रही हैं।

तनाव होने पर सफाई क्यों करने लगती हैं महिलाएं?

 

1. लाइफ में कंट्रोल का मिलता है एहसास

 

असल में जब महिलाएं तनाव में होती है, किसी बात को लेकर घबराहट महसूस होती है या जिंदगी के बाकी पहलू अनिश्चित लगने लगते हैं, तो सफाई करने से उन्हें कहीं न कहीं चीजों पर कंट्रोल होने का एहसास हो सकता है।

2. परेशान करने वाले विचारों से हटता है ध्यान

फर्श पर झाड़ू लगाना, कमरा व्यवस्थित करना या अलमारियां ठीक करना, ये सभी साफ-सुथरे और आसानी से किए जाने सकने वाले काम हैं और इन्हें करने से तुरंत सफलता का एहसास होता है। ऐसे में मन को परेशान करने वाले विचारों से भी कुछ देर के लिए राहत मिल जाती है या यूं कहें कि उनसे ध्यान हट जाता है।

3.मन होता है शांत

इसके अलावा, साफ-सुथरा माहौल आंखों को चुभने वाली चीजों को कम कर सकता है और कुछ महिलाओं को ज्यादा सुकून का एहसास करा सकता है, वहीं बार-बार दोहराए जाने वाले काम मन को शांत करने में मदद कर सकते हैं।

4. नई एनर्जी महसूस होती है

घर के काम पूरे करने से दिमाग का 'रिवॉर्ड सिस्टम' सक्रिय हो सकता है, जिससे संतुष्टि और राहत का अनुभव होता है। कई महिलाओं को ऐसा करने से घबराहट में भी कमी महसूस होती है और दिमाग शांत होता है। कई बार सफाई करने से महिलाओं को नई एनर्जी या फिर नई शुरुआत जैसा महसूस होता है और इससे उनका दिमाग तनाव को भूलने लगता है।

क्या तनाव होने पर हर बार सफाई करना सही है?

तनाव होने पर अगर आप भी साफ-सफाई करने लगती हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन स्ट्रेस कम करने के लिए किसी व्यक्ति को सिर्फ सफाई पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए। अगर आपको बार-बार सफाई करने की जरूरत महसूस होती है, चीजें एकदम सही ढंग से व्यवस्थित न होने पर आप परेशान हो जाती है या आपको लगातार चिंता, नींद की समस्या या मूड में उतार-चढ़ाव महसूस होता है, तो आपको डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। शारीरिक गतिविधि, योग, मेडिटेशन, भरपूर नींद और किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करने से आपकी मेंटल हेल्थ बेहतर होगी और तनाव कम महसूस होगा।

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